Government Issued Order To Give Permanent Commission Of Women Officers In Army | सरकार ने थलसेना की सभी 10 स्ट्रीम में स्थायी कमीशन देने का आदेश जारी किया; 17 साल कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था

Government Issued Order To Give Permanent Commission Of Women Officers In Army | सरकार ने थलसेना की सभी 10 स्ट्रीम में स्थायी कमीशन देने का आदेश जारी किया; 17 साल कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था


  • Hindi News
  • National
  • Government Issued Order To Give Permanent Commission Of Women Officers In Army

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

अब तक आर्मी में 14 साल तक शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे चुके पुरुषों को ही स्थाई कमीशन का विकल्प मिल रहा था। (फाइल फोटो)

  • थलसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन पा रहीं महिलाएं अब स्थायी कमीशन ले सकेंगी
  • वायुसेना और नौसेना में महिला अफसरों को पहले से स्थाई कमीशन मिल रहा

आर्मी में महिलाओं को अब बराबरी का हक मिलेगा। सरकार ने उन्हें स्थायी कमीशन देने का आदेश जारी कर दिया है। महिलाओं को सेना की सभी 10 स्ट्रीम- आर्मी एयर डिफेंस, सिग्नल, इंजीनियर, आर्मी एविएशन, इलेक्ट्रोनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर, आर्मी सर्विस कॉर्प, इंटेलीजेंस कॉर्प, जज, एडवोकेट जनरल और एजुकेशनल कॉर्प में परमानेंट कमीशन मिल पाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में आदेश दिया था
17 साल की कानूनी लड़ाई के बाद इस साल फरवरी में थलसेना में महिलाओं को बराबरी का हक मिलने का रास्ता साफ हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि उन सभी महिला अफसरों को 3 महीने के अंदर आर्मी में स्थाई कमीशन दिया जाए, जो इस विकल्प को चुनना चाहती हैं। कोरोना की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने सरकार को एक महीने का वक्त और दे दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले आर्मी में 14 साल तक शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में सेवा दे चुके पुरुषों को ही स्थाई कमीशन का विकल्प मिल रहा था, लेकिन महिलाओं को यह हक नहीं था। दूसरी ओर वायुसेना और नौसेना में महिला अफसरों को स्थाई कमीशन पहले से मिल रहा है।

आर्मी में महिलाओं को स्थायी कमीशन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं…

1. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार मानसिकता बदले और सेना में 3 महीने के अंदर महिला अफसरों को स्थाई कमीशन दे

2. सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन: 2010 में ही जीत गई थीं, हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक उनके पक्ष में, सरकारें 10 साल खिलाफ रहीं

0

Leave a Reply