Center directed to states- Quarantine 14 days to migrants, SP-collectors will be responsible if there is negligence in enforcing lockdown | केंद्र का राज्यों को निर्देश- पलायन करने वालों को 14 दिन क्वारैंटाइन करें, लॉकडाउन लागू कराने में लापरवाही हुई तो एसपी-कलेक्टर जिम्मेदार होंगे


  • केंद्र ने कहा- लॉकडाउन के दौरान वर्कर्स को तय वक्त पर बिना कटौती के वेतन दें, एक महीने तक किराया ना मांगें मकान मालिक
  • राज्यों से कहा- पलायन करने वाले मजदूरों को क्वारैंटाइन करने के दौरान राज्य आपदा कोष से खाने-पीने की सुविधा मुहैया कराएं

दैनिक भास्कर

Mar 29, 2020, 05:56 PM IST

नई दिल्ली. संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन के बीच दिल्ली, मुंबई, सूरत समेत अन्य बड़े शहरों से दिहाड़ी मजदूर और कामगार हजारों की तादाद में पैदल अपने राज्यों की ओर निकल पड़े हैं। इन्हें रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आपदा फंड के नियमों में बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है कि वे मजदूरों के लिए अस्थाई शिविर बनाने, खाना और मेडिकल सुविधा के लिए आपदा फंड की राशि खर्च कर सकते हैं। साथ ही कहा कि बॉर्डर पर मजदूरों का मूवमेंट रोका जाए। इन लोगों को सीमाओं पर ही 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर हुई मंत्री समूह की बैठक में लॉकडाउन के दौरान सफर करने वाले प्रवासियों को रहने के लिए अस्थाई आवास देने का फैसला किया गया। खाना, दवाइयां और ऊर्जा उत्पाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को चालू रखने का भी फैसला हुआ। लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिलों को डीएम और एसएसपी को दी गई है।

सरकार ने कहा- वर्कर्स की बकाया सैलरी का भुगतान करें

सरकार ने सभी कंपनियों, दुकान मालिकों और अन्य संस्थानों से कहा है कि वे बिना किसी कटौती के अपने वर्कर्स की बकाया सैलरी का भुगतान करें और इसमें कोई देरी ना की जाए। राज्यों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किराएदार से मकान मालिक एक महीने तक किराया ना मांगे, ताकि वे जहां हैं वहीं बने रहें। राज्यों से कहा है कि राज्य आपदा कोष से बॉर्डर पर ही मजदूरों के लिए खाने-पीने और स्क्रीनिंग के बाद उनके क्वारैंटाइन का इंतजाम किया जाए।

चूक होने पर डीएम-एसएसपी जिम्मेदार होंगे
लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही को लेकर गृह मंत्रालय ने कहा- हम लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी राज्य की बॉर्डर या हाईवे पर लोगों की आवाजाही न हो। अगर आदेश के क्रियान्वयन में चूक हुई, तो उसके लिए जिले के डीएम/डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर फंसे 3000 लोग
मुंबई में काम कर रहे राजस्थान और गुजरात के 3000 लोग पालघर में फंस गए हैं। कर्नाटक से आंध्र जाने की मंजूरी लेकर निकले 1334 मजदूरों को दोनों राज्यों ने संयुक्त रूप से क्वारैंटाइन कर दिया है। उधर, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी एनएचएआई और टोल ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि वे उनके यहां से गुजरने वाले मजदूरों को खाना-पानी देने समेत यथासंभव मदद करें।