Govt approves military procurement worth Rs 8,722 cr including 106 basic trainer aircraft for IAF | वायुसेना के लिए 106 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट समेत 8,722 करोड़ की मिलिट्री खरीद को मंजूरी, यूएवी अप्रग्रेडेशन में आएगी तेजी

Govt approves military procurement worth Rs 8,722 cr including 106 basic trainer aircraft for IAF | वायुसेना के लिए 106 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट समेत 8,722 करोड़ की मिलिट्री खरीद को मंजूरी, यूएवी अप्रग्रेडेशन में आएगी तेजी


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नई दिल्ली41 मिनट पहले

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एचटीटी -40 नाम के बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से खरीदा जाएगा। (फाइल फोटो)

  • एचटीटी-40 नाम के बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से खरीदा जाएगा
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक, डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत पर रहा फोकस

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 8,722 करोड़ रुपए की मिलिट्री खरीद को मंजूरी दे दी है। इसमें वायुसेना के लिए 106 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं। अधिकारियों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचटीटी- 40 नाम के बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से खरीदा जाएगा।

इस प्रपोजल को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) से मंजूरी मिल गई है। मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।

एके-203 राइफल की खरीदी में आएगी तेजी
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि डीएसी से मंजूरी मिलने के बाद अब एके-203 राइफल की खरीदी और अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) के अपग्रेडेशन में तेजी आएगी। यूएवी अपग्रेड प्रोजेक्ट के तहत सरकार उनमें लेजर-गाइडेड बम और प्रिसिशन-गाइडेड म्यूनिशन जोड़ने की तैयारी में है।

बेसिक एयरक्राफ्ट जेट की खरीदी के बारे में बताया गया कि एचएएल के एचटीटी -40 विमानों के लिए सर्टिफिकेशन प्रोसेस चल रही है। सर्टिफिकेशन के बाद शुरुआत में 70 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट एचएएल से खरीदे जाएंगे। बचे 36 को वायुसेना में एचटीटी-40 के संचालन के बाद लिया जाएगा।

सुपर रैपिड गन माउंट के अपग्रेड वर्जन को मंजूरी
इसमें कहा गया कि डीएसी ने सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) के अपग्रेड वर्जन की खरीदी को भी मंजूरी दे दी है। इसे इंडियन नेवी और इंडियन कोस्टल गार्ड के वॉरशिप में मेन गन रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

मंत्रालय के मुताबिक, डीएसी ने भारतीय सेना के लिए ‘डिजाइन एंड डेवलपमेंट केस’ के लिए 125 एमएम एपीएफएसडीएस (आर्मर पियर्सिंग फिन स्टैबलाइज्ड डिस्कार्डिंग सबॉट) गोला-बारूद की खरीदी को भी मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि जो गोला-बारूद खरीदा जा रहा है, उसमें 70% स्वदेशी सामान होगी।

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