In the morning, preparations were made to celebrate Madhavraj Scindia’s birth anniversary in a big way, if the events changed, locks were removed, Jyotiraditya’s name plate was also removed. | 22 इस्तीफों के बाद नाथ का दावा- बेंगलुरु गए विधायक संपर्क में; कोई संकट नहीं, हम बहुमत साबित करेंगे


  • कांग्रेस ने कहा- विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बनाकर रखा गया है, सभी से हमारा संपर्क बना हुआ है
  • कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह बोले- अगर जरूरत पड़ती है तो कांग्रेस लड़ाई लड़ने को तैयार है
  • भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर दोपहर बाद से सन्नाटा, एनएसयूआई ने सिंधिया का पुतला जलाया

नवीन मिश्रा

Mar 11, 2020, 08:54 AM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश में मंगलवार को जारी दिनभर की राजनीतिक उठापटक के बाद शाम छह बजे मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जो शाम 7.30 बजे खत्म हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और पार्टी नेताओं ने दावा किया कि निराश होने और घबराने की बात नहीं है। कांग्रेस विधानसभा में बहुमत साबित करेगी। 22 इस्तीफों के बाद कांग्रेस के पास अब 99 विधायकों का संख्या बल है। लेकिन, विधायक दल की बैठक में केवल 94 विधायक पहुंचे, इनमें 4 निर्दलीय भी शामिल थे। बसपा 2, सपा के 1 विधायक के अलावा कांग्रेस के 2 अन्य विधायक भी बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद कमलनाथ ने कहा कि सरकार पर संकट नहीं है। इसी बीच, कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और डॉ. गोविंद सिंह बेंगलुरु रवाना हुए। वे 19 बागी विधायकों में से कुछ के साथ मुलाकात करेंगे ताकि वे उन्हें पार्टी में लौटने के लिए मना सकें। कांग्रेस ने कर्नाटक के बड़े नेता डीके शिवकुमार को भी विधायकों को वापस लाने की जिम्मेदारी दी है। उधर, कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, हरीश रावत और दीपक बावरिया भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं। ये तीनों देर रात पहुंचेंगे।

विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस के 3 दावे

पहला: सरकार चलेगी, चिंता की बात नहीं
कमनलाथ ने बैठक के बाद कहा- हम निराश नहीं हैं, क्योंकि हमने 1977 का दौर भी देखा है। तब इंदिराजी भी चुनाव हार गई थीं। कांग्रेस पर संकट का दौर था। ऐसा लगता था कांग्रेस दोबारा वापस खड़ी नहीं हो पाएगी, लेकिन कांग्रेस और मजबूती के साथ दोबारा खड़ी हुई। हमारे विधायकों को बेंगलुरु में कैद करके रखा गया है। वे मेरे संपर्क में हैं। यदि वे स्वतंत्र होते तो उन्हें बेंगलुरु में क्यों रखा है? उन्हें भोपाल लाएं। सरकार चलेगी। चिंता की कोई बात नहीं है।

दूसरा: कांग्रेस विधानसभा में बहुमत साबित करेगी
कांग्रेस से 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी की विधायक दल की बैठक से 26 विधायक गायब रहे। इसके बावजूद बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हम बहुमत साबित करेंगे। बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। विधानसभा में कांग्रेस बहुमत साबित करेगी। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कांग्रेस लड़ाई लड़ने को तैयार है। हमारे पास 94 विधायक हैं। कोई भी पार्टी का मनोबल नहीं तोड़ सकता। जितने लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उपचुनाव में वे जीतकर नहीं आ पाएंगे।

तीसरा: सिंधिया को राज्यसभा सीट के लिए विधायक बेंगलुरु गए थे
कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने दावा किया- बेंगलुरु जाने वाले विधायकों की मांग थी कि सिंधियाजी को राज्यसभा भेजा जाए। जब इन सभी को पता चला कि सिंधियाजी भाजपा से जुड़ गए हैं तो ये सभी नाराज हो गए। ये सारे विधायक सभी मुख्यमंत्री कमलनाथ से संपर्क में हैं।

कोई भी पार्टी का मनोबल नहीं तोड़ सकता- लक्ष्मण सिंह

उन्होंने कहा- कोई भी व्यक्ति पार्टी का मनोबल नहीं तोड़ सकता। जितने लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उपचुनाव में वे जीतकर नहीं आ पाएंगे। वहीं, प्रवक्ता ओझा ने बताया कि विधायक दल की बैठक अच्छी थी। इसमें सभी कांग्रेसी विधायकों, स्वतंत्र विधायक भी मौजूद थे। हमारे पास पूरे नंबर हैं। हम मिलकर लड़ेंगे।

कांग्रेस कार्यालय पर 14 महीनों बाद सन्नाटा
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर 14 महीनों बाद वीराना छा गया। सुबह तक तो यहां माधवराज सिंधिया की जयंती बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी थी। मगर जैसे ही पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नई दिल्ली में मोदी-शाह से मिलने की खबर आई तो नजारा बदल गया। वहीं, सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाया और आपत्तिजनक नारे भी लगाए।