Delhi’s Indira Gandhi International Airport turned into parking lot, more than 100 aircraft had to stand on the runway | क्षमता 256 प्लेन की, लेकिन लॉकडाउन के कारण एयरपोर्ट पर 300 प्लेन खड़े हैं, एक रनवे भी पार्किंग में तब्दील हुआ


  • दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रोज 700 से ज्यादा विमानों की आवाजाही, लेकिन 22 मार्च रात डेढ़ बजे से इंटरनेशनल उड़ानें बंद
  • 300 विमानों का एक दिन का पार्किंग चार्ज करीब 3 करोड़ रुपए, सरकार और डीजीसीए के दखल पर पार्किंग चार्ज माफ होगा

मुकेश कौशिक

मुकेश कौशिक

Apr 03, 2020, 07:11 PM IST

नई दिल्ली. देश की राजधानी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 22 मार्च की रात डेढ़ बजे से 14 अप्रैल की रात 12 बजे तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही बंद है। जिस इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई) से हर दिन 700 से ज्यादा विमान उड़ते थे, वहां अब पैसेंजर प्लेन पार्किंग में खड़े हैं। जगह की दिक्कत है, इस वजह से रनवे-1 पर भी 24 विमानों को पार्क करना पड़ा है। रोजाना करीब 150 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रहीं एयरलाइन कंपनियों के सामने अब पार्किंग चार्ज बड़ी चुनौती है।

रनवे-1 पर 24 विमान, रनवे-2 से कार्गो विमानों की आवाजाही

कोरोनावायरस को रोकने के लिए सरकार ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तो बंद कर दीं, लेकिन कार्गो विमानों को छूट दे दी। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की क्षमता 256 विमानों की है, लेकिन अभी वहां 300 प्लेन पार्क हैं। डीजीसीए में 648 विमान रजिस्टर्ड हैं। इस लिहाज से दिल्ली में ही करीब आधे विमान पार्क हैं। वहां 24 विमान रनवे-1 पर खड़े हैं। रनवे-2 से कार्गो विमानों की आवाजाही हो रही है।

एक दिन का अनुमानित पार्किंग चार्ज करीब 3 करोड़ रुपए

अनुमान के मुताबिक, 300 प्लेन का एक दिन का पार्किंग चार्ज करीब 3 करोड़ रुपए है। इस लिहाज से बीते 12 दिन में कुल पार्किंग चार्ज करीब 36 करोड़ रुपए हो जाता है। दिल्ली एयरपोर्ट अपने रेवेन्यू का 46% हिस्सा सरकार के साथ साझा करता है। 

पार्किंग चार्ज पर फैसला केंद्र और डीजीसीए करेगा

विमानों का पार्किंग चार्ज वसूला जाए या नहीं, यह फैसला सरकार करेगी। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी डायल के जॉइंट वेंचर में 54% की हिस्सेदारी रखने वाले जीएमआर ग्रुप का भी यही कहना था। ग्रुप के सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर भास्कर को बताया कि केंद्र सरकार और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए मिलकर ही इस पर कोई फैसला कर सकते हैं।

21 दिन के लॉकडाउन से एविएशन सेक्टर को 75 से 80 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका

कोरोनावायरस से बचने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन किया है। इससे देश के एविएशन सेक्टर को करीब 75 से 80 हजार करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। दुनियाभर में एविशन सेक्टर को कुल 21 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। यह बात सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन इंडिया (CAPA) ने अपनी रिपोर्ट में कही है।
कोरोनावायरस से बचने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन किया है। इससे देश के एविएशन सेक्टर को करीब 75 से 80 हजार करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। दुनियाभर में एविशन सेक्टर को कुल 21 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। यह बात सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन इंडिया (CAPA) ने अपनी रिपोर्ट में कही है।

सबसे ज्यादा कमाई वाली अप्रैल-जून तिमाही में लॉकडाउन से नुकसान

देश की एयरलाइंस कंपनियों को अप्रैल-जून की तिमाही में सबसे ज्यादा कमाई होती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते इस साल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। CAPA का कहना है कि 21 दिनों में हुए नुकसान के बाद एयरलाइंस इस हालात में नहीं होंगी कि वे 30 जून 2020 तक अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दोबारा सही ढंग से शुरू कर सकें। 

देश के एविएशन सेक्टर को हर दिन 150 करोड़ रुपए का नुकसान

कोरोना वायरस के चलते देश में एविएशन सेक्टर को रोजाना 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। रेवन्यू भी 40% गिर सकता है। डीजीसीए के एक अधिकारी का कहना है कि कोरोना संकट से पहले देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का एक दिन का रेवेन्यू करीब 350-400 करोड़ रुपए था, जो अब आधा रह गया है।

इंडिगो को 5 हजार 494 करोड़ और स्पाइसजेट को 1 हजार 412 करोड़ रुपए का संभव 

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो को 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते 5 हजार 494 करोड़ रुपए का नुकसाना हो सकता है, जबकि स्पाइसजेट को करीब 1 हजार 412 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। दूसरी एयरलाइंस कंपनियों को भी 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते भारी नुकसान होगा लेकिन इन कंपनियों के लिस्टेड न होने के चलते नुकसान का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

एअर इंडिया को रोजाना 30 से 35 करोड़ रुपए का नुकसान
एक अनुमान के मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद होने के चलते एअर इंडिया को हर दिन 30 से 35 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। एअर इंडिया का कहना है कि फ्लाइट बंद होने के चलते फ्यूल, ग्राउंड हैंडलिंग, एयरपोर्ट चार्ज पर होने वाले खर्च बच रहा है, लेकिन सैलरी, अलाउंसेस, लीज रेंट, मिनिमम मेंटेनेंस और इंटरेस्ट पेमेंट देना होगा। एअर इंडिया की हर दिन की आमदनी करीब 60 से 65 करोड़ रुपए है। इसमें से 90% कमाई पैसेंजर ट्रैवल से होती है।

(साथ में दिल्ली से शरद पाण्डेय, मुंबई से विनोद यादव)