Eastern Ladakh row: Indian and Chinese military commanders to hold high-level talks today | पूर्वी लद्दाख से सेना हटाने को लेकर 10 घंटे तक लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की मीटिंग हुई, पैंगोग त्सो और देपसांग में डिसएंगेजमेंट का फ्रेमवर्क बना


  • मीटिंग एलएसी पर भारत की ओर चुशूल में सेक्टर में हुई
  • गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान से चीन के सैनिक पहले ही पीछे हट चुके

दैनिक भास्कर

Jul 14, 2020, 10:59 PM IST

पूर्वी लद्दाख से सैनिकों को हटाने के दूसरे फेज पर चर्चा के लिए भारत और चीन के बीच मंगलवार को 10 घंटे तक लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत हुई। यह मीटिंग लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत की ओर स्थित चुशूल में सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक हुई। बैठक में पैंगोंग त्सो और देपसांग इलाके से सेनाएं हटाने के लिए डिएस्क्लेशन और डिसएंगेजमेंट का फ्रेमवर्क तैयार हुआ। सूत्रों के मुताबिक भारत ने इन इलाकों में 5 मई से पहले की स्थिति बहाल करने पर जोर दिया।

एनएसए से चर्चा के बाद झुका था चीन
गलवान में 15 जून को भारत-चीन के बीच झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चीन के भी 40 सैनिक मारे गए, हालांकि उसने कबूल नहीं किया। तनाव कम करने के लिए 5 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की चीन के विदेश मंत्री वांग यी से वीडियो कॉल पर चर्चा के बाद चीन विवादित इलाकों में सेना पीछे हटाने को तैयार हो गया था। लद्दाख में डिसएंगेजमेंट के पहले फेज में गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और गलवान घाटी से चीन के सैनिक पीछे हट चुके हैं।

भारत की मांग- फिंगर 4, 8 से बीच से भी चीन सेना हटाए
चीन ने पैंगोग त्सो इलाके में फिंगर 4 पर भी उसने सैनिकों की संख्या कम की है। भारत की मांग है कि फिंगर 4 और 8 के बीच के इलाके से भी चीन अपनी सेना हटाए। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक लद्दाख में एलएसी के साथ ही सभी इलाकों में भारत की ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सेना प्रमुख ने जम्मू-पठानकोट सेक्टर का दौरा किया
थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने सोमवार को जम्मू-पठानकोट सेक्टर का दौरा कर वहां राइजिंग स्टार कोर की सैन्य तैयारियों का समीक्षा की। उन्होंने गुर्ज डिविजन का भी दौरा किया। जनरल नरवणे ने सेना के अफसरों और जवानों से कहा कि पाकिस्तान के सीजफायर तोड़ने और घुसपैठ करने का करारा जवाब दिया जाए।