Impact of Covid-19 on National education policy, new chapter related to online education added, this chapter was not in the draft released last year. | ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़ा एक नया चैप्टर जोड़ा गया, पिछले साल जारी किए गए ड्राफ्ट में यह चैप्टर नहीं था

Impact of Covid-19 on National education policy, new chapter related to online education added, this chapter was not in the draft released last year. | ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़ा एक नया चैप्टर जोड़ा गया, पिछले साल जारी किए गए ड्राफ्ट में यह चैप्टर नहीं था


  • Hindi News
  • Career
  • Impact Of Covid 19 On National Education Policy, New Chapter Related To Online Education Added, This Chapter Was Not In The Draft Released Last Year.

42 मिनट पहलेलेखक: सिद्धार्थ सराठे

  • कॉपी लिंक
  • टेलीविजन और कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से भी कराई जाएगी पढ़ाई
  • पहले से उपलब्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को और ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाया जाएगा

केंद्र सरकार ने बुधवार को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी। देश की शिक्षा नीति में 34 सालों बाद यह बदलाव हुआ है। इसमें प्राइमरी एजुकेशन से लेकर रिसर्च लेवल तक के बदलाव शामिल हैं।

अब तक यही समझा जा रहा है कि 2020 में आई नई शिक्षा नीति पूरी तरह 2019 में आए ड्राफ्ट के आधार पर ही तैयार की गई है। लेकिन, यह पूरी तरह सही नहीं है। नई शिक्षा नीति पर कोविड-19 महामारी का भी असर हुआ है। ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़ा एक नया चैप्टर साल 2020 में ही जोड़ा गया है।

2019 के ड्राफ्ट में कुल 23 चैप्टर थे। जबकि बुधवार को जारी की गई नई शिक्षा नीति में 24 चैप्टर हैं। यह 24वां चैप्टर है Online and Digital Education: Ensuring Equitable Use of Technology यानी सभी के लिए तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करना।

क्या है इस नए चैप्टर में?

सरकार की तरफ से जारी किए गए नई शिक्षा नीति के आधिकारिक दस्तावेज में इस चैप्टर को लेकर लिखा है: महामारी से उपजी परिस्थितियों से यह पता चला कि शिक्षा के पारंपरिक तरीकों के अलावा हमें नए विकल्पों की भी जरूरत है, इसलिए इसे जोड़ा गया।

नई शिक्षा नीति की ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य आर.एस कुरील कहते हैं: यह चैप्टर ड्राफ्ट में नहीं था। सरकार ने बाद में महामारी से उपजी परिस्थितियों को देखते हुए इसे जोड़ा है। हालांकि, यह बदलाव वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तो सही है ही। इसके भविष्य में भी अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

देश में डिजिटल डिवाइड है

ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर दिए जाने के साथ पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन एजुकेशन का हम पूरी तरह फायदा तब तक नहीं उठा सकते, जब तक देश में डिजिटल डिवाइड है। डिजिटल डिवाइड से सीधा मतलब है अधिकतर लोगों के पास ऑनलाइन एजुकेशन के लिए संसाधन उपलब्ध न होना।

सात चरणों में तैयार होगा ऑनलाइन एजुकेशन का ढांचा

  • ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़े इस नए चैप्टर में सात चरणों के बारे में बताया गया है। जिनके तहत देश में ऑनलाइन एजुकेशन का ढांचा तैयार किया जाएगा।
  • NETF, CIET, NIOS, IGNOU, IITs, NITs के जरिए ऑनलाइन एजुकेशन के पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
  • देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
  • SWAYAM, DIKSHA जैसे ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स को पहले से ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाया जाएगा।
  • डिजिटल कंटेंट का एक बड़ा भंडार तैयार किया जाएगा। जिसमें नए कोर्स-वर्क, लर्निंग गेम्स आदि डेवलप किए जाएंगे।
  • डिजिटल डिवाइड को देखते हुए टेलीविजन, रेडियो और कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से भी ई-लर्निंग कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
  • DIKSHA, SWAYAM और SWAYAMPRABHA जैसे ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए वर्चुअल लैब तैयार होंगे। जिनसे ऑनलाइन ही स्टूडेंट्स प्रैक्टिकल और एक्सपेरिमेंट्स भी कर सकें।
  • टीचर्स को सिखाया जाएगा कि वे किस एक ऑनलाइन एजुकेशन के लिए कंटेंट क्रिएटर बन सकते हैं।

एक्सपर्ट की राय

0

Leave a Reply