Ayodhya Ram Mandir Postage Stamps Latest News And Updates: 5500 Sheets Sold In 4 Days Lucknow Uttar Pradesh | 4 दिन में 16 लाख 50 हजार रुपए की 66 हजार टिकटें बिकीं, अयोध्या शोध संस्थान ने 5 हजार टिकट खरीदे, विदेशों से भी आ रही डिमांड

Ayodhya Ram Mandir Postage Stamps Latest News And Updates: 5500 Sheets Sold In 4 Days Lucknow Uttar Pradesh | 4 दिन में 16 लाख 50 हजार रुपए की 66 हजार टिकटें बिकीं, अयोध्या शोध संस्थान ने 5 हजार टिकट खरीदे, विदेशों से भी आ रही डिमांड


लखनऊ11 घंटे पहलेलेखक: आदित्य तिवारी

यह तस्वीर अयोध्या की है। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम के जीवन पर आधारित डाक टिकट जारी किया था।

  • 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन पर पीएम मोदी ने जारी किया था डाक टिकट
  • डाक टिकट पर राम मंदिर के मॉडल और भगवान राम के जीवन चरित्र को दर्शाया गया
  • एक डाक टिकट की कीमत 25 रुपए, पूरी शीट के 12 टिकटों की कीमत 300 सौ रुपए है

5 अगस्त को अयोध्या में हुए राम मंदिर भूमि पूजन के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान राम के जीवन और राम मंदिर के मॉडल पर आधारित एक डाक टिकट जारी किया था। इसकी डिमांड भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बढ़ रही है। लोग इसे सहेजकर रखने के लिए खरीद रहे हैं ताकि वे आने वाली पीढ़ियों को इसे दिखा सकें।

डाक विभाग के पास इसकी 60 हजार प्रतियां उपलब्ध थीं। चार दिनों में अयोध्या शोध संस्थान ने 5 हजार टिकट खरीदे हैं। इसके लिए 12 लाख रुपए डाक विभाग को अदा किए गए। वहीं, 500 टिकट डाक ऑफिस लखनऊ-अयोध्या से खरीदे गए हैं।

डाक टिकट की शीट को दिखाते डायरेक्टर केके यादव।

एक शीट पर 12 टिकट, एक की कीमत 25 रुपए

पोस्टल सर्विसेज मुख्यालय में लखनऊ क्षेत्र के डायरेक्टर केके यादव ने बताया कि डाक टिकट को लेकर लगातार देश-विदेश से फोन कॉल्स आ रहे हैं। कारपोरेट माई स्टैंप के तहत बने कस्टमाइज्ड डाक टिकटों की कुल अब तक 5500 टिकट की बिक्री हो चुकी है। 5 हजार शीट प्रिंट कराए गए हैं। एक शीट पर कुल 12 डाक टिकट है। एक स्टाम्प की कीमत 25 रुपए है।

कुल मिलाकर एक सीट की कीमत भारतीय डाक विभाग ने तीन सौ रुपए तय की है। डाक टिकट का मामला आस्था से जुड़ा होने के कारण इसकी डिमांड काफी बढ़ गई है। डिमांड सिर्फ लखनऊ-अयोध्या या देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी आ रही है।

डाक विभाग कर रहा बिक्री।

तीन तरह के होते हैं डाक टिकट

केके यादव ने बताया कि पहला डाक टिकट सामान्य होता है जो कि काउंटर से खरीदा जाता है। यह एक बार नहीं हजार बार छपता है। दूसरा स्मारक डाक टिकट होता है। यह टिकट किसी की याद में जैसे किसी व्यक्ति/स्थान या संस्थान के नाम से किया जाता है। यह डिमांड पर छापा जाता है। तीसरा टिकट कॉरपोरेट टिकट होता है, जो राम मंदिर से जुड़ा है। जिसकी लिमिटेड प्रतियां ही जारी की जाती हैं, जो कि ऐतिहासिक होता है। टिकट को यादगार बनाने के तौर पर ऐसा किया जाता है।

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