Coronavirus Plasma Therapy In India | All India Institute of Medical Science (AIIMS) Says Initial Results Of Plasma Therapy Trial Not Predictable | एम्स ने कहा- प्लाज्मा थैरेपी ट्रायल के शुरुआती नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं, अभी और सबूतों की जरूरत


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नई दिल्ली7 घंटे पहले

एम्स के मुताबिक, प्लाज्मा थैरेपी बहुत प्रभावी नहीं है। इसलिए इसका सोच-समझकर उपयोग किया जाना चाहिए। (प्रतीकात्मक)

  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने 15-15 मरीजों के दो ग्रुप्स पर ट्रायल किया है
  • देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्लाज्मा थैरेपी की भी चर्चा चल रही है

देश में संक्रमण के बढ़ते मामलों और प्लाज्मा थैरेपी की उपयोगिता पर एम्स का बयान आया है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के मुताबिक- कोरोना मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी के शुरुआती नतीजे खास उत्साहित करने वाले नहीं हैं। एम्स ने कहा- मरीजों को होने वाले खतरों को कम करने मे प्लाज्मा थैरेपी से कोई खास मदद नहींं मिली।

ये अभी शुरुआती परिणाम
एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने न्यूज एजेंसी को बताया- यह अभी शुरुआती परिणाम हैं। प्लाज्मा थैरेपी के इफेक्ट को जानने के लिए 15-15 मरीजों के दो ग्रुप पर ट्रायल किया गया है। इसमें एक ग्रुप का स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया गया। जबकि, दूसरे ग्रुप पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट के साथ प्लाज्मा थैरेपी भी इस्तेमाल की गई। ट्रायल से हमें पता चला कि दोनों ग्रुप्स में डेथ रेट एक जैसा था। यानी मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी से कुछ खास फायदा नहीं हुआ।

प्लाज्मा थैरेपी बहुत कारगर नहीं
डॉ. गुलेरिया के मुताबिक- किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमें और सबूतों की जरूरत होगी। फिलहाल, यही कहा जा सकता है कि प्लाज्मा थैरेपी सुरक्षित है। इससे किसी मरीज को कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन, ये थैरेपी बहुत कारगर नहीं है। लिहाजा, इसका इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाना चाहिए।

ध्यान देने वाली बात यह है कि कोरोना संक्रमितों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में प्लाज्मा थैरेपी को एक इन्वेस्टिगेशनल थैरेपी बताया गया है। इसके मुताबिक, प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल उन मरीजों पर किया जा सकता है, जिनको स्टेरॉयड देने के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है। इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) भी प्लाज्मा थैरेपी के प्रभाव को जांचने के लिए ट्रायल कर रहा है। इसके परिणाम सामने नहीं आए हैं।​​​​​​​

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