Hangman Pawan hanged dummy and tried the fourth time, hearing on Rake’s petition on hanging today | जल्लाद पवन ने डमी फांसी देकर चाैथी बार ट्रायल किया, फांसी पर राेक की याचिका पर सुनवाई आज


  • कोर्ट ने 5 मार्च को चाराें गुनहगाराें काे 20 मार्च काे सुबह 5:30 बजे फांसी देने का वारंट जारी किया था
  • एक दोषी मुकेश ने कहा- गैंगरेप के वक्त दिल्ली में नहीं था, जेल में भी मुझे टॉर्चर किया गया

दैनिक भास्कर

Mar 19, 2020, 06:03 AM IST

नई दिल्ली. निर्भया के चार गुनहगाराें में से तीन ने बुधवार काे फांसी पर राेक लगाने की याचिका दायर की है। गुनहगार अक्षय सिंह ठाकुर, विनय शर्मा और पवन गुप्ता की याचिका पर दिल्ली की एडिशनल सेशंस काेर्ट तिहाड़ जेल प्रशासन और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। एडिशनल सेशंस जज धर्मेंद्र राणा ने कहा कि वह गुरुवार काे सुनवाई करेंगे।

दिल्ली हाईकाेर्ट ने गुनहगार मुकेश सिंह की याचिका पर फैसला भी सुरक्षित रख लिया है। हाईकाेर्ट गुरुवार काे फैसला सुनाएगा। इधर, जल्लाद पवन ने तिहाड़ में अधिकारियाें के साथ बुधवार काे डमी काे फांसी देकर ट्रायल किया। यह चाैथी बार है, जब निर्भया के चाराें गुनहगाराें काे फांसी देने के लिए ट्रायल किया गया। चाराें गुनहगाराें काे शनिवार काे सुबह 5:30 बजे फांसी देने का वॉरंट निचली काेर्ट ने 5 मार्च काे जारी किया था।

मुकेश ने कहा- गैंगरेप के वक्त दिल्ली में नहीं था
चार में से एक दोषी मुकेश सिंह ने बुधवार को वकील के जरिए दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दायर की। इसमें कहा गया है कि गैंगरेप वाली रात मुकेश दिल्ली में ही नहीं था। मुकेश के वकील एमएल शर्मा ने ट्रायल कोर्ट में अपील दायर की। कहा, “मेरे मुवक्किल को 17 दिसंबर को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। गैंगरेप के वक्त वो घटनास्थल पर ही नहीं था। जेल में उसे टॉर्चर भी किया गया।” 

16 दिसंबर 2012: 6 दोषियों ने निर्भया से दरिंदगी की थी
दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से 16 दिसंबर 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों…राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है।