In countries of the world that do not have lockdown, daily work is being done like this; Know how there are going from school to train | दुनिया के जिन देशों में लॉकडाउन नहीं, वहां रोज के काम ऐसे हो रहे हैं; जानें वहां स्कूल, ट्रेन कैसे चल रही हैं

In countries of the world that do not have lockdown, daily work is being done like this; Know how there are going from school to train | दुनिया के जिन देशों में लॉकडाउन नहीं, वहां रोज के काम ऐसे हो रहे हैं; जानें वहां स्कूल, ट्रेन कैसे चल रही हैं


  • चीन में बड़ी संख्या में स्कूल खुल चुके हैं, सभी बच्चे मास्क पहनकर आ रहे हैं

  • कक्षा में जाने के लिए तय रास्ते बनाए हैं, क्लास में 30 से ज्यादा बच्चे नहीं बैठ रहे

दैनिक भास्कर

Apr 05, 2020, 07:05 AM IST

नई दिल्ली. देशभर में जारी 21 दिन के लॉकडाउन को लेकर सभी के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या 14 अप्रैल को इसे खत्म कर दिया जाएगा या फिर लॉकडाउन आगे बढ़ेगा। दुनिया के कई देश अब आंशिक लॉकडाउन के साथ या कुछ सावधानियां बरतते हुए स्कूल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, थियेटर, सुपरमार्केट आदि खोल रहे हैं। इनमें अमेरिका जैसे देश भी हैं, जहां संक्रमण अपने चरम पर है। 

सुपरमार्केट: अमेरिका में रिटर्न- एक्सचेंज बंद, ग्राहक सीमित किए

अमेरिका में वॉलमार्ट ने अपने कैश काउंटर्स पर ‘स्नीज गार्ड्स’ लगाए हैं, जो कर्मचारियों को ग्राहकों की छींक से बचाते हैं। टार्गेट ने तीन हफ्तों के लिए सामान रिटर्न या एक्सचेंज करना बंद कर दिया है। लगभग सभी चेन्स ग्राहकों की संख्या सीमित करने के लिए कदम उठा रही हैं।

अमेरिका में वॉलमार्ट के अंदर ‘स्नीज गार्ड्स’ लगाकर काम कर रहे हैं।

स्कूल: चीन में रोज 3 बार छात्रों का बुखार चेक किया जाता है

चीन में बड़ी संख्या में स्कूल खुल चुके हैं। बच्चे मास्क पहनकर आते हैं। कक्षाओं में जाने के लिए तय रास्ते बनाए गए हैं, ताकि गैलरी में बच्चों की भीड़ न हो। कई स्कूलों में मुफ्त मास्क बांटे जा रहे हैं और एक क्लास में 30 से ज्यादा बच्चे नहीं बैठ रहे हैं। दिन में तीन बार बच्चों का तापमान नोट जा रहा है। स्कूल आने वाले शिक्षकों का स्वास्थ्य भी रोजाना चेक किया जा रहा है। कैंटीन और क्लासों को कई बार सैनिटाइज किया जा रहा है। स्कूल बसों को इस तरह कस्टमाइज किया गया है कि बच्चों के बीच कम से कम संपर्क हो और वे संक्रमण की आशंका से बचे

ट्रांसपोर्ट: हॉन्गकॉन्ग में रोबोट ट्रेन की सफाई कर रहे हैं
हॉन्गकॉन्ग में ट्रेनों की सफाई के लिए रोबोट तैनात किए गए हैं। वहीं, ताइवान में 37.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान वाले व्यक्ति को बस-ट्रेन में सफर नहीं करने दिया जा रहा है। प्लेन में यात्रियों को सीट बदलने की इजाजत नहीं है। चीन के वुहान में यात्रियों को मास्क पहनना जरूरी है। क्यूआर कोड के जरिए यात्रियों के रजिस्ट्रेशन चेक किए जा रहे हैं। हर ट्रेन में ‘ट्रेन सेफ्टी क्रू’ है, जो यात्रियों की मदद करता है।

हॉन्गकॉन्ग में इन रोबोट की सहयाता से ट्रेनों की सफाई की जा रही है।

मनोरंजन: आयरलैंड में दर्शकों को एक सीट छोड़कर बैठाया जा रहा

आयरलैंड में कई थियेटर्स में फिल्म देखने वालों को बीच में एक सीट छोड़कर बैठने को कहा जा रहा है। टिकटों की बिक्री भी भी इसे आधार बनाकर कम कर दी गई है। अमेरिका की सबसे बड़ी सिनेमा चेन्स एमसी थियेटर्स और रीगल सिनेमास हर शो के 50 फीसदी टिकट ही बेच रहे हैं। कई देशों में फिल्म शोज के बीच लंबा गैप रखा जा रहा है, ताकि हर शो के बाद थियेटर साफ करने का पर्याप्त समय मिले। जर्मनी सहित कई देशों में ड्राइव इन थियेटर्स बढ़े हैं, जहां कार में बैठकर खुले मैदान में लगे बड़े पर्दे पर फिल्म देखी जा रही है।

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