BSF seized 46.5 lakh smuggled goods from goods train in West Bengal – BSF ने जब्त किया 46 लाख का सामान, मालगाड़ी से हो रही थी तस्करी, सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत का शक

BSF seized 46.5 lakh smuggled goods from goods train in West Bengal – BSF ने जब्त किया 46 लाख का सामान, मालगाड़ी से हो रही थी तस्करी, सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत का शक


BSF ने जब्त किया 46 लाख का सामान, मालगाड़ी से हो रही थी तस्करी, सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत का शक

BSF ने ट्रेन से 46.5 लाख का सामान जब्त किया है.

खास बातें

  • BSF ने जब्त किया 46 लाख का सामान
  • मालगाड़ी से हो रही थी सामान की तस्करी
  • सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत का शक

नदिया:

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नदिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ (BSF) की सीमा चौकी गेदे, 54वीं बटालियन की जिम्मेदारी के इलाके में (LCS/ICP) अंतर्राष्ट्रीय चेकपोस्ट मौजूद हैं, जिससे कि ट्रेनों के द्वारा नागरिकों तथा सामान कि आवाजाही भारत तथा बांग्लादेश के बीच होती है. जिसके चलते बीते शनिवार मालगाड़ी के अंदर से छुपाकर तस्करी किया जा रहा लगभग 46.5 लाख का सामान बीएसएफ ने जब्त कर लिया है.

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जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान बीएसएफ के जवान ने भारत से बांग्लादेश जाने वाली मालगाड़ी (Train No.RD 83 UP/Engine No-14011) जोकि राणाघाट से चलकर अंतर्राष्ट्रीय चेकपोस्ट गेदे से होते हुए दर्शना बांग्लादेश को जाने वाली थी, मालगाड़ी की एक बोगी के गेट को हल्का खुला हुआ मिलने पर सीमा चौकी गेदे के जवानों के द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया. तलाशी अभियान के दौरान सीमा सुरक्षा बल की तलाशी पार्टी ने मालगाड़ी कि बोगी संख्या- 30039962833 के दरवाजे को थोड़ा खुला हुआ पाया.

बीएसएफ के जवानों ने बोगी के खुले हुए गेट को संदेहास्पद मानते हुए बोगी के अंदर तस्करी के सामान की पेटियां होने की जानकारी बटालियन के अधिकारियों को बताई तथा वहां पर मौजूद कस्टम विभाग(गेदे) व आरपीएफ को भी इस बात से अवगत कराया. बीएसएफ के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा कस्टम विभाग व आरपीएफ के सामने ही संदेहास्पद बोगी की अच्छे से छानबीन की तथा बोगी के अंदर बीच में छुपाई गई तीस पेटियां अवैध तस्करी के सामान की जब्त की. पेटियों के खोलने पर उनके अंदर से अवैध रूप से तस्करी की जा रही साड़ियां, जूते-चप्पल,सौंदर्य प्रसाधन, मोबाइल फोन, विभिन्न प्रकार की दवाइयां तथा फेंसिडिल की बोतलें बरामद की गईं.

बरामद सामान की भारतीय बाजार में कुल अनुमानित कीमत 46.5 लाख आंकी गई है. 54वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर देशराज सिंह ने बताया है कि गेदे तथा बानपुर का यह इलाका तस्करी के लिहाज से अत्यंत ही संवेदनशील इलाका है. तस्कर यहां पर तस्करी करने के लिए मालगाड़ी व सामान्य ट्रेन का भी इस्तेमाल करते हैं. भारत से बांग्लादेश चलने वाली इन ट्रेनों में तस्करी करने के लिए तस्कर नित-नए तरीके निकालते रहते हैं. बीएसएफ ने इससे पहले भी मालगाड़ियों से सामान को जब्त किया है. कम समय के रहते हुए एक मालगाड़ी की 43 बोगियों को अच्छे से जांचने में भी जवानों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद हमारे जवान अपने ड्यूटी के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है.

बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की ओर से जारी हुए बयान में बताया गया है कि तस्करी की यह घटना हैरान कर देने वाली है. राणाघाट पर कस्टम की जांच के बाद जिस ट्रेन को बांग्लादेश जाने के लिए हरी झंडी दी गई थी उसी ट्रेन से बीएसएफ के जवानों ने इतनी बड़ी मात्रा में तस्करी का सामान जब्त किया है. इस मामले को संदेहास्पद तरीके से देखा जा रहा है कि इसमें किसी सरकारी विभाग का कोई कर्मचारी शामिल तो नहीं है. इसके लिए कस्टम डिपार्टमेंट के मुख्यालय से भी बीएसएफ द्वारा बातचीत की जा रही है. सीमा सुरक्षा बल ने कस्टम विभाग व रेलवे विभाग के समक्ष यह मुद्दा उठाया है कि मालगाड़ी में यह तस्करी का सामान कैसे आया.

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