37 terrorists who attacked gurdwara in Kabul arrested | काबुल में गुरुद्वारे पर हमला करने वाले 37 आतंकी गिरफ्तार, 24 घंटे पहले गिरफ्तार हुए इनके सरगना के आईएसआई से गहरे रिश्ते


  • इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल का सरगना असलम फारुकी पाकिस्तान का रहने वाला है
  • 37 आतंकियों में 14 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, इनमें से भी ज्यादातर पाकिस्तानी है
  • काबुल स्थित गुरुद्वारे में 25 मार्च को हमला हुआ था, इसमें 27 लोगों की जान गई थी

दैनिक भास्कर

Apr 05, 2020, 07:48 PM IST

काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर किए गए आतंकी हमले में शामिल 37 आतंकवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह सभी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रॉविंस मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। इनकी गिरफ्तारी इस मॉड्यूल के सरगना असलम फारुकी की गिरफ्तारी के बाद हुई है। असलम पाकिस्तान का रहने वाला है और उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से गहरे ताल्लुकात हैं। रविवार को गिरफ्तार किए गए 37 आतंकावादियों में 14 महिलाएं और बच्चे हैं और इनमें भी ज्यादातर पाकिस्तानी ही हैं। 
काबुल में 25 मार्च को हर राय साहिब गुरुद्वारे में आतंकी हमला हुआ था, इसमें 27 लोगों की जान गई थी। मृतकों में एक भारतीय भी शामिल था।

आईएसआईएस की मिलिट्री विंग में कमांडर था फारुकी
टोलो न्यूज के मुताबिक अफगानिस्तान के कांधार में नेशनल डाइरेक्टोरेट ऑफ सिक्युरिटी (एनडीएस) के एक ऑपरेशन में आईएसआईएस के खुरासान माड्यूल के प्रमुख आतंकवादी अब्दुल्ला ओरकजई एलियास असलम फारुकी को 19 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। 
 एनडीएस ने बताया कि वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई शहर का मूल निवासी है। उसके पाकिस्तानी आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से गहरे संबंध हैं। बयान के अनुसार, अफगानिस्तान में आईएसआईएस ने अबू सईद बाजावरी की हत्या के बाद उसे वहां का काम सौंपा था। वह पेशावर में आईएसआईएस की मिलिट्री विंग के कमांडर के रूप में काम कर रहा था। एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले का मास्टर माइंट फारूकी ही था। फारूकी ने क्षेत्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ संबंध होने की बात कबूल की है, जो कि पाकिस्तान की एजेंसी की ओर इशारा है। 

हमले में शामिल एक आतंकी केरल का भी था
गुरुद्वारे पर हमला करने वालों में भारतीय आतंकी का भी नाम सामने आ चुका है। आईएसआईएस ने इसका नाम अबु खालिद अल-हिंदी बताया था। हालांकि,  इसका असली नाम मुहम्मद मुहसिन था। जो केरल के कासरगोड जिले का तिरकारीपुर का रहने वाला था। वह कुछ समय पहले आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल हो गया था। हमले के दौरान उसे मार गिराया गया था। उसके परिजनों ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्हें आईएसआईएस से उसके मरने का मैसेज मिला है।