Concern for the poor in a densely populated country like India in dealing with Covid-19: World Bank – Covid-19 से निपटने में भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में गरीबों को लेकर चिंता : विश्व बैंक अध्यक्ष


Covid-19 से निपटने में भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में गरीबों को लेकर चिंता : विश्व बैंक अध्यक्ष

विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने गुरूवार को जताई चिंता
  2. कोरोना महामारी के दौरान भारत जैसे सघन देशों में वंचितों के लिए चिंता जताई
  3. कहा- यह संकट गरीब देशों को प्रभावित करेगा

वाशिंगटन:

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विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने गुरूवार को कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत जैसे सघन देशों में वंचितों के लिए चिंता जताई और कहा कि यह संकट गरीब देशों को प्रभावित करेगा. मालपास कोविड-19 पर जी20 वार्ता को संबोधित कर रहे थे. वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भाग लिया. दुनिया भर में कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने की संयुक्त पहल बनाने के लिए शिखर वार्ता बुलाई गई थी. मालपास ने कहा, ‘मैं खासतौर पर भारत जैसे सघन आबादी वाले देशों को लेकर चिंतित हूं जहां कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली को व्यापक निवेश की जरूरत है. हम अपने सार्वजनिक और निजी सेक्टर के संसाधनों के माध्यम से समर्थन देने के लिए कड़ा परिश्रम कर रहे हैं.’

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोना वायरस (Coronavirus) और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने एवं देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की. यह राशि जरूरतमंदों की सहायता के लिये दी जा रही है. वित्त मंत्री ने कहा कि सभी श्रेणी के लोगों की सहायता को ध्यान में रखकर यह राहत पैकेज दिया जा रहा है. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये जुटे डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिये 50 लाख रुपये के बीमा कवर की घोषणा भी की है. वहीं, राशन की दुकानों से 80 करोड़ परिवारों को अतिरिक्त 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने के लिये मुफ्त दी जाएगी.