Jammu and Kashmir: Lists 36 Achievements As Union Territory In one-Year Report Card – जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक साल में हासिल कीं तीन दर्जन उपलब्धियां

Jammu and Kashmir: Lists 36 Achievements As Union Territory In one-Year Report Card – जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक साल में हासिल कीं तीन दर्जन उपलब्धियां


जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक साल में हासिल कीं तीन दर्जन उपलब्धियां

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अपने रिपोर्ट कार्ड में जम्मू और कश्मीर प्रशासन की तीन दर्जन उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया है. पिछले साल 5 अगस्त को राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के रूप में पुनर्गठित होने के बाद यह उपलब्धियां हासिल हुई हैं. NDTV को यह रिपोर्ट कार्ड मिला है.

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रिपोर्ट कार्ड के अनुसार जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अपने युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और नौकरी के अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और भूमि सुधारों के क्षेत्र में प्रगति की है. सूचीबद्ध उपलब्धियों में कुल 25,000 सीटों की पेशकश करने वाले 50 नए डिग्री कॉलेज खुल रहे हैं. 1400 अतिरिक्त मेडिकल/ पैरामेडिकल सीटों, पांच नए नर्सिंग कॉलेजों और एक राज्य कैंसर संस्थान के साथ सात नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है.

जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण विकास सचिव शीतल नंदा ने एनडीटीवी को बताया, “राज्य कर्मचारी आयोग बोर्ड ने अपना भर्ती अभियान शुरू कर दिया है. विज्ञापन प्रत्येक चरण में जारी किए गए हैं और प्रक्रिया हर स्तर पर जारी है.” सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने विभिन्न स्तरों पर युवाओं के लिए 10,000 नौकरियों के अवसरों की घोषणा की है. अब तक विज्ञापन ग्रेड 4 नौकरियों और 1,800 एकाउंटेंट के लिए निकाले गए हैं.

दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक के पावर कॉरिडोर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “लगभग 2,000 खाता सहायकों को पंचायतों की सहायता के लिए भर्ती किया जा रहा है.”

व्यक्तिगत लाभार्थी उन्मुखीकरण योजनाओं के तहत प्रशिक्षण के बाद स्थानीय युवाओं को नियुक्त करना एक बड़ी सफलता है. स्कूल और कॉलेज छोड़ने वालों को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है और 70 प्रतिशत प्रशिक्षित लोगों को मजदूरी दी जाती है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि इस योजना के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 74,000 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया है. जम्मू और कश्मीर में जिला रोजगार और परामर्श केंद्रों के साथ छह लाख लोग पंजीकृत हैं.

ग्रामीण विकास सचिव नंदा ने बताया कि “प्रोजेक्ट हिमायत का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए स्वरोजगार के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है.” गृह मंत्रालय की फैक्टशीट बताती है कि हिमायत के तहत चिकित्सा कर्तव्यों के लिए सहायक स्टाफ के रूप में प्रशिक्षित युवाओं को कोरोनो वायरस महामारी के दौरान अस्पतालों में और एम्बुलेंस ड्यूटी पर तैनात किया गया है.

रियासी के इम्तियाज खान ने कहा, “मैं हिमायत के साथ जुड़ा हुआ हूं. अपना कोर्स करने के दौरान मैं डॉक्टरों के लिए पीपीई किट सिलाई करके भी कमा रहा हूं.” स्कूल जाने वाले बच्चों की नियमित चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने स्टूडेंट हेल्थ कार्ड योजना भी शुरू की है. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पहली बार 8 लाख छात्र इस योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं. सूचीबद्ध एक और उपलब्धि अल्पसंख्यक पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना है जिसने पिछले एक वर्ष में 4,76,670 छात्रों को लाभान्वित किया.

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