Guwahati Itanagar Janta Curfew Coronavirus Live | Janta Curfew In Guwahati Assam Imphal Agartala Shillong Hospital BUS Railway Train Latest Today Updates | जिन सड़कों पर कल तक हेवी ट्रैफिक था, वहां आज एक भी गाड़ी नहीं; असम के लोग बोले- ऐसा कर्फ्यू पहली बार दिखा


  • असम की राजधानी गुवाहाटी की जीएस रोड हमेशा गाड़ियों से भरी रहती थी, आज यहां सुबह से सड़कें सूनी
  • सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों में रविवार को टूरिस्ट स्पॉट बंद, धार्मिक स्थलों पर भी लोगों के आने पर पाबंदी

दैनिक भास्कर

Mar 22, 2020, 06:50 PM IST

गुवाहाटी से अब्दुल गनी और रविशंकर रवि की रिपोर्ट. कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए रविवार को 14 घंटे के लिए बुलाए गए जनता कर्फ्यू का असर देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी दिख रहा है। असम की राजधानी गुवाहाटी समेत राज्य के कई बड़े शहरों और इलाके सूने पड़े हैं। गुवाहाटी की जिस जीएस रोड पर रोज हेवी ट्रैफिक दिखता था, उस रोड पर रविवार को एक भी गाड़ियां नहीं दिखीं। इतना ही नहीं, शहर में सभी बाजार भी बंद हैं। 

गुवाहाटी के फैंसी बाजार में दुकान लगाने वाले इब्राहिम अली कहते हैं “हमें प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करना चाहिए। ये न सिर्फ हमारी हेल्थ बल्कि लाइफ के लिए भी जरूरी है। सिर्फ आज ही नहीं बल्कि अगले कई दिनों तक हमें घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए। आज यहां पूरी तरह से शटडाउन है।’

असम के अलावा बाकी उत्तर-पूर्वी राज्य जैसे- त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश में भी रविवार सुबह से ही लोग घरों में बंद हैं। मेघालय में जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले ही यानी शनिवार से ही सबकुछ बंद हो गया है। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने शनिवार को “कोरोनावायरस अवेयरनेस डे’ के तौर पर बंद बुलाया था।

इसके अलावा, मेघालय, असम और बाकी उत्तर-पूर्वी राज्यों में सभी टूरिस्ट स्पॉट भी बंद कर दिए हैं। धार्मिक स्थलों पर भी लोगों के आने पर रोक लगा दी है। असम के कामाख्या मंदिर को भी टूरिस्ट के लिए बंद कर दिया गया है। 

असम ने कई बंद और कर्फ्यू देखे लेकिन ऐसा जनता कर्फ्यू पहली बार दिखा
गुवाहाटी के स्थानीय लोग बताते हैं कि असम ने बहुत बंद और कर्फ्यू देखे हैं, लेकिन आज जैसा नजारा दशकों बाद देखने को मिला। असम आंदोलन के दौरान जनता कर्फ्यू लागू किया जाता था। आसू के असम बंद के आह्वान पर लोग खुद ही घर से बाहर नहीं निकलते थे। सरकारी कर्फ्यू के दौरान भी सुरक्षाबल लोगों को खदेड़ते दिखते हैं। लेकिन आज के कर्फ्यू में जनता ही सबकुछ थी। मुख्य शहरों के साथ ग्रामीण इलाके में भी सन्नाठा पसरा हुआ है।

गुवाहाटी चिड़ियाघर के बाहरी परिसर में सुबह 7 बजे तक अन्य दिनों की तरह ही लोग टहल रहे थे, लेकिन जैसे ही 7 बजे वैसे ही पांच मिनट के अंदर पूरा इलाका खाली हो गया। परिसर से बाहर निकलते हुए एक शख्स संजय केडिया ने बताया, “इस महामारी को रोकने के लिए अनुशासन जरूरी है।” गुवाहाटी के गणेशगुड़ी इलाके में जनता ही पुलिस की भूमिका में नजर आ रही थी। सड़क पर खड़े कुछ लोग वाहनों को रोककर उनसे सीधे घर जाने का आग्रह करते दिखाई दिए। गांवों में भी इसका असर दिखा। रेशमी कपड़ों के नगर सुआलकुची की प्रीति चौधरी ने बताया कि उनके गांव के लोग आज मवेशियों को भी खेतों में नहीं ले गए।

असम में 4 साल के बच्चे की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई
असम में शनिवार को चार साल के जिस बच्चे को कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। उसकी दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने यह जानकारी दी है। अब तक असम में कोरोना वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।