Chidambaram Said Kanimozhi’s experience not unusual, have faced similar taunts from govt officers, citizens | चिदंबरम बोले- मुझे भी अफसरों और लोगों से ऐसे ताने झेलने पड़े, शिक्षा मंत्री ने कहा- अंग्रेजी के खिलाफ नहीं, पर भारतीय भाषाओं की मजबूती चाहते हैं


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नई दिल्ली32 मिनट पहले

डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि की हिंदी पर सवाल के मामले पर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। (बाएं) कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और (दाएं) शिक्षा मंत्री पोखरियाल।

  • डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने रविवार को हिंदी थोपने का आरोप लगाया था
  • चिदंबरम ने कहा- लोग मुझ पर भी हिंदी में बात करने के लिए दबाव बनाते थे

डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि की हिंदी पर सवाल के मामले पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सोमवार को इस मामले पर कहा कि चेन्नई एयरपोर्ट पर कनिमोझी के साथ ऐसी घटना का होना कोई नई बात नहीं है। हमने भी सरकारी अधिकारी और आम लोगों से ऐसे ताने सुने हैं।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भारत सरकार अंग्रेजी भाषा के खिलाफ नहीं है। सरकार इसके साथ भारतीय भाषाओं को भी मजबूत करना चाहती है।

कई देशों ने मातृभाषा के दम पर उपलब्धियां हासिल कीं
आत्म निर्भर मध्यप्रदेश वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग मातृभाषा की उपयोगिता पर शक कर रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि दुनिया के टॉप के देशों ने अपने एजुकेशन सिस्टम में मातृभाषा का इस्तेमाल कर कई उपलब्धियां हासिल की हैं।

निशंक का बयान ऐसे समय आया, जब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और डीएमके नेता कनिमोझी ने सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाएं हैं कि वे उन्हें हिंदी बोलने के लिए मजबूर करते हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को दोनों भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए
उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने भी सरकारी अफसरों और आम लोगों से इसी तरह के ताने झेले हैं, जो जोर देते थे कि मैं टेलीफोन पर या कभी-कभी सामने भी उनसे हिंदी में बात किया करूं। राज्यसभा सांसद ने आगे ट्वीट किया कि अगर केंद्र सरकार हिंदी और अंग्रेजी भाषा को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तो यह तय करना होगा कि सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में पारंगत हों।

जानें क्या है पूरा विवाद
मामला रविवार का है। घटना तब हुई, जब डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि दिल्ली जा रही थीं। उन्होंने ट्वीट किया था कि आज चेन्नई एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के अधिकारी ने मुझसे पूछा- क्या मैं भारतीय हूं। मैंने अधिकारी से तमिल या अंग्रेजी में बात करने को कहा था, क्योंकि मुझे हिंदी नहीं आती।

उन्होंने #hindiimposition (हिंदी थोपना) के साथ एक और ट्वीट किया। लिखा- मैं यह जानना चाहती हूं कि कब से हिंदी जानने का मतलब भारतीय होना हो गया। सीआईएसएफ ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। कनिमोझी ने सीआईएसएफ के तुरंत रिस्पांस देने और एक्शन लेने पर धन्यवाद भी दिया था। कनिमोझी तमिलनाडु के तूतुकुड़ी से सांसद हैं। वह डीएमके की महिला शाखा की सेक्रेटरी भी हैं।

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