Anurag thakur on Rahul gandhi warning on coronavirus, said it is like sunami can ruin indian economy | राहुल गांधी बोले- कोरोना सुनामी जैसा, सरकार इससे निपटने की तैयारी करे; अनुराग ठाकुर ने कहा- वे भ्रम में हैं, रोकथाम में लगे डॉक्टरों-नर्सों को धन्यवाद दें


  • राहुल गांधी ने कहा- भारत न सिर्फ कोरोनावायरस बल्कि यहां आने वाली आर्थिक तबाही के लिए भी तैयार रहे
  • केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का राहुल को जवाब जो व्यक्ति भ्रम में हो वही ऐसा बयान दे सकता है

दैनिक भास्कर

Mar 17, 2020, 04:25 PM IST

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोरोनावायरस को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने संसद परिसर में कहा कि कोरोनावायरस सुनामी आने जैसा है। भारत को न सिर्फ कोरोनावायरस बल्कि यहां आने वाली आर्थिक तबाही के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत को अभी से अपने आप को तैयार कर लेना चाहिए। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि अगले 6 महीनों में हमारे लोग ऐसे दर्द से गुजरने वाले हैं, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। इसके जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो व्यक्ति भ्रम में हो वही ऐसा बयान दे सकता है। जब राहुल गांधी से कोरोनावायरस की स्थिति पर पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि वे विशेषज्ञ नहीं है। आज उन्होंने ऐसा बयान दे दिया। इसके बदले उन्हें संक्रमण रोकने में लगे डॉक्टर्स, नर्स और सफाई कर्मचारियों को धन्यवाद देना चाहिए था।  

राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह भी कोरोना पर सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि कोरोनावायरस बड़ी समस्या है। नजरअंदाज करना इसका समाधान नहीं है। अगर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। 

राहुल सवाल पूछने की इजाजत नहीं मिलने से नाराज हुए

संसद के बजट सत्र में सवाल पूछने की इजाजत न मिलने पर राहुल गांधी ने नाराजगी जाहिर की। संसद से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि स्पीकर मुझे दुखी करना चाहते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। मैं जानता हूं कि वे नहीं चाहते कि मैं बोलूं। एक सांसद के तौर पर मेरे कुछ अधिकार हैं। वे इसे मुझसे नहीं छीन सकते। तमिलनाडु के सांसद को सवाल पूछने की इजाजत न देने पर उन्होंने कहा कि आज पूरा तमिलनाडु तमिल भाषा के बारे में सवाल पूछना चाहता है। यह तमिलनाडु के लोगों और उनकी भाषा से जुड़ा है। उन्हें अपनी भाषा का बचाव करने का पूरा अधिकार है। आप तमिल लोगों से सदन में सवाल पूछने का हक नहीं छीन सकते। यह स्वीकार नहीं किया जाएगा।