Karnataka Health Minister who had gathered hundreds of people for distributing food packets fiercely criticized – भोजन के पैकेट बांटने के लिए सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगाने वाले कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री की जमकर हो रही आलोचना


बेंगलुरू :

बेल्लारी में रूपानगुडी रोड पर भोजन के पैकेट बांटने के लिए सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगाने वाले कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलू अपनी ही पार्टी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के निशाने पर आ गए. सामने आए वीडियो में दिखा है कि लॉकडाउन के मद्देनजर श्रीरामुलू जब गरीबों और जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री के पैकेट बांट रहे थे, उस वक्त बड़ी संख्या में लोग एक ही जगह जमा हो गए और भगदड़ में एक-दूसरे पर गिर पड़े.

मंत्री कुछ लोगों के साथ सड़क किनारे खड़े होकर गरीब लोगों को राहत किट बांट रहे थे. कतार में बुजुर्ग लोग भी खड़े थे. खाद्य सामग्री लेने के लिए जो लोग इकट्ठा थे उनमें से कई ने मास्क या रूमाल आदि से अपना चेहरा भी नहीं ढका था.

कर्नाटक भाजपा प्रवक्ता जी मधुसूदन ने कहा, ‘‘जो भी हुआ, उन्होंने बड़ी गलती की चाहे बेल्लारी में श्रीरामुलू हों या होस्पेट में आनंद सिंह.” उन्होंने कहा कि ये सभी जनप्रतिनिधि दिखाना चाहते थे कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों की सेवा कर रहे हैं.

नियमों का उल्लंघन करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की आलोचना करते हुए मधुसूदन ने कहा कि नेताओं के लिए इस तरह का सस्ता प्रचार पाना एक चलन सा बन गया है . उन्होंने श्रीरामुलू को सलाह दी कि सार्वजनिक स्थान पर जमावड़ा लगाने के बजाए उन्हें घर पर ही सामान पहुंचा देना चाहिए.

कांग्रेस प्रवक्ता के ई राधाकृष्ण ने कहा कि नियमों के उल्ल्ंघन के लिए मामला दर्ज होना चाहिए . देश में वीवीआईपी संस्कृति की आलोचना करते हुए राधाकृष्ण ने कहा कि जब देश ऐसे संकट का सामना कर रहा है, लोग धूम-धड़ाके से शादियों और जन्मदिन का आयोजन कर रहे हैं. 

इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य वितरण मेला का भी आयोजन किया. बहरहाल, बेल्लारी में संवाददाताओं से बात करते हुए श्रीरामुलू ने माना कि सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने के कारण राज्य में अचानक से मामले बढ़े हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जरूरी है कि लोग लॉकडाउन का समर्थन करें. ”

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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