After all, they are not only called the magicians of politics, if the agreement with the pilot is better then the party remains | वे यूं ही नहीं कहलाते हैं राजनीति के जादूगर, पायलट के साथ समझौता हो जाता तो पार्टी के लिए अच्छा रहता


  • मुख्यमंत्री अशोक गहलाेत के गैर-राजनीतिक दोस्तों की राय- पायलट और उनको समझौता कर लेना चाहिए था
  • गहलोत के दोस्त मानते हैं कि वे बहुत ही ईमानदार आदमी हैं, वर्तमान दौर की राजनीति में ऐसे लोग गिने-चुने हैं

सुनील चौधरी

Jul 14, 2020, 09:12 PM IST

जोधपुर. प्रदेश की राजनीति में इन दिनों भूचाल आ रखा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनके गृह नगर जोधपुर में उनके दोस्त कहते हैं कि बरसों तक पार्टी के लिए संघर्ष कर गहलोत ने यह मुकाम हासिल किया है। जिस तरह से पायलट को बर्खास्त किया गया, उससे यह बात एक बार फिर साबित हुई कि गहलोत को राजनीति का जादूगर यूं ही नहीं कहा जाता है। 

मुख्यमंत्री के बचपन के दोस्त और मित्र परिषद के अध्यक्ष उत्तम सिंह कच्छवाह कहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस के पास गहलोत जैसा कोई अन्य सर्वमान्य नेता नहीं है। कांग्रेस पार्टी के लिए गहलोत ने बहुत त्याग किए है। हमने कांग्रेस पार्टी के लिए उनके संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। गहलोत ने हमेशा ईमानदारी के साथ काम किया। ऐसे में गहलोत का विरोध करना उचित नहीं है। 

गहलोत में सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता: कैलाश टाटिया

गहलोत को पांच दशक से जानने वाले कैलाश टाटिया का कहना है कि गहलोत ही सर्वमान्य नेता हैं। सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता सिर्फ उन्हीं में है। पायलट खुद स्पष्ट नहीं कर पा रहे है कि वे क्या चाहते है। पायलट ने पांच साल तक बहुत मेहनत की। पार्टी ने भी उन्हें उप मुख्यमंत्री के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बरकरार रख सम्मान दिया। बेहतर होता पायलट सलाह मान लेते और पार्टी में बने रहते।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मित्र कैलाश टाटिया। 

पार्टी हित में दोनों को समझौता करना चाहिए: पन्नेसिंह

राजनीति का पहला कदम अशोक गहलोत ने जोधपुर विश्वविद्यालय (अब जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय) में वर्ष 1973-74 में छात्र संघ अध्यक्ष पद के चुनाव से रखा। इस चुनाव में गहलोत को पराजित करने वाले पन्नेसिंह का कहना है, इसमें कोई दो राय नहीं है कि गहलोत बेहद काबिल व्यक्ति हैं। मगर, वर्तमान में चल रहे विवाद में उन्हें कांग्रेस के हित में पायलट के साथ समझौता कर लेना चाहिए। 

गहलोत अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं: प्रकाश संचेती

वहीं, 50 बरस पुराने साथी प्रकाश संचेती बताते हैं कि गहलोत बेहतरीन इंसान होने के साथ ही बहुत अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने इंदिरा, राजीव व सोनिया गांधी के साथ काम किया है। सचिन पायलट ऊर्जावान होने के साथ नई सोच रखते हैं। इन दोनों के बीच चल रहा विवाद कांग्रेस के हित में नहीं है। ऐसे में बेहतर होता कि दोनों के बीच कोई समझौता हो जाता। इस विवाद के कारण पार्टी कमजोर हो रही है। 

गहलोत बहुत हार्ड ऑनेस्ट आदमी हैं: विमल राज

गहलोत के एक अन्य मित्र उद्यमी विमल राज का कहना है कि वर्ष 1971 में मेरी गहलोत से पहली मुलाकात हुई। गहलोत बहुत हार्ड ऑनेस्ट आदमी हैं। वर्तमान दौर की राजनीति में ऐसे लोग गिने-चुने ही हैं। इतने बरस तक राजनीति में विभिन्न पदों पर रहने के बावजूद वे बेदाग हैं। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। उन्होंने कहा कि सत्य विजयी होगा। बुलबुलों के समान उनके विरोधी बिखर जाएंगे।