Coronavirus Pakistan | Coronavirus Pakistan Cases Death Toll Latest Updates: Read Pakistan Corona Noval COVD-19 Total Cases Latest News | इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए चीन के लोगों के साथ काम करने वाले पाकिस्तानियों में कोरोनावायरस का खौफ सबसे ज्यादा

Coronavirus Pakistan | Coronavirus Pakistan Cases Death Toll Latest Updates: Read Pakistan Corona Noval COVD-19 Total Cases Latest News | इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए चीन के लोगों के साथ काम करने वाले पाकिस्तानियों में कोरोनावायरस का खौफ सबसे ज्यादा


  • कोरोनावायरस के कारण अब तक चीन में 3 हजार और ईरान में 600 से ज्यादा मौत
  • इकोनॉमिक कॉरिडोर के कारण पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की बढ़ती आवाजाही सरकार की चिंता का बड़ा कारण
  • पाकिस्तान में ईरान से लगी 956 किमी लंबी सीमा अस्थाई तौर पर बंद, उड़ाने भी रद्द की जा चुकी हैं

इस्लामाबाद से कास्वर कलासरा

इस्लामाबाद से कास्वर कलासरा

Mar 15, 2020, 06:46 PM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में अब तक कोरोनावायरस के 32 मामले सामने आ चुके हैं। यह संख्या अन्य देशों के मुकाबले बेहद कम है लेकिन यहां सरकार और प्रशासन फिर भी डरे हुए हैं। डर का कारण है- पाकिस्तान का कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित दो देश चीन और ईरान से घिरा होना। पाकिस्तान की 956 किमी लंबी सीमा ईरान से और 523 किमी लंबी बॉर्डर चीन से लगी हुई हैं। तीनों देशों के सैकड़ों नागरिक रोजाना ये बॉर्डर क्रॉस करते हैं। रोजमर्रा के काम और शिया समुदाय के धर्मस्थल देखने के लिए सैकड़ों पाकिस्तानी नागरिक हर दिन ईरान जाते हैं। वहीं, अरबों डॉलर की चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना के कारण चीनी नागरिकों की संख्या यहां बहुत ज्यादा है। यहां चीन के लोगों के साथ काम करने वाले पाकिस्तानियों में कोरोनावायरस का खौफ सबसे ज्यादा है।

ईरान से धार्मिक यात्रा से लौट रहे पाकिस्तानियों की स्क्रीनिंग के लिए बार्डर पर बना अस्थायी हॉस्पिटल

पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या यह है कि चामान इलाके से सैकड़ों पाकिस्तानी नागरिक रोजमर्रा के कामकाज और धार्मिक यात्रा के लिए ईरान जाते हैं। महज, धार्मिक यात्रा करने वालों की ही संख्या सैकड़ों में हैं। पिछले साल ईरान में मुस्लिम धर्म के पवित्र स्थलों को देखने के लिए 1 लाख 20 हजार पाकिस्तानियों ने ईरान की यात्रा की थी। ईरान के शहर मशाद और कौम पाकिस्तान में अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लिए पवित्र धर्म स्थल माने जाते हैं। मशाद में ही मुस्लिमों के आठवें इमाम रेजा का मकबरा है। यहां बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग आते हैं। इन जगहों पर धार्मिक यात्रा कर लौटने वालों के लिए बलूचिस्तान प्रांत में ईरान-पाकिस्तान सीमा से लगे ताफतान शहर में एक अस्थायी हॉस्पिटल बना रखा है। 100 बेड के इस हॉस्पिटल में इन धर्मावलंबियों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।

ईरान से लौट 960 लोगों को क्वारटाइन किया गया, पाक-ईरान के बीच उड़ानें भी रद्द

सिंध प्रांत के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे 960 धर्मावलंबियों को ईरान से वापस लौटने के बाद फौरन क्वारैंटाइन (अलग-थलग) किया गया है। पाकिस्तानी अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए उठाया गया है। सिंध प्रांत के मंत्री डॉ. अजरा फजल पेचुहो ने पिछले बुधवार को साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट से बातचीत में कहा था, ‘‘धार्मिक यात्रा कर ईरान से लौटे सैकड़ों परिवारों को सिंध प्रांत के अलग-अलग इलाकों में क्वारैंटाइन किया गया है। इन लोगों में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं देखे गए, लेकिन ऐहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।’’ लाहौर और क्वेटा से ईरान के मशाद के बीच पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स की 2 फ्लाइटें हैं। दोनों ही बंद कर दी गई हैं। दोनों देशों के बीच सड़क और रेलमार्ग से होने वाला आवागमन भी पिछले हफ्ते बंद कर दिया गया था।

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में काम करने वाले पाक नागरिकों में डर

सीपीईसी के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर जो पाकिस्तानी नागरिक, चीन के नागरिकों के साथ काम कर रहे हैं। उनमें डर का माहौल ज्यादा है। सीपीईसी के एक प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे सिविल इंजीनियर इकबाल हुसैन बताते हैं कि हम जैसे लोग जो रोजाना चीनी लोगों के साथ यहां काम कर रहे हैं, उन्हें यह बीमारी होने का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसे में डर तो लग ही रहा है।   

एक अनुमान के मुताबिक, 2013 तक पाकिस्तान में 20 हजार चीनी प्रवासी रहते थे, लेकिन सीपीइसी के बाद 2018 में इनकी संख्या 60 हजार पहुंच गई। पाकिस्तान में 400 से ज्यादा चीनी कंपनियां अलग-अलग प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में चीनी और पाकिस्तानी नागरिक काम करते हैं और ये नियमित तौर पर चीन जाते रहते हैं। इससे कोरोनावायरस के यहां फैलने का डर और ज्यादा बना हुआ है। इमरान सरकार इस स्थिति से चिंतित है और इसी कारण से पाकिस्तान के चार एयरपोर्ट पर चीन से आने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग करने का फैसला लिया गया है। पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन विभाग के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के हर आदेश के मुताबिक कदम उठाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

चीन में पढ़ रहे पाकिस्तानी छात्रों की वतन वापसी का अब तक इंतजार

हजारों की संख्या में पाकिस्तानी स्टूडेंट हर साल चीन जाते हैं। करीब 22 हजार पाकिस्तानी स्टूडेंट चीन में पढ़ाई कर रहे हैं। चीन में पढ़ रहे ज्यादातर पाकिस्तानी छात्रों का अब तक रेस्क्यू नहीं किया गया है। इन छात्रों के परिवारों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कई दिनों से जारी है। पिछले हफ्ते इन परिवारों ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से सवाल पूछा था कि बांग्लादेश और अफगानिस्तान भी अपने छात्रों को चीन से रेस्क्यू कर चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार अब तक यह क्यों नहीं कर पाई? परिवारों ने यह भी कहा था कि उनकी मांग पर एक्शन नहीं लिया गया तो वे विदेश मंत्रालय और चीनी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। 

बाजार से मास्क गायब, कालाबाजारी भी हो रही 

पाकिस्तान में दो कोरोनोवायरस मामलों की पुष्टि होने के बाद से ही इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने एक नोटिफिकेशन में दुकानदारों को सुरक्षा मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इनकी कालाबाजारी न करने की सलाह दी थी। जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन हालात बुरे हैं। कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच पाकिस्तान के बाजारों से रेस्पिरेटरी मास्क गायब हो चुके हैं। इन्हें अवैध रूप से ज्यादा कीमतों में बेचा जा रहा है। मास्क का जो पैकेट 80 पाकिस्तानी रुपए का है, वह 1800 रुपए में बेचा जा रहा है।

पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में पहली बार बिना दर्शक के खेल जा रहे मैच

पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब मैच बिना दर्शक के खेले जा रहे हैं। यहां सिंध प्रांत में लगातार बढ़े कोरोनावायरस के मामलों के बाद राज्य सरकार ने कराची में होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग के मुकाबलों में दर्शकों की एंट्री पर बैन लगा दिया है। सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने बताया, ‘‘हमने फैसला लिया है कि कराची में सभी मैच खेले जाएंगे, लेकिन दर्शकों को स्टेडियम में घुसने की इजाजत नहीं होगी। लीग के आगे होने वाले मुकाबले बंद स्टेडियम में खेले जाएंगे। कोरोनावायरस किसी जंगल में आग की तरह फैल रहा है। ऐसे में हम अपने नागरिकों जिंदगी खतरे में नहीं डाल सकते।’’

कराची किंग्स और इस्लामाबाद यूनाइटेड के बीच खेले गए मुकाबले में नेशनल स्टेडियम, कराची पूरी तरह खाली था। 

कराची नेशनल स्टेडियम में पीसीएल के 2 मैच होने बाकी हैं। 15 और 17 मार्च को यह मुकाबले खेले जाने हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से इस बारे में जब बात की गई तो उन्होंने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मैच तय समय पर ही होंगे, लेकिन बिना दर्शकों के। प्रवक्ता ने बताया, ‘‘सरकार की सलाह पर कराची में होने वाले पीसीएल के सभी मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे। यह फैसला खिलाड़ियों, दर्शकों, अधिकारियों और मीडिया की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की पॉलिसी के मुताबिक, जो दर्शक मैच के टिकट खरीद चुके थे, उन्हें उनके पैसे वापस मिल जाएंगे।’’

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