From Kashmir to Kanyakumari, from Gujarat to Arunachal, the country celebrated Diwali of expectations in lockdown | कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश ने लॉकडाउन में दिवाली मनाई


  • शेल्टर होम में रहने वाले अनाथ बच्चों ने भी मुहिम में बढ़कर लिया हिस्सा
  • दीये जलाने का मकसद कोरोना से लड़ने वालों के प्रति आभार जताना था

दैनिक भास्कर

Apr 06, 2020, 01:10 AM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पूरे देश ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। रविवार रात 9 बजते ही 9 मिनट के लिए लोगों ने अपने घरों की बत्तियां बुझाकर दीये-कैंडिल, टॉर्च या मोबाइल की लाइट से रोशनी की। जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर किसी ने कोरोना के खिलाफ उम्मीदों के दीये जलाए। यह संदेश दिया कि कोरोना के अंधेरे के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। कई जगह बच्चों ने आतिशबाजी भी की। इस मुहिम का मकसद कोरोना से लड़ने वाले स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों के प्रति आभार जताने के साथ-साथ लॉकडाउन के माहौल में निराशा को दूर करना था। पेश है आपके लिए 9 बजे 9 मिनट की 9 चुनिंदा तस्वीरें…

केरल के कोच्चि में चर्च के पादरी और बिशप ने भी कैंडल जलाकर देश को इस संकट से उबारने के लिए प्रार्थना की।
कश्मीर में एलओसी के पास भारतीय सेना ने कैंडल और दीये जलाए और एकजुटता का मैसेज दिया।

गुजरात के सूरत में स्वामी नारायण मंदिर में कोरोना के खिलाफ संतों ने दीये जलाए।

बेंगलुरु में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। लोगों ने घरों की लाइटें बंद कर आशा के दीप जलाए।

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में भी लोगों ने दीप जलाकर इस लड़ाई में देशवासियों का साथ देने का वादा किया। 

बोधगया बिहार में बौद्ध भिक्षुओं ने भी दीये जलाकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया

दिल्ली के शेल्टर होम की यह तस्वीर है। कोरोना के अंधेरे के खिलाफ यहां महिलाओं और बच्चों ने दीये जलाए।
मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पर रात 9 बजे नजारा कुछ ऐसा था।