Kamal Nath MP Govt Political Drama Live | Madhya Pradesh Government Political Crisis Today News On Congress, BJP MLA, Shivraj Singh Chouhan | होटल से विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद अभी वहीं मौजूद; मंत्री तरुण भनोट ने कहा- कमलनाथ सरकार सुरक्षित


  • कांग्रेस के 85 विधायक रविवार को जयपुर से भोपाल लौटे थे, होटल मैरियट में ठहरे
  • सोमवार को ये विधायक दो बसों से विधानसभा पहुंचे, सदन की कार्यवाही स्थगित हुई

हिमांशु मिश्रा

हिमांशु मिश्रा

Mar 16, 2020, 12:21 PM IST

भोपाल के होटल मैरियट से, जहां कांग्रेस के 85 विधायक रुके हैं. रविवार को जयपुर से भोपाल लौटे कांग्रेस के 85 विधायक होटल मैरियट में ठहरे थे। सोमवार सुबह ये दो बसों से विधानसभा पहुंचे। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई। इसके बावजूद ये विधायक फिलहाल वहीं मौजूद हैं। ये साफ नहीं हो पाया है कि ये विधानसभा से वापस होटल ही जाएंगे या कहीं और। विधानसभा रवाना होने से पहले मंत्री लखन घनघोरिया ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट की संभावना से इनकार कर दिया था।  एक और मंत्री तरुण भनोट ने सरकार का भविष्य सुरक्षित बताया था। कांग्रेस के बड़े नेता इतने सतर्क थे कि उन्होंने कुछ विधायकों की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें वो अपनी गाड़ियों से विधानसभा जाने की मंजूरी चाहते थे। 

भनोट बोले- सरकार सुरक्षित, पांच साल चलेगी

सोमवार सुबह विधानसभा रवाना होने से पहले तरुण भनोट ने भी मीडिया से बातचीत की। कहा, “फ्लोर टेस्ट का सवाल ही नहीं उठता। आखिर, विधानसभा चलाने की जिम्मेदारी तो विधानसभा अध्यक्ष की ही होती है। भाजपा ने हमारे 16 विधायकों को बंधक बनाकर रखा है। वो जोड़तोड़ की राजनीति कर रही है। आज विधानसभा में कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद रहेंगे। हमारी सरकार 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी। उसे कोई खतरा नहीं है।” कुछ विधायकों ने भी विधानसभा रवाना होने से पहले कहा कि जब तक बेंगलुरु में बंधक बनाए गए 16 विधायक नहीं आते, तब तक फ्लोर टेस्ट का कोई सवाल ही नहीं है।

होटल में जाने के लिए पहचान पत्र जरूरी

होटल मैरियट के बाहर और अंदर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। किसी भी अनजान व्यक्ति को होटल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति है, जिनके पास पहचान पत्र हैं। 

रविवार को क्या हुआ?
रविवार को विधानसभा की कार्यसूची जारी होने के बाद सियासी हलचल बढ़ गई थी। कार्यसूची में सिर्फ राज्यपाल के अभिभाषण और धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र किया गया। इसे लेकर राज्यपाल नाराज भी बताए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इसमें कहा गया कि विश्वास मत के दौरान मतों का विभाजन हाथ उठाकर किया जाए। कमलनाथ और टंडन की राजभवन में मुलाकात भी हुई। बाहर निकलने पर कमलनाथ ने कहा था, “फ्लोर टेस्ट पर फैसला स्पीकर एनपी प्रजापति लेंगे। मैंने राज्यपाल को बता दिया है कि मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं, पर पहले बेंगलुरु में बंधक बनाए गए विधायकों को रिहा किया जाए।’’ बहरहाल, सोमवार को फ्लोर टेस्ट नहीं हो पाया।