Coronavirus: AAP MLA Atishi demanded stern action against Nizamuddin Markaz

Coronavirus: AAP MLA Atishi demanded stern action against Nizamuddin Markaz


Coronavirus: AAP विधायक आतिशी ने निजामुद्दीन मरकज मामले पर दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल, मैप शेयर कर पूछा...

दिल्ली का निजामुद्दीन इलाका भारत में कोविड-19 के एक केंद्र के तौर पर सामना आ रहा है

नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक आतिशी ने तीन दिन का इज्तिमा (मजहबी मकसद से एक खास जगह जमा होना) आयोजित करने के लिए निजामुद्दीन मरकज के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मंगलवार को मांग की. साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से इस तरह से लोगों के जुटने पर रोक लगाए जाने के बावजूद दिल्ली पुलिस द्वारा अपेक्षित कदम नहीं उठाने पर भी सवाल किया. दिल्ली का निजामुद्दीन इलाका भारत में कोविड-19 के एक केंद्र के तौर पर सामना आ रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में यहां कई लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.  इंडोनेशिया और मलेशिया समेत विभिन्न देशों के दो हजार से ज्यादा लोगों ने 13 से 15 मार्च के बीच निजामुद्दीन (पश्चिम) इलाके में तबलीगी जमात के इज्तिमे में हिस्सा लिया था. तबलीगी जमात के मुख्यालय (मरकज़) जाने वाले कम से कम 24 लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और उसने इलाके की घेराबंदी की तथा लोगों की जांच करना शुरू की. 

200 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक लगाने के दिल्ली सरकार के आदेश का हवाला देते हुए आतिशी ने निजामुद्दीन मरकज़ (केंद्र) के प्रशासकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कालकाजी की विधायक ने ट्वीट किया, “ तीन दिन की धार्मिक सभा आयोजित करने वाले निजामुद्दीन मरकज़ के प्रशासकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जिसमें 13-15 मार्च के बीच 1000 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. दिल्ली सरकार के आदेशों ने 13 मार्च को ही साफ तौर से सभाओं या 200 से अधिक व्यक्तियों के जमा होने पर रोक लगा दी थी.”

एक अन्य ट्वीट में आतिशी ने निजामुद्दीन थाने और निजामुद्दीन मरकज़ के बीच की दूरी को दिखाने के लिए एक स्क्रीनशॉट टैग किया. आप नेता ने कहा, “ हज़रत निजामुद्दीन थाना, निजामुद्दीन मरकज़ से एक दम बराबर में है जो गूगल मैप से देखा जा सकता है. दिल्ली सरकार के आदेश की अवहेलना करके 13-15 मार्च तक 1000 से ज्यादा लोगों के जुटने पर दिल्ली पुलिस ने मरकज़ के प्रशासकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की?”

उन्होंने कहा, “12 मार्च के दिल्ली सरकार की अधिसूचना में कहा गया था कि जो भी कोविड-19 से प्रभावित देशों की यात्रा से हाल में लौटा हों, वे खुद को पृथक कर ले. तो फिर मरकज़ के प्रशासकों ने उन देशों से आने वाले लोगों को अलग थलग करना क्यों सुनिश्चित नहीं किया?” आतिशी ने दिल्ली पुलिस को भी निशाने पर लिया और सवाल किया कि उसने कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस ने 13-15 मार्च तक निजामुद्दीन मरकज में बड़े धार्मिक आयोजन के खिलाफ क्या कार्रवाई की, जब दिल्ली सरकार के आदेश थे कि 200 से ज्यादा लोगों को जमा होने से रोका जाए? केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है.”


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