BJP leader Zafar Islam got the deal between BJP and Scindia engaged for five months to complete this mission | भाजपा ने सिंधिया को पार्टी में लाने की जिम्मेदारी प्रवक्ता जफर इस्लाम को सौंपी थी, 5 महीने में पूरा हुआ ऑपरेशन लोटस


Dainik Bhaskar

Mar 11, 2020, 05:46 PM IST

भास्कर नेटवर्क और एजेंसी.  आखिरकार वह नाम सामने आ ही गया जिसे लेकर बीते एक हफ्ते से कयास लगाए जा रहे थे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा के बीच ऑपरेशन लोटस की ‘डील’ कैसे हुई?  इसके सूत्रधार के रूप में नाम सामने आया है भाजपा प्रवक्ता और पूर्व बैंकर जफर इस्लाम का। भाजपा नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मप्र के कुछ नेताओं को बैकअप सपोर्ट के तौर पर लगाए रखा। 

इस बात की पुष्टि बुधवार को उस समय हो गई जब ज्योतिरादित्य के भाजपा में शामिल होने से पूर्व के बीच जफर खुद उनसे मिलने दिल्ली स्थित निवास पर पहुंचे और कैमरों में कैद हो गए। खास बात रही कि सब कुछ तय योजना के हिसाब से होने के बाद उन्होंने खुद को छुपाया नहीं और सीधे सामने आ गए। सिंधिया के साथ करीब 35 मिनट की बातचीत के बाद 2 बजकर 10 मिनट पर खुद जफर उन्हें उनकी ही लैंड रोवर गाड़ी में लेकर भाजपा मुख्यालय की ओर रवाना हो गए जहां सिंधिया ने जेपी नड्‌डा की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली और पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का टिकट बतौर ‘रिटर्न गिफ्ट’ भी दे दिया।

कौन है जफर इस्लाम

जफर इस्लाम का पूरा नाम डॉ सैयद जफर इस्लाम हैं और वे भाजपा का मुखर और उदारवादी मुस्लिम चेहरा हैं। भाजपा में उनका करियर अभी सिर्फ 7 साल का है लेकिन उनका कद तेजी से बढ़ा है। बतौर भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम मीडिया के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं। टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज भाजपा का पक्ष रखते हैं और चुभते सवालों से पार्टी का बचाव भी करते हैं। भारत की राजनीति में आने से पहले जफर इस्लाम ड्यूश बैंक के एमडी थे और विदेश में कार्यरत थे। वर्तमान में वे भाजपा प्रवक्ता के अलवा एयर इंडिया के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी हैं।

कैसे हुई ये डील

जफर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के रिश्ते पुराने हैं। इसकी शुरुआत जफर के बैंकिंग करियर के दौरान तब हुई थी जब सिंधिया यूपीए सरकार में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री थे। मप्र की राजनीति में आने के बाद भी सिंधिया जब कभी दिल्ली में रहते थे, तो जफर से उनकी मुलाकात होती रहती थी। लेकिन जफर पिछले पांच माह से ज्योतिरदित्य को बीजेपी में लाने के लिए उनसे लगातार मिल रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में ज्योतिरदित्य और जफर की सिलसिलेवार पांच मीटिंग्स हुई थीं। खुद सिंधिया ने अपनी तरफ से भाजपा में आने की पेशकश की थी।

6 अप्रेल 2014 की तस्वीर जब जेपी नड्‌डा ने जफर इस्लाम को पार्टी ज्वॉइन कराई थी। संयोग से आज नड्‌डा भाजपा अध्यक्ष हैं।

भाजपा ने इसलिए किया जफर पर भरोसा

मोदी की राजनीति से प्रभावित होकर जफर इस्लाम ने भाजपा से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। पीएम मोदी से जफर इस्लाम के अच्छे रिश्ते हैं और वे अमित शाह व जेपी नड्‌डा की गुडबुक में भी हैं। यही वजह है कि मृदुभाषी और शालीन जफर इस्लाम को भाजपा हाईकमान ने इतना महत्वाकांक्षी ‘ऑपरेशन लोटस’ में शुरू से आखिर तक सिंधिया से सम्पर्क बनाए रखने और उन्हें समझाने का जिम्मा दिया।

सैयद जफर इस्‍लाम ने कुछ समय पहले इंडियन एक्सप्रेस में अपने एक लेख में कहा था-  ‘मैं फाइनेंस सेक्टर में काफी काम कर चुका था। 2013 में जब मैंने राजनीति में प्रवेश किया, उस समय मैं ड्यूश बैंक का एमडी था। इसी दौरान संयोग से नरेंद्र मोदी से मेरी मुलाकात हो गई। मोदी ने गर्मजोशी से मुझसे मिलते हुए कहा कि उनके राष्‍ट्र-निर्माण के सपने के साथ जुड़ना चाहते हैं तो जुड़ सकते हैं। मैं अब भाजपा का राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता हूं। अब अपने लोगों में जाकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन को पेश करता हूं।’