Couple had to postpone the marriage thrice, first Nipah then flood and this time Corona became the reason; Now set date in september | कपल को तीन बार शादी टालनी पड़ी, पहले निपाह फिर बाढ़ और इस बार कोरोना वजह बना; अब सितंबर में तारीख तय की


  • केरल में सामाजिक कार्यक्रमों में भीड़ पर प्रतिबंध, यहां 40 केस सामने आए, 288 को आइसोलेशन में रखा गया
  • प्रेमचंद्रन और सांद्रा संतोष की शादी 20 मार्च को थी, इससे पहले मई 2018 और सितंबर 2019 में टालनी पड़ी थी

दैनिक भास्कर

Mar 21, 2020, 07:58 PM IST

कोझिकोड़. बचपन से एक-दूसरे को प्यार करने वाले ए प्रेमचंद्रन और सांद्रा संतोष शादी के बंधन में बंधना चाहते हैं, लेकिन यह संयोग बन नहीं पा रहा है। इन दोनों को तीन बार अपनी शादी टालनी पड़ी है। पहली बार निपाह की वजह से फिर बाढ़ की वजह से और अब कोरोनावायरस की वजह से दोनों को शादी टालनी पड़ी।

परिवार को उम्मीद- सितंबर में हो जाएगी शादी
राज्य में कोरोना के संक्रमण की वजह से लोगों की भीड़ जमा होने पर रोक लगाई गई है। 26 साल के प्रेमचंद्रन और 23 साल की सांद्रा की शादी रविवार यानी 20 मार्च को होनी थी, लेकिन प्रतिबंधों की वजह से इसे टालना पड़ा। परिवारवालों का कहना है कि प्रेमचंद्रन और सांद्रा निराश नहीं है। इस बार परिजनों ने सितंबर में दोनों की शादी की तारीख तय की है।

निपाह ने केरल में 17 लोगों की जान ली थी
सबसे पहले प्रेमचंद्रन और सांद्रा की शादी की तारीख मई 2018 में तय की गई। लेकिन, इस दौरान कोझिकोड़ और मलप्पुरम जिलों में निपाह वायरस फैल गया और इसके चलते 17 लोगों की जान गई। सरकार ने सामाजिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके चलते प्रेमचंद्रन की सांद्रा की शादी टालनी पड़ी। जब निपाह का संक्रमण खत्म हो गया तो दोनों के परिवार ने एक बार फिर पिछले साल सितंबर में शादी तय की। इस दौरान ओणम फेस्टिवल की छुट्टियां भी थीं। पर, एक महीने पहले अगस्त में ही केरल में भीषण बाढ़ आ गई। इसके चलते फिर शादी नहीं हो पाई। परिवार ने फिर 6 महीने इंतजार किया और 20 मार्च को शादी तय की। इस बार कोरोना के चलते लगे प्रतिबंधों के चलते दोनों विवाह बंधन में नहीं बंध पाए।

केरल में 40 केस, 50 हजार से ज्यादा होम क्वारैंटाइन
केरल में कोरोनावायरस के अब तक 40 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें 3 वह मामले भी है, जो सबसे पहले सामने आए थे और ये मरीज अह ठीक हो गए हैं। राज्य में संक्रमण से निपटने के लिए सामाजिक कार्यक्रमों में भीड़ के जमा होने पर रोक लगा दी गई है। 50 हजार से ज्यादा लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है। 288 लोगों को आइसोलेशन वॉर्ड में निगरानी में रखा गया है।
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