corona virus: Indian students stuck at Manila airport, they send message for help to Indian Embassy | मनीला एयरपोर्ट पर फंसे 100 से ज्यादा छात्रों की मदद के लिए पहुंचा भारतीय दूतावास, छात्रों ने वापसी के लिए विशेष विमान भेजने की मांग की

corona virus: Indian students stuck at Manila airport, they send message for help to Indian Embassy | मनीला एयरपोर्ट पर फंसे 100 से ज्यादा छात्रों की मदद के लिए पहुंचा भारतीय दूतावास, छात्रों ने वापसी के लिए विशेष विमान भेजने की मांग की


  • सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी ने विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से भारतीय छात्रों के मनीला में फंसे होने की जानकारी दी थी
  • विदेश सचिव श्रृंगला ने विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम पर मौजूद अधिकारी महेश कुमार को छात्रों की परेशानी के बारे में बताया
  • फिलीपींस ने भारतीय छात्रों को 72 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया था, इसके बाद जल्दी में एयरपोर्ट पहुंचे छात्र वहां फंस गए

दैनिक भास्कर

Mar 18, 2020, 11:51 PM IST

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क. कोरोनावायरस का बढ़ता संक्रमण पूरी दुनिया के लिए चुनौती बन गया है। कई देश अपनी सीमाएं दूसरे देश के नागरिकों के लिए बंद कर चुके हैं। सैकड़ों भारतीय अभी भी दुनिया के कुछ देशों में फंसे हैं। इसी बीच, जब फिलीपींस सरकार ने बुधवार को भारतीय छात्रों को 72 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया तो वहां मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में 100 से ज्यादा छात्र मनीला एयरपोर्ट पर पहुंचे। मगर, उन्हें वहां से आगे जाने के लिए रोक दिया गया। परेशान छात्रों ने मदद के लिए सोशल मीडिया के जरिए भारत सरकार से अपील की, लेकिन कई प्रयास के बाद भी बात नहीं बन पाई।

इसके बाद, छात्रों ने न्यूयॉर्क में 32 साल से रह रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी से वॉट्सएप के जरिए संपर्क किया। उन्हें पूरा मामला बताया। इसके बाद भंडारी को एयरपोर्ट से वीडियो बनाकर भेजा। इसके बाद भंडारी ने भारत सरकार के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से संपर्क करके छात्रों की मदद की अपील की। श्रृंगला के तुरंत हस्तक्षेप करने से मनीला स्थित भारतीय दूतावास हरकत में आया। इसके बाद दूतावास के अधिकारी भारतीय छात्रों की मदद करने एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद छात्रों को भोजन करवाया और उनके वहां से निकलने की व्यवस्था करवाई। 

भंडारी के मुताबिक, मनीला में एक हजार से ज्यादा छात्र फंसे

विदेश सचिव श्रृंगला से बात करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता भंडारी ने सिविल एविएशन सेक्रेट्री प्रदीप सिंह खरोला से बात करके एयरपोर्ट पर फंसे छात्रों को निकालने और अन्य भारतीयों को भारत भेजने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था किए जाने की गुहार लगाई। भंडारी ने बताया कि फिलहाल यहां भारत के अलग-अलग राज्यों से आए 1 हजार से अधिक छात्र फंसे हुए हैं।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय के द्वारा कोरोनावायरस को लेकर तैयार किया गया कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी महेश कुमार से भंडारी ने बात की। उन्होंने कुमार को कई भारतीय छात्रों के नंबर दिए। अधिकारी कुमार ने तुरंत छात्रों से बात की तथा मनीला स्थित दूतावास पर प्रथम सचिव मनीषा से बात करके छात्रों से संपर्क करने को कहा। भंडारी और कुमार ने छात्रों के अभिभावकों से बात करके उन्हें आश्वस्त किया कि छात्र सुरक्षित हैं।

 

टाइमलाइन: न्यूयॉर्क के समयानुसार

रात 9 बजकर 43 मिनट: भारतीय छात्रों ने न्यूयॉर्क में सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी से वॉट्सएप पर मदद मांगी।
रात 10 बजे: भारतीय छात्रों ने मनीला एयरपोर्ट से भंडारी को वीडियो मैसेज भेजा।
रात 10 बजकर 27 मिनट: सामाजिक कार्यकर्ता भंडारी की पत्नी रेखा भंडारी ने वीडियो मैसेज ट्विटर पर पोस्ट किया।
रात 10 बजकर 28 मिनट: भारतीय छात्रों ने इसे रिट्वीट करना शुरू किया।
रात 10 बजकर 43 मिनट: विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से संपर्क किया गया और भारतीय छात्रों की मदद के लिए मांग की गई।
रात 10 बजकर 45 मिनट: विदेश सचिव श्रृंगला ने तुरंत जवाब दिया।
रात 10 बजकर 48 मिनट: सामाजिक कार्यकर्ता भंडारी ने सिविल एविएशन सेक्रेट्री प्रदीप सिंह से तत्काल मदद की मांग की।

रात 10 बजकर 52 मिनट: सिविल एविएशन सचिव प्रदीप सिंह ने भंडारी से संपर्क साधा।
रात 1 बजकर 35 मिनट:  सामाजिक कार्यकर्ता भंडारी ने विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम पर तैनात अधिकारी से बात की और परेशान छात्रों के कॉन्टेक्ट नंबर दिए।
रात 1 बजकर 47 मिनट: विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम ने मनीला में मौजूद भारतीय छात्रों से संपर्क किया।
रात 2 बजे: मनीला में भारतीय दूतावास ने छात्रों से संपर्क किया।
रात 2 बजकर 19 मिनट: दूतावास के अधिकारी मनीला एयरपोर्ट पर फंसे छात्रों से संपर्क करने पहुंचे। उन्होंने छात्रों को जरूरी चीजें दीं।
सुबह 7 बजकर 40 मिनट: मनीला में भारतीय दूतावास ने नई एडवायजरी जारी की।
सुबह 8 बजे : दूतावास ने छात्रों की मदद की और फूड मुहैया करवाया।

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