CoronaVirus Latest News; Health Ministry said India received 5 lakh rapid COVID-19 testing kits from China | चीन ने भारत को दी 5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट, इससे उन लोगों की पहचान होगी जो संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए थे


  • इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के वैज्ञानिक बोले- इससे कोरोना की जांच नहीं होगी
  • एंटीबॉडी टेस्ट में अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तो उसकी आरटी पीसीआर जांच होगी
  • दो दिनों में देशभर में शुरू होगी जांच, संक्रमण के बाद खुद ठीक होने वालों की भी होगी पहचान

दैनिक भास्कर

Apr 16, 2020, 10:28 PM IST

नई दिल्ली. देश में दो दिनों के अंदर रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट शुरू हो जाएगा। गुरुवार को चीन की तरफ से 5 लाख टेस्टिंग किट मिल गई है। यह जानकारी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक डॉ. रमन आर गंगाखेडकर ने दी। उन्होंने बताया कि जहां कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, वहां एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट होंगे।

डॉ. रमन ने यह भी साफ कर दिया कि इस टेस्ट से यह नहीं मालूम चलेगा कि कोई कोरोना संक्रमित है या नहीं?

डॉ. रमन ने कहा- उनकी पहचान होगी, जो संक्रमितों के संपर्क में आए थे

उन्होंने बताया कि इससे उन लोगों की पहचान होगी जो संक्रमितों के संपर्क में आए थे ,लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखे। सभी संदिग्ध लोगों और पहले से बीमार एंफ्लुएंजा के रोगियों, निमोनिया के मरीजों, सामान्य जुकाम, बुखार के रोगियों और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ चुके लोगों का इसके जरिए टेस्ट किया जाएगा। डॉ. रमन ने कहा, ”इस किट से पता चलेगा कि कहीं आप कभी कोरोना से संक्रमित तो नहीं थे। जब आप किसी वायरस या पैथोजन से संक्रमित होते हैं, तो शरीर इसकी प्रतिक्रिया में एंटीबॉडी बनाता है। इस टेस्ट में इन्हीं एंटीबॉडी का पता चलेगा।”

ऐसे किया जाएगा टेस्ट

  • आईसीएमआर ने कोविड-19 टेस्ट के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया है कि एंटीबॉडी टेस्ट का रिजल्ट 5 मिनट में मिल जाएगा। 
  • इस टेस्ट के लिए मरीज के खून का नमूना लेकर उसमें एंटीबॉडी की मौजूदगी चेक की जाएगी।

  • जो लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ चुके होंगे, उनके शरीर ने इस विषाणु के खिलाफ एंटीबॉडी बना लिया होगा, जिसके चलते एंटीबॉडी खून में मौजूद होगा। ऐसे लोगों की पहचान हो जाएगी। 

टेस्ट रिपोर्ट के बाद आगे फैसला होगा
अगर किसी व्यक्ति का एंटीबॉडी टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो उसकी फिर पुराने तरीके यानी आरटी पीसीआर के मध्यम से जांच की जाएगी। इससे उसके शरीर में कोरोनावायरस की सही स्थिति का पता लगा सकेगा। इसी आधार पर यह तय होगा कि उस व्यक्ति को क्वारैंटाइन में रखा जाए या फिर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाए। कुछ केस में इंसान संक्रमित होने के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। ऐसे लोगों की भी पहचान हो जाएगी। वहीं अगर किसी व्यक्ति की जांच रिपोर्ट निगेटिव आती है, लेकिन उसमें संक्रमण के सभी लक्षण दिख रहे हैं तो उसे भी गंभीरता के आधार पर आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए भेजा जा सकता है। 

आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव आने पर सुरक्षित
डॉ. रमन के मुताबिक, अगर किसी मरीज में एंटीबॉडी टेस्ट निगेटिव आता है। बाद में आरटी पीसीआर टेस्ट भी निगेटिव आता है, लेकिन उसमें सामान्य सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी के लक्षण हैं। ऐसे मामलों में यह संभावना ज्यादा है कि उसे सामान्य फ्लू हुआ हो।