Coronavirus Temple Closed | Corona Virus (COVID-19) Mandir Closed Updates; Jammu Kashmir Raghunath Temple, Bengaluru Noida ISKCON Sri Radha Krishna Mandir | 13 राज्यों के 33 धर्मस्थलों का हाल: सीकर में खाटू श्याम और चित्रकूट में कामतानाथ मंदिर बंद; मुंबई की हाजी अली दरगाह में भी जायरीनों पर रोक


  • हरिद्वार में प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती 31 मार्च तक नहीं होगी
  • रघुनाथ मंदिर का निर्माण डोगरा राजाओं ने 1835 से 1865 के बीच कराया
  • मुंबई की हाजी अली दरगाह में भी फिलहाल जायरीनों की एंट्रू नहीं होगी

दैनिक भास्कर

Mar 19, 2020, 02:06 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस का असर देश के कई धर्मस्थलों पर पड़ा है। बुधवार तक 28 मंदिरों को बंद किए जाने की जानकारी आई थी। गुरुवार को 13 राज्यों में यह आंकड़ा 33 हो गया। दिल्ली के इस्कॉन, जम्मू के रघुनाथ, सीकर के खाटू श्याम और चित्रकूट के कामतानाथ जैसे बड़े मंदिरों को गुरुवार से बंद किया गया। हरिद्वार में रोजाना होने वाली गंगा आरती भी 31 मार्च तक नहीं होगी। इन मंदिरों में हजारों लोग प्रतिदिन जाते हैं। भीड़ को रोकने के मद्देनजर यह मंदिर बंद किए गए हैं। बुधवार को श्री माता वैष्णोदेवी यात्रा भी 31 मार्च तक रोक दी गई। वृंदावन में भगवान रंगनाथ जी की 171 साल पुरानी वार्षिक यात्रा भी स्थगित कर दी गई थी।

गुरुवार को ये मंदिर बंद किए गए

दिल्ली : इस्कॉन मंदिर को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इस्कॉन दिल्ली की वेबसाइट के मुताबिक, यह मंदिर 1995 में बनकर तैयार हुआ था। राधाकृष्ण के इस भव्य मंदिर के निर्माण पर 12 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। 

जम्मू : जम्मू के ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर को भी अगले आदेश तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर में पूजा-पाठ जारी रहेगा। इस मंदिर का निर्माण डोगरा राजाओं ने 1835 से 1865 के बीच कराया था। 

खाटू श्याम : राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

चित्रकूट : भगवान राम से जुड़े महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

हरिद्वार : यहां प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। 

मुंबई : यहां की मशहूर हाजी अली दरगाह आम जायरीनों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दी गई है। 

पहले ये मंदिर बंद किए गए

तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन यहां वेटिंग की व्यवस्था बंद की गई है। यहां बीते कुछ दिनों से भक्तों की संख्या में काफी कमी आई है। मंदिर में अब हर घंटे 4 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने नहीं जा सकेंगे। जिन श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत मिलेगी, उन्हें मास्क पहनकर आना होगा और सैनिटाइजर साथ रखना होगा। मंदिर में 13 मार्च को 56160 श्रद्धालु थे। ये 14 मार्च को बढ़कर 78200 हो गए। 15 मार्च को श्रद्धालुओं की संख्या 63700, 16 मार्च को 55800, 17 मार्च को 49200 रही।

वैष्णोदेवी: जम्मू के कटरा स्थित श्री माता वैष्णोदेवी ट्रस्ट ने वैष्णो देवी यात्रा भी 31 मार्च तक रद्द कर दी है। फैसला ऐसे समय आया है, जब हर साल इस सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ती है। पिछले कुछ दिनों में ही गर्भगृह के दर्शन के लिए रोजाना 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कटरा बेस कैंप आए। इससे पहले ट्रस्ट ने निर्देश दिया था कि एनआरआई देश में आने के 28 दिन तक यहां न आएं। जिन्हें खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी हो वे फिलहाल अपनी यात्रा टाल दें।

अजमेर. कोरोनावायरस के कहर के चलते पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भी बंद कर दिया गया है। यहां अब 31 मार्च तक श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, मंदिर में पूजा नियमित रूप से की जाएगी।

शिर्डी: कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महाराष्ट्र के शिर्डी साई मंदिर को मंगलवार दोपहर तीन बजे से श्रद्धालुओं के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

ममलेश्वर: मध्य प्रदेश में खंडवा के पास स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों पर भी रोक लगा दी गई है। फिलहाल इस मंदिर को 31 मार्च तक बंद रखने का फैसला किया गया है। मंदिर के पुजारी तीन बार आरती करके भोग लगाते रहेंगे। अब तक ग्रहण के समय ही इस मंदिर के कपाट बंद किए जाते थे। 

वाराणसी: यहां होने वाली गंगा आरती में अब आम लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। यह निर्णय जिला प्रशासन और गंगा सेवा निधि ने कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा- दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती का स्वरूप 31 मार्च तक के लिए सांकेतिक किया गया है।

कर्नाटक: बेंगलुरु के राजाजी नगर और कनकपुरा रोड स्थित इस्कॉन टेम्पल आज से आम लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

 

महाकाल: महाकाल मंदिर में सिर्फ भस्म आरती में भक्तों का प्रवेश बंद किया गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस दौरान यहां करीब 3-4 घंटे तक बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।

त्र्यंबकेश्वर: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित इस ज्योतिर्लिंग तीर्थ में भी मंगलवार से दर्शन बंद कर दिए गए हैं। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

घृष्णेश्वर: महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित इस ज्योतिर्लिंग में भी दर्शन बंद कर दिए गए हैं।

सिद्धिविनायक: मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर को सोमवार से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने अपने सभी कर्मचारियों को मास्क पहनने और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। 

कामाख्या मंदिर: गुवाहाटी स्थित इस शक्तिपीठ में मंदिर प्रशासन ने रोजाना लगने वाले भोग को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया है। यहां श्रद्धालुओं को हैंड सैनिटाइजर्स मुहैया कराया जा रहा है।

गुवाहाटी स्थित कामाख्या शक्तिपीठ में फिलहाल दर्शन बंद नहीं किए गए हैं।

अमृतसर: गोल्डन टैम्पल खुला है, लेकिन परिसर में गोल्डन टैम्पल प्लाजा बंद कर दिया गया है। यहां श्रद्धालुओं को हैंड सैनिटाइजर मुहैया कराया जा रहा है।

ओंकारेश्वर: ज्योतिर्लिंग संस्थान को दर्शन के लिए बंद तो नहीं किया गया है, लेकिन संस्थान ने श्रद्धालुओं से वहां नहीं आने का आग्रह किया है।

शनि शिंगणापुर: महाराष्ट्र जिले के शिंगणापुर में शनिधाम को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

दलाई लामा टैम्पल: धर्मशाला स्थित यह मंदिर और सिद्धिबाड़ी स्थित ग्यूतो मोनेस्ट्री में आम लोगों का प्रवेश एक महीने के लिए बंद कर दिया गया है।

मुंबई के ये 4 मंदिर 31 मार्च तक बंद: मुंबादेवी मंदिर, महालक्ष्मी, बबूलनाथ और इस्कॉन मंदिर 31 मार्च तक बंद रखने की घोषणा की गई है।

हिमाचल प्रदेश 6 प्रमुख मंदिर बंद: कांगड़ा में बृजेश्वरी मंदिर, ज्वालामुखी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, बगलामुखी मंदिर, बिलासपुर जिले में स्थित मां नयना देवी मंदिर और ऊना जिले में स्थित चिंतपुर्णी मंदिर मंगलवार दोपहर से श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं।

मिर्जापुर (उप्र): हनुमान मंदिर में संक्रमितों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की गई।

गुरुवायुर: केरल के कोच्चि स्थित गुरुवायुर मंदिर में सीमित संख्या में भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है। खास तौर पर 20 मार्च से 28 मार्च के बीच यहां होने वाले भारणी महोत्सव को देखते हुए यह पाबंदी लागू की गई है। इस दौरान यहां काफी भीड़ होती है।

ईशा योग केंद्र: दुनियाभर में संस्था के सभी केंद्रों पर अगले आदेश तक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा है कि उनके केंद्रों में रहने वालों के स्वास्थ्य की हर तीन दिन में जांच की जाएगी।