BJP ex MLA Kuldeep Sengar found Guilty in mruder case of rape victims father, said in court, “Give me justice or hang me, burn my eyes with acid” | दोषी कुलदीप सिंह सेंगर ने कोर्ट में कहा, मुझे इंसाफ दो या फिर फांसी पर लटका दो, मेरी आंखे तेजाब से जला दो


  • तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर समेत सात आरोपियों को दोषी ठहराया है, शुक्रवार को इन्हें सजा सुनाई जाएगी
  • सीबीआई ने ज्यादा से ज्यादा सजा देने की मांग की, 2018 में जूडिशियल कस्टडी में हुई थी रेप पीड़िता के पिता की संदिग्ध मौत  

Dainik Bhaskar

Mar 12, 2020, 04:56 PM IST

नई दिल्ली. उन्नाव की दुष्कर्म पीड़ित के पिता की हत्या के मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर गुरुवार को अदालत में गिड़गिड़ाता नजर आया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने इसे वीभत्स मामला बताते हुए कठोर सजा देने की मांग की। इसके बाद सेंगर ने जिला जज धर्मेश शर्मा से कहा, ” मुझे इंसाफ दिया जाए या फिर फांसी पर लटका दिया जाए। अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मेरी आंखें तेजाब से जला दी जाएं।” इस पर जज ने जवाब दिया, ”सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही हम इस फैसले (दोषी ठहराए जाने) पर पहुंचे हैं।” कोर्ट इस मामले में शुक्रवार को सभी दोषियों को सजा सुनाएगी। पिछले सप्ताह ही कुलदीप सेंगर, दो पुलिसकर्मी व तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इस मामले में सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल सकती है। 

सीबीआई के वकील ने कहा, पुलिस की भूमिका चिंताजनक
उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की संदिग्ध मौत 9 अप्रैल 2018 को पुलिस की ज्यूडिशियल कस्टडी में हुई थी। इस मामले में बीते सप्ताह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने कहा था कि, ” घटनाक्रम स्पष्ट रूप से स्थापित करता है कि आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के संरक्षण में ही पुलिस ने पीड़ित को पैर से मारा, राइफल की बैरल से पीटा। इसलिए यह दोष साबित होता है।” सीबीआई के वकील ने कहा कि, ”इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को भी दोषी पाया गया है। यह चिंताजनक है। पुलिस ऑफिसर पब्लिक के लिए होते हैं। उनकी ड्युटी लॉ एंड ऑर्डर कायम रखना है। वह बीमार थे (पीड़िता के पिता)। उन्हें शाम छह बजे तक पीटा गया। नौ बजे तक पुलिसकर्मी वहीं  मौजूद थे। ये लोग उसके लिए कुछ कर सकते थे। लेकिन इन्होंने नहीं किया।”

तीन साल पहले नाबालिग ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था

उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग को अगवाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। दिल्ली कोर्ट ने दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (53) को 20 दिसंबर को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उसे मृत्यु तक जेल में रखने के आदेश दिए थे। सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी रद्द की जा चुकी है।

कांग्रेस से बसपा-सपा में होते हुए भाजपा में आया कुलदीप
कुलदीप सेंगर की गिनती उत्तर प्रदेश के दलबदलू नेताओं में होती है। 4 बार से लगातार विधायक रहा कुलदीप कभी चुनाव नहीं हारा। उसने उन्नाव जिले की अलग-अलग सीटों से 3 बार चुनाव जीता। वह 2002 में पहली बार बसपा से सदर, 2007 में सपा से बांगरमऊ और 2012 में भगवंतनगर से चुनाव जीता था। 2017 में उसने भाजपा से बांगरमऊ सीट से चुनाव जीता था।