Kamal Nath MP Floor Test Hearing | Madhya Pradesh Floor Test Supreme Court Hearing Today Latest News Updates Over Former Chief Minister Shivraj Singh, MP Governor Lalji Tandon | भाजपा की फ्लोर टेस्ट की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को नोटिस दिया, कल 10.30 बजे सुनवाई होगी


  • राज्यपाल ने 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था, स्पीकर ने कोरोनावायरस का हवाला देकर 26 मार्च तक सदन की कार्यवाही स्थगित की
  • भाजपा ने जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी, राज्यपाल के सामने 106 विधायकों की परेड भी कराई
  • भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा- कमलनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं, इसलिए उनकी तरफ से कोई सुनवाई में नहीं आया

दैनिक भास्कर

Mar 17, 2020, 12:01 PM IST

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच भाजपा की फ्लोर टेस्ट की मांग पर अब सुप्रीम कोर्ट में बुधवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को नोटिस भी दिया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत 10 विधायकों ने सोमवार को याचिका दायर की थी।

भाजपा की तरफ से पैरवी करने पहुंचे वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा- आज कांग्रेस की ओर से कोई वकील कोर्ट रूम में मौजूद नहीं था। इसलिए अदालत ने बुधवार के लिए नोटिस जारी किया है। कांग्रेस के 22 विधायक पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उनके पास बहुमत नहीं है, इसलिए उनकी तरफ से कोई सुनवाई में भी नहीं आया।

ऐसे केस में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में क्या फैसला दिया?
भाजपा ने याचिका में 1994 के एसआर बोम्मई vs भारत सरकार, 2016 के अरुणाचल प्रदेश, 2019 के शिवसेना vs भारत सरकार जैसे मामलों का जिक्र किया है। इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे में फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था। अरुणाचल प्रदेश के मामले में कोर्ट ने कहा था कि अगर राज्यपाल को लगता है कि मुख्यमंत्री बहुमत खो चुके हैं तो वे फ्लोर टेस्ट का निर्देश देने के लिए स्वतंत्र हैं। 2017 में गोवा से जुड़े एक मामले में फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक और टिप्पणी की- ‘फ्लोर टेस्ट से सारी शंकाएं दूर हो जाएंगी और इसका जो नतीजा आएगा, उससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी विश्वसनीयता मिल जाएगी।’

भाजपा की जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग

भाजपा ने दावा किया है कि कमलनाथ सरकार बहुमत खो चुकी है और कांग्रेस को सरकार चलाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। इस स्थिति में तत्काल विधानसभा फ्लोर टेस्ट कराया जाए। इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को मुख्यमंत्री को दूसरी चिट्ठी लिखकर आज ही बहुमत परीक्षण कराने के निर्देश दिए। कल बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्पीकर ने कोरोनावायरस का हवाला देते हुए विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी थी।

  • इससे पहले राज्यपाल ने 14 मार्च को कमलनाथ से कहा था कि वे 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराएं। हालांकि, रविवार रात कमलनाथ ने उनसे मुलाकात की और बताया कि सोमवार को फ्लोर टेस्ट नहीं होगा। बताया जाता है कि इस बात से राज्यपाल नाराज थे। वे बजट सत्र के पहले दिन अभिभाषण के बाद सिर्फ 12 मिनट में विधानसभा से राजभवन लौट गए थे।
  • राज्यपाल का दूसरा पत्र मिलने के बाद कमलनाथ उनसे मिलने राजभवन पहुंचे थे। इसके बाद कमलनाथ ने कहा- हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन संवैधानिक दायरे में रहकर और यह बात हमने राज्यपाल से कह दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के अल्पमत में होने का दावा कर रही है, अगर ऐसा है तो वे अविश्वास प्रस्ताव लाएं। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमारे 16 विधायकों को बंधक बनाकर रखा है।