Jharkhnad Coronavirus: Fear of lockdown and corona began to affect peoples mental health – लॉकडाउन और कोरोना के डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालना शुरू कर दिया


भविष्य की अनिश्चितता लोगों को डरा रही है. रातू रोड की सुमन (बदला हुआ नाम) रोजाना कोरोना, लॉकडाउन और कारोबार जगत से जुड़ी खबरें पढ़ रही हैं और टीवी पर देख भी रही हैं. उनका अपना ब्यूटी पार्लर है, जो लॉकडाउन के कारण बंद है. लिहाजा आमदनी नहीं हो रही है, जबकि खर्च लगातार जारी है. स्टाफ को भी सैलरी देनी है. वह कहती हैं- बिजनेस ठप हुए दो माह से ऊपर हो चुके हैं. आगे क्या होगा, पता नहीं. यही सोचकर रात में नींद से अचानक से उठ जाती हूं. वह बच्चों और पति से बात करते ही तनाव में आ जाती हैं. फिलहाल आज के दौर में यह कहानी सिर्फ एक सुमन की नहीं है, बल्कि उनके जैसे कई लोगों को ऐसी ही परिस्थिति से दो-चार होना पड़ रहा है.

इसी तरह बहु बाजार के संजय टीवी आदि की रिपयेरिंग करते हैं वे कहते हैं- बिजनेस बंद है. पैसा नहीं है. अब कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि घर कैसे चलेगा. हिंदपीढ़ी का शमीम जिस ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर में काम करता है, उसके मालिक ने साफ कह दिया है कि अगर लॉकडाउन बढ़ा तो उसे नौकरी पर नहीं रख सकते. शमीम नौकरी जाने के डर से डिप्रेशन में है.

कुछ इसी तरह के सवाल वर्तमान में कांके स्थित केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) के हेल्पलाइन नंबर पर पूछे जा रहे हैं. मनोचिकित्सक कहते हैं कि लॉकडाउन की वजह से लोग घरों में कैद हैं. सब कुछ जैसे ठहर सा गया है. भाग-दौड़ की जिंदगी में अचानक लगे इस ब्रेक से लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है. चिंता, डर, अकेलापन और अनिश्चितता के इस माहौल से लोग जूझ रहे हैं. हालांकि सीआईपी ने लोगों को इस तरह की समस्या से निजात दिलाने के लिए ही हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

सीआईपी : मेंटल हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री नंबर : 1800-34-51849
टेलीफोन : 0651-2451115, 2451116, 2451119
मोबाइल नंबर : 9334915046, 9334915047, 9334915048, 9334915049, 9334915050, 9334915051, 9334915052, 9334915053, 9334915054, 9334915056, 9334915057, 9334915058, 9334915060, 9334915062, 9334915063.

हर अंधेरा के बाद सवेरा होता है

डॉ राम मनोवैज्ञानिक हैं. वे कहते हैं कि यह शुभ संकेत नहीं हैं. लोगों को यह भी समझना चाहिए कि हर अंधेरे के बाद सवेरा होता है. सीआईपी के निदेशक डॉ डी राम कहते हैं कि अधिक से अधिक लोग हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें, इसलिए नंबर बढ़ाए गए हैं. हम लोगों की बातें सुनते हैं. उन्हें उचित सलाह देने का प्रयास करते हैं, ताकि वे इससे उबर सकें.

VIDEO : मृतकों के शव ट्रक से भेजने पर सीएम हेमंत सोरेन नाराज

Maharashtra ; mumbai shiv sena leader sanjay raut blames ‘Namaste Trump’ event for COVID-19 spread | शिवसेना नेता राउत ने कहा- कोरोना फैलने के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम जिम्मेदार, इससे गुजरात के बाद मुंबई-दिल्ली में संक्रमण बढ़ा


  • अहमदाबाद में 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे पर नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम हुआ था
  • राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में साप्ताहिक लेख में कहा- राहुल गांधी ने लॉकडाउन के विफल होने का सटीक विश्लेषण किया था

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 07:47 PM IST

मुंबई. शिवसेना नेता संजय राउत ने देश के महानगरों में कोराेनावायरस फैलने के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में गुजरात में हुए इस कार्यक्रम के कारण संक्रमण बाद में मुंबई और दिल्ली में फैला। ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को अहमदाबाद में एक रोड शो में हिस्सा लिया था। इसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने मोटेरा क्रिकेट मैदान में एक लाख से अधिक लोगों को संबोधित किया था।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक लेख में राउत ने कहा- इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में एकत्रित हुए जनसमूह के कारण गुजरात में कोरोनावायरस फैला है। ट्रंप के साथ आई टीम कुछ सदस्य मुंबई, दिल्ली भी गए थे, जिसके कारण संक्रमण फैला। गुजरात में कोरोनावायरस का पहला मामला 20 मार्च को सामने आया था। जब राजकोट के एक व्यक्ति और सूरत की एक महिला में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

लॉकडाउन बिना योजना के, अब इसे हटाने की जिम्मेदारी राज्यों पर डाली
उन्होंने कहा- लॉकडाउन बिना किसी योजना के लागू किया गया, लेकिन अब इसे हटाने की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी गई है। इस अनिश्चितता से संकट और बढ़ेगा। ये अराजकता इस संकट को बढ़ाने का ही काम करेगी। राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लॉकडाउन के विफल होने का सटीक विश्लेषण किया था।

राउत ने कहा- यह आश्चर्यजनक है कि कोरोनावायरस मामलों में बढ़ोतरी के लिए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर कुछ लोग राजनीति चमका रहे हैं। अगर राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए संक्रमण से निपटने में विफलता आधार है तो इसे 17 अन्य राज्यों में भी लगाया जाना चाहिए। इनमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं। महामारी को रोकने में केंद्र सरकार विफल रही है। उसके पास कोई योजना नहीं थी।

सरकार को कोई खतरा नहीं, तीनों पार्टियों का साथ रहना मजबूरी
शिवसेना सांसद ने कहा कि सरकार गिराने की भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार (एमवीए) को कोई खतरा नहीं है। राउत ने कहा- यहां तक ​​कि अगर सत्तारूढ़ साझेदारों के बीच आंतरिक संघर्ष है, तो भी सरकार को कोई खतरा नहीं है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली इस सरकार का अस्तित्व बचाए रखने के लिए तीनों सहयाेगी पार्टियों शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का साथ रहना मजबूरी है। 

शिवसेना नेता ने कहा- देवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली भाजपा और शिवसेना की सरकार थी। उन्होंने सत्ताधारी सहयोगियों के बीच आंतरिक संघर्ष देखा, लेकिन तब भी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। फडणवीस अब विपक्ष के नेता हैं। अघाडी सरकार की अंर्तकलह से पतन की भविष्यवाणी कर रहे हैं। अगर भाजपा और शिवसेना के बीच गहरे आंतरिक संघर्षों के बाद सरकार चली तो अब कैसे गिर सकती है। 

उन्होंने कहा- फडणवीस ने हाल ही में एक ऑनलाइन से मीडिया बातचीत में कहा कि उनका एमवीए सरकार को अस्थिर करने का कोई इरादा नहीं था। यह अपने आप ही ढह जाएगी। उन्होंने कहा, फडणवीस का मतलब यह है कि तीनों सहयोगियों के बीच कलह पैदा करने और विधायकों को तोड़ने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। अब विपक्ष को उम्मीद है कि सहयोगी दलों के बीच कुछ होगा और सरकार टूट जाएगी।

Delhi Coronavirus: Government gives notice to hospitals on late reporting of deaths from corona – दिल्ली में कोरोना से मौतों के आंकड़ों में लेट रिपोर्टिंग पर सरकार ने अस्पतालों को दिए नोटिस


दिल्ली में कोरोना से मौतों के आंकड़ों में लेट रिपोर्टिंग पर सरकार ने अस्पतालों को दिए नोटिस

दिल्ली का लोकनायक हॉस्पिटल.

नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus: दिल्ली सरकार के बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को चेतावनी देकर पूछा गया है कि आखिर मौत के मामले की देर से रिपोर्टिंग की वजह क्या है? और क्यों इन अस्पतालों ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के निर्देशों का उल्लंघन किया?

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केंद्र सरकार के अस्पताल एम्स, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल को कारण बताओ नोटिस देकर पूछा गया है कि मौत के मामलों की देर से रिपोर्टिंग की वजह क्या है और स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली डिसास्टर मैनजमेंट अथॉरिटी के निर्देशों का उल्लंघन क्यों किया गया? दिल्ली सरकार के सबसे बड़े कोरोना अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल को भी कारण बताओ नोटिस देकर यही सवाल पूछा गया है. 

लोकनायक अस्पताल को एडवाइजरी जारी करके कहा गया है कि वह भविष्य में सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग के आदेशों का ठीक से पालन करें जिससे सरकार के मौत के आंकड़ों के रिपोर्टिंग में असंगति ना हो.

आपको बता दें पिछले कुछ समय से दिल्ली में कोरोना से मरने वाले लोगों के आंकड़ों में अनियमितता देखने को मिल रही है. दिल्ली में 10 मई तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या केवल 73 थी. जबकि 31 मई को दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन में 473 कोरोना मरीजों की मृत्यु की बात कही गई है.

दिल्ली सरकार ने 10 मई को आदेश जारी करके सभी अस्पतालों से कहा था कि अस्पताल कहने के बावजूद मौत के मामलों की रिपोर्ट डेथ ऑडिट कमेटी को नहीं भेज रहे हैं. इसलिए अब सभी अस्पताल हर शाम 5:00 बजे अपने यहां हुई मौतों की रिपोर्ट डेथ ऑडिट कमेटी को भेज दें.

जबकि पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जब सभी अस्पतालों से कहा था कि वह यह सर्टिफिकेट दें कि उन्होंने अपने यहां हुई मौतों की सारी जानकारी डेथ ऑडिट कमेटी को भेज दी है. तब मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल ने 52 मौतों की रिपोर्ट दिल्ली सरकार को भेजी.

31 मई को जारी किए गए दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन में 57 मौत की बात की गई है जिसमें से केवल 13 मौत ही पिछले 24 घंटे में हुई जबकि 44 मौत 5 अप्रैल से लेकर 28 मई के बीच हुई थीं. जबकि 29 मई को दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन में 82 मौत का जिक्र किया गया जिसमें से केवल 13 ही पिछले 24 घंटे में हुई थी जबकि 69 मौतें 10 अप्रैल से लेकर 26 मई के बीच हुई थीं. दिल्ली सरकार ने बताया था कि इनमें से 52 मौतें अकेले सफदरजंग अस्पताल ने रिपोर्ट की है लेकिन देरी से रिपोर्ट की हैं.

Bollywood News In Hindi : popular music composer wajid khan passed away at age of 42, , was hospitalized in mumbai due to kidney problem | म्यूजिक कम्पोजर वाजिद खान का 42 की उम्र में निधन, लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे


  • सोशल मीडिया पर वाजिद खान की मौत की वजह कोरोना बताई जा रही, उनके दोस्त एक्टर रणवीर शौरी ने ट्वीट में यह दावा किया
  • साजिद-वाजिद सलमान खान के पसंदीदा म्यूजिक कम्पोजर, वाजिद ने पहला और आखिरी गाना उन्हीं के लिए तैयार किया था

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 03:59 AM IST

मुंबई.

बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कम्पोजर वाजिद खान का रविवार देर रात निधन हो गया। वे 42 साल के थे। साजिद-वाजिद की जोड़ी से पॉपुलर हुए वाजिद लंबे वक्त से किडनी की परेशानी से जूझ रहे थे। उनका मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। अचानक हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। निधन के बाद कई सेलेब्स ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया।

मौत की वजह कोरोना भी बताई जा रही
सोशल मीडिया पर वाजिद की मौत का कारण कोरोना संक्रमण बताया जा रहा है। इस खबर को कन्फर्म करते हुए एक्टर और वाजिद के बचपन के दोस्त रणवीर शौरी ने लिखा, ‘मैं अपने बचपन के दोस्त की खबर सुनकर दुखी हूं। वाजिद ने कोविड-19 के आगे घुटने टेक दिए। मैं सदमे में हूं। वाजिद मेरे भाई तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए हग्स भेज रहा हूं। ये बहुत दुखद है।’

पहला और आखिरी काम सलमान के साथ, ईद पर रिलीज हुआ था गाना
साजिद-वाजिद सलमान खान के पसंदीदा म्यूजिक कम्पोजर रहे हैं। वे ईद के मौके पर सलमान ‘भाई -भाई’ गाना लेकर आए। दोनों की जोड़ी ने सलमान की फिल्म प्यार किया तो डरना क्या से ही बतौर कम्पोजर बॉलीवुड में कदम रखा था। वहीं, वाजिद का आखिर गाना भी सलमान के साथ ही था। इसके अलावा ‘दबंग 3’ के सभी गाने इन्हीं के कम्पोजिशन में तैयार हुए थे। ‘सोनी दे नखरे’, ‘माशाअल्लाह’, ‘डू यू वन्ना पार्टनर’ इनके कई ब्लॉकबस्टर गानों में से हैं।

सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी जा रही

वाजिद के करीबी दोस्त और सिंगर सलीम मर्चेंट ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। ट्विटर पर लिखा- साजिद-वाजिद फेम वाजिद खान के निधन की खबर सुनकर उजड़ गया हूं। अल्लाह उनके परिवार को शक्ति दे। सेफ ट्रेवल भाई वाजिद खान। तुम बहुत जल्दी चले गए। मैं सदमे में और टूटा हुआ हूं।

सोनू निगम ने भी तस्वीर शेयर कर वाजिद खान को याद किया


LPG prices will increase from today, know what will be its price now – रसोई गैस के दाम आज से बढ़ जाएंगे, जानिए अब क्या होगी इसकी कीमत


रसोई गैस के दाम आज से बढ़ जाएंगे, जानिए अब क्या होगी इसकी कीमत

जून माह में रसोई गैस के दाम बढ़ा दिए गए हैं.

नई दिल्ली:

रसोई गैस (LPG) के दाम मई माह में कम कर दिए गए थे. दिल्ली में रसोई गैस के दाम प्रति सिलेंडर रिफिल 744 रुपये से घटाकर 581.50 रुपये कर दिए गए थे. यह दाम सभी उपभोक्ताओं के लिए लागू किए गए थे. गैस के दामों में कमी इसकी अतंरराष्ट्रीय कीमत में कमी आने के कारण की गई थी. लेकिन अब जून माह में गैस के दामों में फिर वृद्धि की जा रही है.  

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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के मुताबिक जून 2020 के लिए एलपीजी के दामों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में वृद्धि के कारण दिल्ली में एलपीजी की रिटेल सेलिंग प्राइज प्रति सिलेंडर 11.50 रुपये बढ़ाई जाएगी. इस वृद्धि के बाद दिल्ली में रसोई गैस के दाम प्रति सिलेंडर 593 रुपये हो जाएंगे. 

रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का असर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) के लाभार्थियों पर नहीं होगा क्योंकि वे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना द्वारा कवर किए गए हैं और वे 30 जून तक मुफ्त सिलेंडर पाने के हकदार हैं.

गौरतलब है कि अप्रैल में कच्चे तेल की कीमतों के बीच मेट्रो शहरों में बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर (Non-subsidised LPG Cylinder) के दाम में 61.5 रुपये से लेकर 65 रुपये तक की कटौती की गई थी. बिना सब्सिडी वाली एलपीजी सिलेंडर के दाम में लगातार दूसरे महीने कमी की गई थी. इससे पहले मार्च में सिलेंडर के दाम में कमी की गई थी. खुदरा तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के मुताबिक एक अप्रैल से दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम 61.5 रुपये प्रति सिलेंडर और मुंबई में 62 रुपये कम किए गए थे. दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर या रसोई गैस के दाम 744 रुपये किए गए थे. इससे पहले इसका दाम 805.5 रुपये सिलेंडर था.

मार्च, अप्रैल और मई में रसोई गैस के दामों  में लगातार तीन माह कटौती की गई. अब जून माह में एक इसकी कीमत में आंशिक बढ़ोत्तरी की जा रही है.

VIDEO: साल की शुरुआत में ही रसोई गैस के दाम बढ़े

Punjab Coronavirus PM Modi admired Pathankot’s Raju a beggar who distributed more than 3 thousands masks till now | व्हीलचेयर पर लोगों से पाई-पाई मांगकर गुजारा करने वाले राजू ने बांटे 3 हजार मास्क, 100 परिवारों को दिया राशन


  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में राजू की तारीफ की
  • दिव्यांग राजू पंजाब के पठानकोट में रहते हैं और खुद भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 08:13 PM IST

पठानकोट. कोरोना संक्रमण से देश-दुनिया में खौफ का माहौल है। लोग तरह-तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपनी सामर्थ्य की सीमा को लांघकर दूसरों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इन्हीं में से एक नाम राजू का भी है। पठानकोट का राजू आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। भीख मांगकर गुजारा करता है। बावजूद इसके राजू जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहा है। दिव्यांग राजू ने दूसरों की मदद से जोड़ी गई छोटी सी पूंजी से 3000 से अधिक मास्क बनवाकर लोगों में बांटे और 100 परिवारों के लिए राशन जुटाया।

रविवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में उसकी तारीफ की। राजू बचपन से ही दिव्यांग है। उसके माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। तीन भाई और तीन बहनें हैं, पर दिव्यांग होने की वजह से उन्होंने 30 साल पहले राजू को बेसहारा छोड़ दिया था। सड़क पर भीख मांगने के अलावा जीने को कोई जरिया न था। नियति को स्वीकर कर राजू ने भीख मांगना शुरू कर दिया। 

पठानकोट में अधिकांश लोग राजू को जानते हैं। उसका अंदाज ही कुछ ऐसा है कि जो एक बार देख ले उसे भूल नहीं पाता। दरअसल, शहर के चौक-चौराहों पर भीख मांगकर जीवन बसर कर रहा राजू चलने-फिरने में असमर्थ है। कभी जमीन पर तो कभी व्हीलचेयर पर देखा जा सकता है। कपड़े भी मैले-कुचैले होते हैं, लेकिन उसके दूसरे चेहरे की बात की जाए तो लोगों को जब उसके नेक कामों के बारे में पता चलता है तो भीख देने के लिए बढ़े हाथ सलाम के लिए भी उठ खड़े होते हैं। वह भीख से जमा पैसों को नेक काम में लगा देता है।

 
बीते दिनों पठानकोट की ढांगू रोड स्थित एक पुलिया टूट गई थी। यहां कई लोग हादसे का शिकार हो गए। राजू भी यहां हादसे का शिकार हुआ। सरकारी महकमा पुल को ठीक करने के लिए कदम नहीं बढ़ा पाया तो राजू ने खुद मिस्त्री बुलाकर पुलिया की मरम्मत करवाई। राजू अब तक कई बेसहारा लोगों को सहारा दे चुका है। जिन्हें राजू के कार्यों के बारे में पता है वह उसे दिल खोलकर दान देते हैं। राजू भी इनका दुरुपयोग नहीं करता। वह इन पैसों से जरूरतमंद परिवारों की हरसंभव सहायता करता है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर साल कुछ सिलाई मशीनें उपलब्ध कराता है। कुछ बच्चों की फीस का खर्च उठाता है। कॉपी-किताब के लिए मदद करता है। कोरोना वायरस संक्रमण काल में भी राजू मदद के हाथ बढ़ा रहा है।

Noida Coronavirus: Highest single day corona positive cases


Coronavirus: नोएडा में एक ही दिन में सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

Coronavirus: दिल्ली एनसीआर के नोएडा में एक ही दिन में अब तक के सबसे अधिक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले रविवार को सामने आए. नेशनल इंस्टीट्यूट बायोलाजिकल्स की लैब में टेस्ट हुए मामलों में 51 पॉजिटिव पाए गए हैं. इसमें से नोएडा के 48 मामले हैं. 

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नोएडा जिला प्रशासन ने देर रात बुलेटिन जारी किया है. जिले में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 453 हो गया है. इनमें से 294 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. इसले अलावा 161 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. कोरोना वायरस से अब तक सात मरीजों की मौत हो चुकी है.

गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में शनिवार को कोरोना (Covid-19) संक्रमितों का कुल आंकड़ा 1.82 लाख पर पहुंच गया. इसके साथ भारत दुनिया के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देशों की सूची में 9वें से 7वें स्थान पर पहुंच गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस मरीज़ों की कुल संख्या बढ़कर 1,82,143 हो गई है और जबकि इस वायरस से अब तक 5,164 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, शनिवार को कोरोना के 8,380 नए मामले सामने आए हैं और 193 लोगों की जान गई है.

VIDEO : दिल्ली से लगी यूपी और हरियाणा की सीमाएं सील

Jammu-Kashmir Latest News; Terrorist camps, launch pads in PoK full, Army’s response to CFV swift and hard | सेना ने कहा- पीओके के लॉन्च पैड्स में आतंकी भरे हुए हैं, ये पाकिस्तानी आर्मी की मदद से गर्मियों में घुसपैठ की कोशिश करेंगे


  • ले. जनरल बीएस राजू ने कहा- सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का सफाया किया, पाकिस्तान इससे असहाय महसूस कर रहा
  • घाटी में आतंकवादियों के सफाए के बाद उनकी जगह भरने के लिए पाकिस्तान आतंकवादियों की घुसपैठ की फिराक में है

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 08:25 PM IST

नई दिल्ली. सेना ने रविवार को बताया कि आने वाले वक्त में सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका है। लेफ्टिनेंट जनरल बग्गावली सोमशेखर राजू ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सभी टेररिस्ट कैंप और करीब 15 लॉन्च पैड में आतंकी भरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में आतंकियों के सफाए के बाद उनकी कमी को पूरा करने के लिए पीओके के आतंकवादी घुसपैठ करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने एक मार्च को श्रीनगर में एक्सवी कॉर्प्स की कमान संभाली है।

“घाटी में आतंकवाद की कमर टूट गई’
न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा कि पाकिस्तान यह बात हजम नहीं कर पा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति है और यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो रही है। वह यह भी जानता है कि आतंकवादियों के खिलाफ हमारे अभियानों के चलते स्पष्ट रूप से आतंकवाद की कमर टूट गई है। वह मारे गए आतंकियों की जगह भरना चाहता है और हमें लगता है कि इन गर्मियों में घुसपैठ की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी। यही वह सीजन है, जिस दौरान आतंकवादी घुसपैठ कर सकते हैं।  

“पाकिस्तान अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहा’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 30 साल से घुसपैठ में आतंकवादियों की मदद कर रहा है। अभी भी कुछ सीजफायर वॉयलेशन की घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन, हम इन सभी वॉयलेशन का लगातार जवाब दे रहे हैं। हमारे जवाब के चलते पाकिस्तान घुसपैठ के अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहा है। हमारी घुसपैठ रोकने वाली ग्रिड मजबूत है।
अगर कोई हमारे देश के खिलाफ हथियार उठाएगा और बुरी नीयत दिखाएगा तो उसके साथ हम लोग सख्ती से पेश आएंगे। सेना ऐसी किसी भी घटना का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। दुनिया कोरोनावायरस संक्रमण से लड़ रही है और ऐसे वक्त में भी पाकिस्तान सीमा पार अपनी बुरी नीयत को अंजाम देने की कोशिशों में जुटा है। 

The month of May has been difficult for the security forces in Kashmir, as many terrorists died as many Jawans – कश्मीर में मई माह सुरक्षाबलों के लिए कठिन गुजरा, जितने आतंकी मरे उतने ही सुरक्षाकर्मी शहीद


कश्मीर में मई माह सुरक्षाबलों के लिए कठिन गुजरा, जितने आतंकी मरे उतने ही सुरक्षाकर्मी शहीद

शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

मई का महीना कश्मीर में सुरक्षा बलों पर काफी भारी पड़ा है. हालात ये है कि इस महीने में जितने आतंकी सुरक्षाबलों ने मार गिराए हैं करीब उतने ही सुरक्षाबल जवानों को इस कामयाबी के लिए शहादत देनी पड़ी है. इस महीने कश्मीर में आतंकियों के साथ नौ मुठभेड़ें हुईं. सुरक्षाबलों पर चार हमले हुए. इनमें छह आम नागरिकों की जान गई. तीन को आतंकियों ने मार दिया और तीन श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान दीवार गिरने से मर गए.

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मई महीने में शहीद होने वाले 15 सुरक्षाकर्मियों में सबसे अधिक नुकसान सेना को हुआ है जिसने इस कामयाबी के लिए अपने सात जवानों का गंवा दिया है. सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के तीन-तीन जवान शहीद हो गए हैं वहीं बीएसएफ के दो जवानों को भी आतंकी हमले में अपनी जान गंवानी पड़ी है.    

ऐसा नहीं है कि सुरक्षाबलों को केवल नुकसान ही हुआ है. हिज्बुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू से लेकर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष के बेटे जुनैद सहराई का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है.

मई महीने में सुरक्षाबलों को सबसे बड़ा नुकसान तब हुआ जब आतंकी मुठभेड़ में फंसकर सेना के कर्नल आशुतोष, मेजर अनुज और तीन अन्य जवान शहीद हो गए. सेना के कर्नल रैंक के अधिकारी को कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में खोना बहुत अरसे बाद हुआ है. 

बेशक सुरक्षा बलों को इस महीना ज़्यादा नुकसान हुआ है पर उम्मीद है कि अगले महीने ऐसा नहीं होगा. इसमें कोई दो राय नहीं कि सुरक्षाबलों ने कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ दी है और जल्द ही बचे खुचे आतंकियों का सफाया भी कर देंगे.

VIDEO : मुठभेड़ में कर्नल और मेजर समेत 5 शहीद

Electricians and plumbers are eliminating household troubles on video calls, people are afraid to call anyone home during the epidemic | कोरोना के डर से लोग किसी को घर बुलाने से भी डर रहे, ऐसे में इलेक्ट्रीशियन-प्लंबर वीडियो कॉल से परेशानियां दूर कर रहे


  • हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्रों ने वेबसाइट शुरू की, जिसमें लोग बिगड़ी हुई चीजों की फोटो अपलोड कर सलाह ले रहे हैं
  • प्रोफेशनल्स घर के लोगों को काम के दौरान अलग कमरे में रहने की सलाह देते हैं, ताकि कर्मियों का काम करने खुला रास्ता मिले
  • काम के दौरान घर की खिड़कियों और दरवाजों को खुला रखें, क्योंकि एक जगह पर तेज सांस लेने के दौरान वेंटिलेशन जरूरी है

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 12:53 AM IST

रोंडा कैजन. कोरोनावायरस के कारण लोग महीनों से अपने घरों में बंद थे। इस दौरान लोगों ने कोविड के डर के अलावा घर में मौजूद कई परेशानियों का सामना किया, जिसमें वॉशिंग मशीन का खराब होना, नल का बिगड़ जाना जैसी चीजें शामिल थीं। इस बीच एक और परेशानी थी कि घर के मालिक इन्हें सुधरवाने के लिए किसी को भी घर के भीतर आने नहीं देना चाहते थे। उन्हें संक्रमण का डर था। ऐसे में ये लोग परेशानियों से दो-दो हाथ करते रहे। लेकिन इंटरनेट और वर्चुअल सुविधाओं ने उनकी परेशानी खत्म कर दी है। 

इसी तरह की दिक्कतों का सामना मॉन्टक्लेयर में लेखक रशेल क्विन ईगन कर रहीं थीं। उनकी 6 साल पुरानी वॉशिंग मशीन खराब हो गई थी। ऐसे हालातों में उन्होंने अपने बच्चों को हिदायत दी कि, कपड़ों को तब तक पहनें, जब तन इनमें से बदबू न आने लगे। ईगन अपने घर में रिपेयरमैन को नहीं आने देना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने इस परेशानी को टालने का फैसला किया। 

होम रिपेयर का व्यापार कम हुआ
मार्च और अप्रैल में कई रिपेयर सर्विसेज के व्यापार में भारी गिरावट देखी गई। क्योंकि लोगों ने अपने जरूरी कामों को टाल दिया था। स्टे एट होम ऑर्डर्स में जरूरी कामों की छूट थी, लेकिन कई भी यह साफ नहीं था कि, कौन सी सेवाओं को जरूरी माना जाए। कई हालातों में छत से पानी टपकना, बेसमेंट में पानी भर जाना जैसे कामों को घर के मालिकों ने रोकना ठीक समझा।

घर में ज्यादा रह रहे, इसलिए चीजों का इस्तेमाल भी बढ़ गया है
हिप्पों इंश्योरेंस के अप्रैल में किए गए सर्वे में पाया गया कि, घर में रह रहे एक तिहाई अमेरिकियों को होम रिपेयर्स की जरूरत थी। होम सर्व नॉर्थ अमेरिका के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन कित्जी बताते हैं कि, आप सभी चीजों का काफी ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, तो स्वभाविक है कि घर में कई दिक्कतें आएंगी। इसमें बोरडम भी अहम रोल निभाता है। हाथों को दिन में बिगड़े हुए सिंक में 20 बार धोना भी परेशानी का कारण है। 

ग्राहक के घर में जाने से पहले सावधानियां बरत रहे हैं कर्मी
मई की शुरुआत में ईगन ने लोकल कंपनी को फोन कर मशीन ऑर्डर की थी। डिलीवरी मैन घर पर ग्लवव्ज और मास्क लगाकर पहुंचे थे। ईगन ने कर्मियों से जूतों को डिसइंफेक्ट करने के लिए कहा। सीढ़ियों पर भारी मशीन को ले जाना मुश्किल काम था और ईगन तेज सांस को लेकर चिंतित थीं। उन्होंने कहा कि, मुझे उन लोगों के लिए बुरा लग रहा था, मझे नहीं पता कि क्या मैं दूसरों को भी जोखिम में डाल रही हूं।

कई ठेकेदारों ने घर में जाने से पहले सेफ्टी प्रोटोकॉल्स बनाए हैं। मिस्टर हैंडीमैन फ्रैंचाइज के रॉन पोटेस्की अपने कर्मचारियों को ग्लव्ज, मास्क और जूतों पर सुरक्षा के साथ भेजते हैं। इसके अलावा वे वैन, औजारों और काम की जगह को भी सैनिटाइज करते हैं। काम वाले दिन पोटेस्की घर के मालिक से पूछते हैं कि, क्या घर में कोई बीमार है? इसके अलावा बुरा महसूस कर रहे कर्मी भी घर पर रहते हैं।

पोटेस्की घर में रहने वालों के अलग कमरे में जाकर कर्मियों के लिए जगह छोड़ेने की सलाह देते हैं। घर के मालिकों को भी वेंटिलेशन के लिए खिड़कियों को खोल देना चाहिए और काम के बाद सतह को भी साफ करना चाहिए। कभी-कभी लोगों को केवल सलाह की जरूरत भी होती है।

शुरू हुआ वर्चुअल सर्विस का दौर
होमसर्व और हिप्पो ने फ्री वर्चुअल हाउस कॉल की शुरुआत की है। इसका उपयोग ग्राहक के साथ अन्य लोग भी कर सकते हैं। मार्च में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्रों ने एक वेबसाइट ड्वेलिंग की शुरुआत की, जहां घर के मालिक अपनी परेशानियों को फोटो अपलोड कर और डिस्क्रिप्शन के जरिए बताते हैं। इसके अलावा वर्चुअल प्लेटफॉर्म स्ट्रीम के जरिए भी ठेकेदार, घर के मालिकों से जुड़ते हैं।

स्ट्रीम के प्रेसिडेंड रेयान फिंक के मुताबिक स्टे एट होम ऑर्डर्स के बाद इसमें काफी इजाफा हुआ है। ठेकेदार वीडियो कॉल पर देखकर परेशानियों का पता लगा रहे हैं। साथ ही वे घर के मालिकों को इसे ठीक करने का तरीका भी बता रहे हैं।