Bihar Flood 2020 News Updates: Know What East Champaran District People Are Saying Over Situation | रातभर जागकर बांध बचाने की कोशिश करते रहे गांव के लोग, सैलाब आया तो परिवार को लेकर लगाई दौड़

Bihar Flood 2020 News Updates: Know What East Champaran District People Are Saying Over Situation | रातभर जागकर बांध बचाने की कोशिश करते रहे गांव के लोग, सैलाब आया तो परिवार को लेकर लगाई दौड़


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मोतिहारी11 मिनट पहले

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बांध टूटने के बाद संग्रामपुर गांव पहुंचे डीएम एसके अशोक और एसपी नवीन चंद्र झा। यहां बांध के पानी से लोगों का सामान खराब हो गया।

  • रात करीब 1 बजे गंडक नदी का बांध टूट गया और देखते ही देखते गांव पानी में डूब गया
  • बांध के कमजोर हिस्से पर बालू, गिट्टी और सीमेंट के मिक्सचर की बोरियां रखवाई गईं, लेकिन कोशिशें नाकाम रहीं

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव से गंडक नदी की धारा बह रही है। पानी कहीं इंसान के सीने तक है तो कहीं इससे भी अधिक। गुरुवार रात तक सब ठीक था। रात के करीब 1 बजे गंडक नदी का बांध टूट गया और देखते ही देखते गांव पानी में डूब गया। लोग रातभर जागकर बांध बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे कामयाब न हो सके। सैलाब आया तो परिवार के लोगों को लेकर दौड़ लगा दी, ताकि सबकी जान बचाई जा सके। 

रातभर जागकर करते रहे बांध बचाने की कोशिश
संग्रामपुर गांव के मुखिया मुनानी शर्मा कहते हैं कि गांव के 7-8 लोग बांध बचाने के लिए रातभर जागकर कोशिश करते रहे। गंडक का जल स्तर बढ़ने के बाद से ही बांध टूटने का खतरा था, जिसके चलते हम लोग इसे बचाने की कोशिश में लगे थे। गांव के लोग रात में पहरा भी देते थे। 

एनडीआरएफ की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित संग्रामपुर गांव का निरीक्षण करते डीएम एसके अशोक।

बांध बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने बालू और गिट्टी भरी सीमेंट की बोरियां रखवाई थीं, लेकिन इसके बाद भी कहीं पानी ओवरफ्लो हो जाता तो कहीं बांध रिसने लगता। गुरुवार को दिनभर बांध बचाने के लिए प्रशासन के लोगों के साथ गांव के लोग लगे रहे। रात के करीब 11 बजे सूचना मिली कि बांध से रिसाव हो रहा है। 

गांव के लोगों ने बताया कि रात भर हमने रिसाव रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी थम नहीं रहा था। हम लोग बाहर की ओर से मिट्टी, रेत और दूसरी चीजें डालकर पानी रोकने की कोशिश कर रहे। नदी की तरफ से रात में रिसाव रोकना संभव न था। नदी की तरफ 8-10 फीट पानी है। एक बजे के बाद अचानक करीब चार फीट चौड़ाई में बांध टूट गया। पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगा। इसके बाद हम लोग अपने घर की ओर भागे। गांव में हल्ला हो गया। सभी लोग अपने परिवार के सदस्यों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। कोई मोतिहारी चला गया तो किसी ने अपने रिश्तेदार के यहां शरण ली। 

पानी में खड़े भवानीपुर गांव के मुकेश ठाकुर।

सुबह बचे सामान निकालने लौटे लोग
गांव के बालकिशोर गुप्ता ने कहा कि रात में मैं जाग रहा था। पानी जब गांव की ओर बढ़ा तो हम लोगों ने सभी से कहा कि भागो-भागो बाढ़ आ गई है। मैं परिवार के लोगों को लेकर एक रिश्तेदार के यहां गया। शुक्र है कि गांव के सभी लोग बच गए। सामान का बहुत नुकसान हुआ। अनाज, कपड़े, बर्तन और घर में रखे सारे सामान खराब हो गए। मुकेश ठाकुर ने कहा कि रात में तो हम लोग जान बचाकर भाग गए थे। सुबह हुई है तो लौटा हूं। मेरे घर जाने वाले रास्ते में करीब 6 फीट पानी भरा है। जो सामान बच गया उसे निकालकर ले आया हूं।

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