Bill Gates committed to donate 750 crores to deal with Corona. Announced that his foundation will also help in developing vaccines | बिल गेट्स ने 751 करोड़ रु. की मदद का ऐलान किया, उनका फाउंडेशन टीके विकसित करने में भी सहायता देगा


  • माइक्रोसाॅफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा- हम चाहते हैं कि सभी देशों को कोरोना से बचाव के उपकरण उपलब्ध हों
  • ‘कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सही ऐहतियात बरतने वाले देश जल्द स्वास्थ्य के साथ आर्थिक क्षेत्र में भी वापसी कर सकेंगे’

दैनिक भास्कर

Mar 19, 2020, 10:20 AM IST

वॉशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा है कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनियाभर में कोरोनावायरस से निपटने में प्रतिबद्ध है। बुधवार को सोशल मीडिया पर गेट्स ने वायरस से निपटने के लिए 100 मिलियन डॉलर (751 करोड़ रु.) की मदद देने का ऐलान किया। अपने शहर वॉशिंगटन के लिए 50 करोड़ रु. देने की घोषणा की। गेट्स ने कहा कि उनका फाउंडेशन दुनियाभर में कोरोना की दवा और टीका विकसित करने वालों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मौजूदा समय में संक्रमण के ज्यादातर मामले अमीर देशों में हैं। उन्हें इसे रोकने के लिए सही ढंग से काम करना चाहिए। 

गेट्स ने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी देशों को कोरोना से बचाव के उपकरण उपलब्ध हों। हमने फरवरी में कई चीजों के लिए 1000 करोड़ रुपए दिए थे और ऐसा करते रहेंगे। हमारी प्राथमिकता है कि दवा और टीका निर्माण की क्षमता पर्याप्त हो, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों के मददगार साबित हो सके। 

ऐहतियात बरतने वाले देश जल्द पटरी पर लौटेंगे

गेट्स के मुताबिक, ‘‘कोरोना संक्रमण रोकने के ऐहतियात बरतने वाले देश जल्द पटरी पर लौट आएंगे। सही ढंग से शटडाउन और टेस्टिंग करने पर 6 से 10 हफ्ते में संक्रमण के कुछ मामले ही बचे रहेंगे। ऐसे में देश फिर से सभी बंद सुविधाएं दोबारा बहाल कर सकेंगे। सोशल आइसोलेशन और टेस्टिंग वाकई संक्रमण रोकने में कारगर है। दो तीन महीनों तक ज्यादा संक्रमण मामलों वाले देशों को सोशल आइसोलेशन और टेस्टिंग करनी चाहिए। इससे संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलने से रोका जा सकेगा।’’

विकासशील देशों को लेकर चिंतित हूं: गेट्स

उन्होंने कहा कि मैं आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हूं। विकासशील देश इससे अमीर देशों की तरह कैसे निपटेंगे। उनके अस्पतालों की क्षमता कम है। हम ऐसे देशों की मदद करेंगे। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भारत में भी काम कर रहा है। फाउंडेशन वहां साफ-सफाई समेत अन्य सामाजिक परियोजनाएं चला रहा है।