Ankit Sharma IB Constable Death | Ankit Sharma IB Constable Murder Case Today Latest Updates On Delhi Police | आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 5 और आरोपी पकड़े गए


  • 12 मार्च को मुख्य आरोपी मोमिन उर्फ सलमान गिरफ्तार हो चुका है, पूछताछ में 5 अन्य आरोपियों के नाम सामने आए
  • अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी की सुबह चांदबाग में नाले से मिला था, उनकी बॉडी पर चाकू से हमले के कई जख्म मिले थे

दैनिक भास्कर

Mar 14, 2020, 06:08 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने नार्थ-ईस्ट इलाके में हुए दंगों के समय गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या मामले में शनिवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान फिरोज़, जावेद, गुलफ़ाम, शोएब और अनस के रूप में की गई है। इसके पहले 12 मार्च को पुलिस ने सुंदर नगर से मुख्य आरोपी 23 साल के मोमिन उर्फ सलमान को गिरफ्तार किया था। मोमिन से पूछताछ के बाद इन पांचों के नाम सामने आए थे। अंकित की हत्या के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था, ताहिर का नाम भी एफआईआर में दर्ज है। 

चाकू से कई बार किया था हमला, नाले में मिला था शव
आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा नार्थ-ईस्ट इलाके के खजूरी खास में परिवार के साथ रहते थे। दंगों के समय अंकित पर कई बार चाकू से हमला किया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी सुबह 8 बजे चांदबाग में नाले से मिला था। इसके बाद अंकित के पिता और भाई ने ताहिर पर हत्या का आरोप लगाया था। परिजन का आरोप है कि हिंसा के दौरान ताहिर के समर्थक अंकित को खींचकर ले गए और उनकी हत्या करने के बाद शव नाले में फेंक दिया था।

दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया सलमान

कॉन्स्टेबल रतनलाल की मौत मामले में भी सात गिरफ्तार
दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की भी मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर के उन्हें गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मोहम्मद दानिश गाजियाबाद का रहने वाला है, बाकी सभी 6 दिल्ली के चांद बाग में रहते हैं। इनमें सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद आयुब, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद सलीम खान हैं।

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा
पिछले माह 23 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के पीछे दिल्ली पुलिस ने बड़ी साजिश होने की बात कही थी। अभी तक इस मामले में करीब 900 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 2647 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की 40 टीमें कार्रवाई में जुटी हैं।