Janata Curfew Coronavirus Dainik Bhaskar Ground Report Live Updates: Read Janata Curfew News In Bhopal Raipur Patna Lucknow Varanasi Jalandhar Chandigarh Today News Updates | जनता कर्फ्यू आज, लेकिन एक दिन पहले ही शहरों में सड़कें सूनी, मॉल खाली और दुकानें बंद


दैनिक भास्कर

Mar 22, 2020, 01:06 AM IST

भास्कर न्यूज नेटवर्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 7 से रात 9 बजे के बीच जनता कर्फ्यू की अपील की है, लेकिन शहरों में शनिवार से ही बंद जैसे हालात नजर आ रहे हैं। मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, अस्पताल और सब्जी-दूध की दुकानों को छोड़ दिया जाए तो बाकी लोगों ने खुद अपने मन से ही दुकानें बंद कर लीं। शॉपिंग मॉल भी बंद दिखे। जो खुले थे, वहां भीड़ नहीं थी। देश के 9 शहरों से भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट…

अक्षय बाजपेयी, भोपाल से

भोपाल में ज्यादातर दुकानें शनिवार को ही बंद दिखीं। 

जनता कर्फ्यू तो रविवार को है, लेकिन शहर में शनिवार से ही बंद जैसा माहौल है। दोपहर 3.30 बजे जब हम शहर का माहौल देखने निकले तो ऐसे इलाके भी सूने नजर आए, जहां अक्सर भीड़ जमा होती है। एमपी नगर जोन-1 में विशाल मेगा मार्ट बंद दिखा। गार्ड से पूछा कि आज क्यों बंद कर दिया। उसने बताया कि कलेक्टर साहब आए थे। उन्होंने दोपहर में ही बंद करवा दिया। इसके बाद हम डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस चौराहा से होते हुए दस नंबर मार्केट पहुंचे। यहां भी ज्यादातर दुकानें बंद दिखीं। मेडिकल स्टोर्स, पेट्रोल पंप खुले नजर आए। भाजपा कार्यालय के नजदीक स्थित चाय-पानी की दुकान के संचालक ने बताया कि पुलिस आई थी, उन्होंने तुरंत दुकान बंद करने को कहा। बोले कि, यदि बंद नहीं करोगे तो फिर बाद में जो होगा, उसके जिम्मेदार तुम खुद ही होगे।

 दस नंबर मार्केट में किराने की दुकान पर मिले सतीश मिश्रा ने बताया कि जरूरी सामान आज ही खरीद रहे हैं क्योंकि आज कुछ नहीं मिलेगा। हालांकि, पुराने भोपाल में शनिवार को ज्यादातर दुकानें खुली थीं, लेकिन जितनी भीड़ रोजाना होती है, उतनी भीड़ नहीं थी। ऑटो वाले ग्राहक के इंतजार में खड़े थे। बसें खाली नजर आ रही थीं। जब हम हबीबगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां भी आम दिनों के मुकाबले भीड़ काफी कम थी। जो लोग दिखे उन्होंने मास्क पहन रखा था। हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने वाली दुकानों को भी पुलिस ने दोपहर में ही बंद करवा दिया था। कुल मिलाकर माहौल देखकर ऐसा लगा कि जनता ने शनिवार को ही शहर में जनता कर्फ्यू कर दिया है। 

विष्णु शर्मा, जयपुर से

कोरोना वायरस के चलते रविवार को जनता कर्फ्यू की घोषणा से पहले ही जयपुर में अघोषित जनता कर्फ्यू की स्थिति बन गई। राजधानी में शनिवार सुबह 10 बजे से ही पुलिस थानों की गाड़ियां इलाके के बाजारों में घूमने लगी। पुलिसकर्मी दुकानें बंद करने और भीड़ में इकट्‌ठा नहीं होने के लिए माइक से अनाउंस कर रहे थे। इसके बाद देखते ही देखते हुए बाजार बंद होना शुरू हो गए। दोपहर 3 बजे तक परकोटे के प्रमुख जौहरी बाजार, चौड़ा रास्ता, बापू बाजार, नेहरु बाजार, चांदपोल बाजार, किशनपोल बाजार, हवामहल बाजार रोड सहित कई अन्य प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने दुकानों के शटर गिरा दिए और बंद कर घरों की तरफ रवाना हो गए। इससे वहां सन्नाटा पसर गया। इसी तरह, परकोटे से बाजार शहर के प्रमुख बाजार राजापार्क, आदर्श नगर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर सहित कई अन्य प्रमुख इलाकों की बात करें तो वहां भी बाजार बंद हो गए। बाजारों में पुलिसकर्मी अनाउंस कर रविवार को जनता कर्फ्यू के दिन एहतियात बरतने की बात करते नजर आ रहे थे।

शनिवार को वीक एंड पर जिन पर्यटन स्थलों, मंदिरों और मॉल्स में भीड़ नजर आती थी। वे भी बंद कर दिए गए। वहां तख्तियां लगा दी गई कि कोरोनो वायरस से बचाव की वजह से इन्हें बंद रखा गया है। ऐसे में वहां भी सन्नाटा पसरा नजर आया। अजमेरी गेट, चांदपोल और अन्य बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा था। वहां ना सवारियां नजर आईं और न ही उन्हें ले जाने वाली बसें। इसी तरह, शहर के प्रमुख बस स्टैंड सिंधीकैंप और जयपुर रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या काफी कम नजर आई। वहां सिविल डिफेंस के जवान हाथों में माइक लेकर यात्रियों से अपील करते नजर आए। कमोबेश एक दिन पहले ही पूरा जयपुर शहर जनता कर्फ्यू का असर साफ नजर आया।

विवेक कुमार, पटना से

शनिवार को पटना में बंद सा नजारा दिखा। जिन सड़कों पर गाड़ियों के दबाव के चलते जाम लगता है, उन पर आज गाड़ियां फर्राटा भरती नजर आईं। स्टेशन पर भी आम दिनों के मुकाबले काफी लोग दिखे। ट्रेनें भी खाली रहीं। बोरिंग रोड, पाटलिपुत्रा, डाकबंगला चौराहा और कंकड़बाग जैसे शहर के मुख्य बाजारों में दुकानें तो खुलीं, लेकिन लाेग नदारद रहे। बाजार में करीब आधी दुकानें आज बंद दिखी। कोरोना के डर से लोग घरों से कम निकल रहे हैं, जिसके चलते बाजार सूना है। खेतान सुपर मार्केट में शाम होते ही भीड़ इतनी होती थी कि पैदल चलना मुश्किल होता था। आज मार्केट खाली दिखा। बोरिंग रोड में आम दिनों में शाम को सड़क जाम की स्थिति हो जाती है। शनिवार को इससे उलट नजारा दिखा। कहीं कोई जाम नहीं। सड़कें खाली रहीं। 

लोग बेहद जरूरी काम से घर से बाहर निकले। यही स्थिति डाकबंगला चौराहा और गांधी मैदान इलाके में दिखी। राजेंद्र नगर इलाके में राज्य के दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्र अधिक रहते हैं। कॉलेज और हॉस्टल बंद होने के चलते ज्यादातर छात्र गांव लौट गए हैं, जिसके चलते इस इलाके में सड़कें रहीं। राजीव नगर, बेऊर, रामकृष्ण नगर जैसे स्थानीय बाजार में लोग घरों से बाहर निकले। उन्होंने सब्जी, राशन जैसे जरूरी सामान खरीदे।

सुमन पांडेय, रायपुर से

जय स्तंभ चौक, मालवीय रोड, गोल बाजार, ये वे इलाके हैं, जहां छुट्टियों के दिन भारी भीड़ हुआ करती है, लेकिन शनिवार को यहां सब सुनसान था। चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस घोषणा करती दिखी कि किराना, सब्जी, दूध और दवा दुकानें खुली रहेंगी। बाकी दुकानों को बंद रखा जाएगा। तीसरा शनिवार होने की वजह से सरकारी दफ्तर बंद थे। हालांकि, शाम होते-होते सरकार ने अस्पताल और पुलिस थानों को छोड़ अन्य सभी सरकारी दफ्तर बंद करने का आदेश जारी कर दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 23 से 25 मार्च तक सभी बार, शराब दुकानें और रेस्टोरेंट बंद करने के आदेश जारी कर दिए।

आदित्य तिवारी, लखनऊ से

सड़कों पर सन्‍नाटा था। रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टेशन भी सुनसान थे। यहां तक बड़ी दुकानें, बाजार पूरी तरह से बंद रहे। भीड़ केवल मेडिकल स्टोर और हॉस्पिटल के काउंटर पर दिखी। यहां भी ज्यादातर लोग मास्क खरीदते दिखे। हजरतगंज मार्केट में सुबह से ही सन्नाटा पसरा था। अमीनाबाद, गणेशगंज और पुराने लखनऊ तक के बाजार बंद रहे। गुईन रोड स्थित स्टेशनरी बाजार शुक्रवार की शाम 7 बजे से ही बंद है। चारबाग, गोमतीनगर, ऐशबाग, उतरेटिया, सिटी रेलवे स्टेशन बिल्कुल खाली पड़े थे। वहीं ताज होटल और कनिका कपूर के पार्टी में शामिल होने वाले लोगों के घर सैनिटाइज किए गए। रेलवे स्टेशन पर दफ्तर, टिकट काउंटर, मशीन, गेट आदि को सैनिटाइजर से साफ किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सन्नाटा पेट्रोल पंप पर देखने को मिला। शनिवार को हजरतगंज के भारत पेट्रोलियम के पंप पर जहां लगातार बिक्री होती है, वहां भी सन्नटा था। लखनऊ पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के अनुसार, जहां दो लाख लीटर रोजाना बिक्री होती थी, वहां मौजूदा समय में बिक्री एक से सवा लाख लीटर ही रह गई है। यूपी के सभी पेट्रोल पम्प रविवार को बंद रहेंगे।

मनोज कौशिक, पानीपत से

पानीपत में शनिवार को बंद जैसा नजारा।

जनता कर्फ्यू का असर पानीपत में भी शनिवार से ही देखने को मिला। जब हम शहर का हाल जानने निकले तो पाया कि पानीपत की सबसे बड़ी हैंडलूम मार्केट जहां से देशभर में कंबल और बुनकर उद्योग से जुड़ा सामान भेजा जाता है, वो दोपहर बाद से ही बंद कर दिया गया है। सड़कों पर आम दिनों के मुकाबले ट्रैफिक और लोगों की आवाजाही कम थी। शहर के सबसे व्यस्त चौक लालबत्ती और सनौली रोड पर ट्रैफिक बहुत कम था। बाजार में दुकानें तो खुली रहीं लेकिन ग्राहक नहीं दिखे। रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा है। हालांकि, जिस जगह भीड़ नजर आई, वह थी पानीपत के सनौल रोड पर स्थित मुख्य सब्जी मंडी। यहां लोग शनिवार को भी सब्जी खरीदारी करते नजर आए। सब्जियों के दाम में भी पिछले तीन दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ोतरी हुई है। टमाटर जो तीन दिन पहले 10 रुपये किलो था, वह शनिवार को 30 से 40 रुपये किलो बिका। कुछ इसी तरह के दाम में इजाफा दूसरी सब्जियों व फलों में भी नजर आया। देश के सबसे व्यस्त दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाइवे नंबर-44 पर भी गाड़ियों की संख्या कम दिखी।

ओमप्रताप सिंह, रांची से 

हम सबसे पहले शहर के दिल कहे जाने वाले फिरायालाल चौक पहुंचे। यहां तमाम दुकानें तो खुली दिखीं लेकिन ग्राहक नदारद नजर आए। आम दिनों में यहां काफी भीड़ होती है। फिरायालाल चौक से रांची रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मेन रोड में सन्नाटा दिखा। दुकानदारों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि वायरस के खौफ को लेकर भीड़ काफी कम हो गई है। जो दूसरे शहर के लोग यहां दुकान लगाते थे, वे अपने-अपने शहर चले गए हैं। हम यहां के हैं तो सावधानी बरतते हुए दुकान लगा रहे हैं। रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ा था। रांची रेलवे स्टेशन पर गिने-चुने यात्री ही दिखे। रेलवे ने टिकट काउंटर पर कतार में लगने वाले लोगों के बीच ज्यादा फासला हो, इसके लिए फर्श पर लाल निशान बना दिया गया है। वहीं, रांची स्टेशन पर आने वाली कई ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड़ में कमी देखी गई। अक्सर यात्रियों से भरा रहने वाला जनरल डिब्बा भी रिजर्वेशन बोगी की तरह नजर आया। ऐसा ही कुछ हाल खादगड़ा और कांटाटोली बस स्टैंड का रहा। नागाबाबा खटाल, खादगढ़ा सब्जी मंडी और धुर्वा बाजार में खरीदारी के लिए लोग उमड़ पड़े। देर शाम तक लोगों ने खरीदारी की। इसका फायदा भी सब्जी बेचने वालों ने उठाया। मुंह मांगी कीमत पर सब्जियां बेची।

आरती अग्निहोत्री, चंडीगढ़ से

यहां भी शनिवार से ही कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ज्यादातर सड़कें सुनसान दिखीं। बाजारों में सन्नाटा दिखा। सेक्टर 19,22 और 45 में बाजार बंद हैं। सिर्फ राशन और केमिस्ट की दुकानें खुली दिखीं। हालांकि, अस्पतालों में जरूर भीड़ नजर आई। नगर निगम के कर्मचारी शहर में जगह-जगह सफाई करते नजर आए। अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ देखने को मिली। पार्कों में जहां पर बच्चों और बुजुर्गों हाथ लगाते हैं और निजी संस्थानों में भी रिक्वेस्ट बेस पर सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। धार्मिक संस्थानों को बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। शनिवार को ही तमाम मंदिरों में ताला लगा हुआ दिखा। कुछ में घंटियों को कपड़ों से ढंक दिया गया था। उधर चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने भी सभी से कह दिया है कि राशन, दूध, सब्जी और मेडिकल को छोड़कर अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। लोग कई दिन का राशन एकसाथ लेते नजर आए।

बलराज मोर, जालंधर से

पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद नजर आया। गारमेंट्स और फूड की दुकानें भी बंद थीं। हालांकि, जालंधर में अभी तक कोई भी केस पॉजिटिव नहीं आया है, लेकिन दहशत साफ दिखाई दे रही है। श्रीदेवी तालाब मंदिर समेत महानगर के तमाम बड़े धार्मिक स्थल बंद हैं। कारोबारियों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित जनता कर्फ्यू को पूरा समर्थन दिया है। तकरीबन हर कोई सैनिटाइजेशन पर भी पूरा ध्यान देता दिखा। जालंधर की फूड मार्केट में 50% के करीब गिरावट आई है। हालांकि, कारोबारी इसे घाटे से जोड़कर नहीं देख रहे। कई होटल-रेस्टॉरेंट ऑनर्स का कहना है कि घाटा तो बहुत हो रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संकट से उबरने की कोशिशों के बीच यह अपने आप में बड़ा योगदान भी है। लोग जागरूक दिखाई दे रहे हैं। आते ही खाना किन हालात में बना है, साफ-सफाई के पूरे इंतजाम हैं या नहीं, इस बारे में पूछते हैं। खतरे के मद्देनजर यात्रियों की घटती संख्या के कारण शताब्दी एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनों को रद कर दिया गया है। रद्द रहने वाली ट्रेनों में शताब्दी एक्सप्रेस 12029/30, जनशताब्दी 12053/54, चंडीगढ़ इंटरसिटी 12411/12 और इंटरसिटी नई दिल्ली 12460 भी शामिल हैं, हालांकि जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर भीड़ देखने को मिली। दूसरी ओर, शनिवार को रेलवे स्टेशन पर बेंच, रेलिंग, दरवाजे और उनके हैंडल आदि को सैनिटाइज किया गया।