Coronavirus Pakistan | Coronavirus Outbreak Pakistan Imran khan News Updates Corona COVID-19 Death Toll | इमरान खान बोले- लॉकडाउन तो ज्यादती है, ये हम नहीं कर सकते; मुल्क तबाह हो जाएगा


  • पाकिस्तान ने अपनी फौज सड़कों पर उतार दी, लेकिन वो अवाम के सामने बेबस नजर आ रही
  • देश के कई हिस्सों में न तो पेट्रोल-डीजल मिल रहा है और न सब्जियां

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 10:14 PM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा बुधवार को एक हजार के पार हो गया। वहां अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री इमरान खान ने मुल्क में लॉकडाउन लागू करने से इनकार कर दिया। इमरान ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान जैसे मुल्क में लॉकडाउन जैसे सख्त कदम नहीं उठाए जा सकते। इससे मुल्क की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। 

हर हिस्से में किल्लत
इससे पहले इमरान खान ने सांसदों के साथ बैठक की, जिसमें कोरोनावायरस से पैदा हुए हालात पर विचार किया गया। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा, “पाकिस्तान में लॉकडाउन करना ज्यादती और नामुमकिन सा काम है। हमारी अवाम इसे कर्फ्यू ही मानेगी। मान लीजिए अगर हम ऐसा करते भी हैं तो इससे मुल्क तबाह हो जाएगा। हमारी अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी। जरूरी सामान की किल्लत एक दिन में ही दिखने लगी है।”

हर हिस्सा बेजार
इमरान ने कहा, “गिलगित बाल्टिस्तान में पेट्रोल और डीजल नहीं हैं। कराची पोर्ट बंद है। वहां तमाम दिक्कतें सामने आ रही हैं। पाकिस्तान सरकार अकेले कोई प्लान कामयाब नहीं बना सकती। राज्य सरकारें सहयोग नहीं कर रही हैं। मुल्क को एकजुट होना पड़ेगा। तब हम कोरोना संक्रमण को रोक पाएंगे।” ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, पाकिस्तान में सिर्फ मंगलवार को हल्की सख्ती की गई थी। इसमें भी लोगों ने सहयोग नहीं किया।देश के हर हिस्से में जरूरी सामान की किल्लत हो गई। दूसरे देशों से सामान नहीं आ पा रहा। भारत से व्यापारिक संबंध पहले ही खत्म किए जा चुके हैं। लिहाजा, दिक्कत और ज्यादा बढ़ चुकी है।   

सिंध को सपोर्ट नहीं
सिंध प्रांत में अब तक संक्रमण के कुल 414 मामले सामने आ चुके हैं। यहां मीडिया के दबाव में सरकार ने मंगलवार को लॉकडाउन का ऐलान किया। पीओके में 84 संक्रमित मिले हैं। यहां भी लॉकडाउन किया गया। इन दोनों ही जगहों पर यह पूरी तरह विफल रहा। लेकिन, देश की दूसरी जगहों से यहां सामान नहीं पहुंचा। लिहाजा, पेट्रोल-डीजल से लेकर खाद्य सामग्री की भी किल्लत हो गई।