Can a person who has been cured of covid-19 become infected again? Questions arose when the patient was exposed – क्या कोरोना से ठीक हो चुका व्यक्ति दोबारा संक्रमित हो सकता है? सामने आया मरीज तो उठे सवाल

Can a person who has been cured of covid-19 become infected again? Questions arose when the patient was exposed – क्या कोरोना से ठीक हो चुका व्यक्ति दोबारा संक्रमित हो सकता है? सामने आया मरीज तो उठे सवाल


क्या कोरोना से ठीक हो चुका व्यक्ति दोबारा संक्रमित हो सकता है? सामने आया मरीज तो उठे सवाल

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

Coronavirus: दो महीने पहले कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुका इंसान क्या दोबारा संक्रमित हो सकता है? इसका सटीक जवाब भले किसी के पास न हो लेकिन दिल्ली में ऐसा ही मामला सामने आने से इस पर एक नई बहस चल पड़ी है. दिल्ली (Delhi) में एक इंस्पेक्टर दो महीने बाद दोबारा कोरोना संक्रमित हो गए हैं. देश भर में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राहत की बात ये भी है कि 7 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं. 

दिल्ली में एक पुलिस इंस्पेक्टर के दोबारा कोरोना संक्रमित होने से डॉक्टर हैरान हैं. पहली बार Asymptomatic रहते हुए इनका 13 मई को RT PCR टेस्ट हुआ जिसमें ये पॉजिटिव पाए गए. हफ्ते भर अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 25 मई को निगेटिव होने के बाद ये घर चले गए. दो महीने बाद यानि 10 जुलाई को दोबारा बुखार और खांसी आई. जब इन्होंने अपना एंटीजन और RT pcr test करवाया तो पॉजिटिव आए.

अपोलो अस्पताल के डॉ राजेश चावला ने बताया कि मरीज एक इंस्पेक्टर है. 13 मई को कैंप में इन्होंने टेस्ट कराया तो ये asymptomatic थे लेकिन पॉजिटिव आया. फिर ये 15 मई से 22 तारीख तक अस्पताल में भर्ती रहे. 25 तारीख को निगेटिव आने के बाद ये घर चले गए, लेकिन फिर दो महीने बाद यानी 10 जुलाई को बुखार और कोरोना के लक्षण दिखे तो इन्होंने RT pcr और antigen  टेस्ट कराया जिसमें ये पॉजिटिव थे. लेकिन एंटीबॉडी टेस्ट निगेटिव रहा. ये होम क्वारंटाइन हो गए लेकिन बाद में इनको चेस्ट में पेन हुआ तब अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब ये ठीक हैं.

दिल्ली में इस तरह का ये दूसरा मामला है. इससे पहले हिन्दू राव अस्पताल की एक नर्स दोबारा पॉजिटिव पाई गई थी. लेकिन कोरोना वायरस के इलाज और शोध से जुड़े कई डॉक्टरों से बात करने पर इस बाबत कई सवाल पैदा हो रहे हैं. क्या पहला RT PCT टेस्ट False Positive था? क्या पहली बार कोरोना संक्रमित होने के बावजूद एंटीबॉडीज नहीं बने?

यह भी पढ़ें : अस्पताल से वीडियो साझा करने के बावजूद नहीं ली सुध, बदइंतजामी ने कोरोना मरीज की जान ले ली

हालांकि CSIR यानी वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद इस बात को न तो मान रही है और न खारिज कर रही है. उसका कहना है कि इस बाबत एक गहन अनुसंधान की जरूरत है. CSIR के  महानिदेशक शेखर मांडे ने कहा कि अभी तक ऐसी रिपोर्ट नहीं आई है कि दोबारा कोरोना किसी को हो सकता हो. किसी भी जर्नल में नहीं आया है. आज के दिन हम ये नहीं मानेंगे कि दोबारा कोरोना हुआ है. अगर वायरस पॉजिटिव किसी को हो तो उसमें एंटीबॉडी बनने के चांसेज बहुत होते हैं.

हालांकि इस तरह के कुछ केस जापान जैसे देश में पढ़ने को मिले थे. लेकिन CSIR से लेकर AIIMS में कोरोना वैक्सीन पर शोध करने वाले प्रोफेसर संजय रॉय भी दोबारा कोरोना संक्रमण होने की संभावना को नकार रहे हैं. प्रोफेसर संजय रॉय ने कहा कि कई बार डेड वायरस RT Pcr टेस्ट में डिटेक्ट हो सकता है लेकिन अब तक दोबारा संक्रमण होने की बात कहीं से भी सामने नहीं आई है.

यह भी पढ़ें : बेहद तेज़ी से बढ़ रही है COVID-19 के मरीज़ों की तादाद, अब सिर्फ तीन दिन में पार हो रहे हैं एक लाख केस

कोरोना वायरस के इलाज और रिसर्च से जुड़ा हर डाक्टर इस बारे में एक गंभीर रिसर्च की बात कह रहा है लेकिन जब मरीजों के डाटा कलेक्शन से लेकर इलाज में कोताही बरतने की खबरें लगातार आ रही हों तब हमारे लिए कोरोना वायरस किसी अबूझ पहेली से कम नहीं है. 

Leave a Reply