American doctors who came as a silver lining in this country struggling with civil war, done 1200 children’s heart surgeries in nine years | गृहयुद्ध से जूझ रहे इस देश में उम्मीद की किरण बनकर आए अमेरिकी डॉक्टर, नौ साल में 1200 बच्चों की हार्ट सर्जरी की


  •  2011 में लीबिया में 150 से ज्यादा बच्चों की मौत दिल का ऑपरेशन नहीं कराने से हुई थी
  • लीबिया में 2011 से सत्ता-विरोधी आंदोलनों के चलते गृहयुद्ध जैसे के हालात बने हुए हैं

दैनिक भास्कर

Mar 16, 2020, 05:31 AM IST

त्रिपोली. लीबिया के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हर साल सैकड़ों बच्चों की मौत इसलिए हो जाती थी, क्योंकि उनका सही समय पर दिल का ऑपरेशन नहीं हो पाता था। इस हालत में अमेरिका के एक डॉक्टर उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। नाम है- डॉ. विलियम नोविक। डॉ. नोविक (66) की टीम हर साल विमान से लीबिया के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जाती है। वह यहां बच्चों के दिल का इलाज करती है। टीम ने नौ साल में 1200 बच्चों की हार्ट सर्जरी की है। इनमें से कई बच्चे नवजात थे। साल 2011 में लीबिया में करीब 150 बच्चों की मौत हार्ट सर्जरी न हो पाने के कारण हो गई थी। तभी डॉ नोविक ने फैसला किया कि वह लीबिया जाकर बच्चों का इलाज करेंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन भी करता है इस टीम की मदद

डॉ. नोविक की टीम में 20 डॉक्टर हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि हासिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी टीम की मदद करता है। वह टीम को दवा और अन्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराता है। राजधानी त्रिपोली में बच्चों के इलाज के लिए नेशनल हार्ट केयर सेंटर बनाया गया है। यहीं टीम बच्चों का ऑपरेशन करती है। हाल में यहां याजन नाम के बच्चे के दिल का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करीब 5 घंटे चला। याजन के परिवार ने बताया कि वे 1500 किमी दूर से ऑपरेशन के लिए सेंटर में आए थे। डॉक्टरों ने कहा है कि याजन जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा। 

अब तक हजारों बच्चों की हार्ट सर्जरी कर चुके डॉ. नोविक

डॉ. नोविक यूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा में रेजीडेंट डॉक्टर और चाइल्ड हार्ट सर्जन हैं। उन्होंने टीम के लिए ऐसे डॉक्टरों को चुना, जिन्होंने गंभीर स्थिति में भी बच्चों को बचा लिया था। टीम लीबिया में ही बच्चों का इलाज नहीं करती, वह यूक्रेन, नाइजीरिया, इराक, ईरान और कोलंबिया समेत 32 देशों में जाकर हजारों बच्चों की हार्ट सर्जरी कर चुकी है।

लीबिया में 2011 से संघर्ष जारी
लीबिया 2011 से गृहयुद्ध में फंसा है। लीबिया में सत्ता-विरोधी आंदोलनों का एक सिलसिला चला, जिससे पहले गृहयुद्ध के हालात बने। फिर तानाशाह मोहम्मद गद्दाफी की विद्रोहियों ने हत्या कर दी। तभी से यह देश स्थिर शासन, आधारभूत ढांचे, शांति, सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। अभी यहां संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाली सरकार है।