Kerala Coronavirus (COVID-19) Janta Curfew Live | Kerala Coronavirus Cases Death Toll Count Numbers Today Updates | आज कई लोगों की शादी थी, लेकिन तारीखें आगे बढ़ गईं; शहरों में सन्नाटा रहा, 5 बजते ही थालियों और तालियों की आवाजें गूंजने लगी


  • प्रधानमंत्री मोदी ने आज देशभर में जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी इस कदम का स्वागत किया
  • 30 जनवरी को केरल में कोरोनावायरस का पहला केस कन्फर्म हुआ था, उसके बाद से अब तक 52 संक्रमित आ चुके हैं

दैनिक भास्कर

Mar 22, 2020, 09:30 PM IST

कोझिकोड से पूजा नायर और कोच्चि से के. पीटर की रिपोर्ट. केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 380 किमी दूर पड़ता है कोझिकोड। करीब 4.5 लाख लोगों की आबादी वाले कोझिकोड में सैंड्रा और प्रेम भी रहते हैं। सैंड्रा और प्रेम की 2018 में सगाई हुई थी और 22 मार्च को दोनों की शादी थी। लेकिन कोरोनावायरस की वजह से शादी की तारीख आगे बढ़ गई। जिस दिन दोनों की शादी होनी थी, उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने जनता कर्फ्यू भी बुलाया है। इससे सैंड्रा और प्रेम ने आज का दिन एकसाथ बिताने का फैसला लिया। सैंड्रा कहती हैं, “इस समय हम कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। इसलिए हमारी शादी अभी इतनी जरूरी नहीं है।’ सैंड्रा कहती हैं कि भले ही आज हम शादी नहीं कर सकते, लेकिन हम आज के दिन साथ तो रह ही सकते हैं।

केरल में सिर्फ सैंड्रा और प्रेम ही नहीं हैं, जिन्हें कोरोनावायरस की वजह से अपनी शादी की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी है। और भी कई लोग थे, जिनकी 22 मार्च को शादी होनी थी, लेकिन जनता कर्फ्यू की वजह से नहीं हो पाएगी। राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, सभी लोग जनता कर्फ्यू का समर्थन कर रहे हैं। इस वजह से रविवार को सारी दुकानें, सड़कें, होटल, रेस्टोरेंट और टेक्सटाइल यूनिट बंद हैं। इसके साथ ही केरल के पिशारिकावु, पोइलकावु और लोकनरकावु जैसे बड़े मंदिरों में 22 मार्च से वार्षिक उत्सव शुरू होने थे, लेकिन इन्हें भी रद्द कर दिया गया है। 200 साल में ये पहली बार है जब मंदिरों में वार्षिक उत्सव नहीं मनाए जाएंगे।

मलयालम एक्टर मोहनलाल कहते हैं, “मैं अपने फैमिली के साथ चेन्नई में फंसा हुआ हूं और मेरे पैरेंट्स केरल के एर्नाकुलम में हैं। मेरी मां की तबियत खराब है और वो एर्नाकुलम स्थित घर पर कर्मचारियों के साथ हैं। हमने बाहरी लोगों के आने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। हमने अपने घर में रिश्तेदारों और मेहमानों को भी आने से मना कर दिया है। मेरी मां की तबीयत खराब है और हम किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। हम बाहर भी नहीं जा रहे हैं। सारी चीजें घर पर ही स्टोर हैं। हम एक्स्ट्रा केयर कर रहे हैं, क्योंकि हम बेहद ही गंभीर स्थिति से गुजर रहे हैं। इसके बाद भी कई लोग इसे सीरयसली नहीं ले रहे हैं, जो बहुत ही गलत है। हम सब मिलकर इस मुसीबत का सामना करेंगे।’

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा- केरल के लोग रविवार को जनता कर्फ्यू के समय अपने घर और आसपास की जगह को साफ करें। उन्होंने कहा “ये मेरा सुझाव है कि जनता कर्फ्यू के 14 घंटे का इस्तेमाल अपने घर और आसपास की साफ-सफाई करने में कर सकते हैं। हम इस समय कोविड-19 संक्रमण के बाद एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हमें अपनी खुद की और आसपास की साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।’ मुख्यमंत्री के इस सुझाव के बाद कई लोगों ने अपने घर और आसपास की साफ-सफाई करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर कीं। विजयन ने बताया कि उनके फेसबुक पेज पर ऐसी तस्वीरों की बाढ़ आ गई है।

बाहर से आने वाले लोगों को घर तक आने के लिए बस या ऑटो-रिक्शा भी नहीं मिला।

30 जनवरी को केरल में कोरोनावायरस का पहला केस कन्फर्म हुआ था। उसके बाद से अब तक 52 संक्रमित आ चुके हैं, जिनमें 45 केरल के ही रहने वाले हैं जबकि 7 विदेशी नागरिक हैं। अभी तक राज्य में कोरोनावायरस से मौत का एक भी मामला नहीं आया है। ज्यादातर लोग ठीक भी हुए हैं। हाल ही में केरल में 12 नए मामले सामने आए हैं। ये सभी 12 लोग गल्फ कंट्री से लौटे हैं।

कसरगोड जिले में एकदम से कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद उसके पड़ोसी जिले मंगलुरु ने अपनी बॉर्डर सील कर दी है। कसरगोड में 20 मार्च को एक ही दिन में आधे दर्जन से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। हाल ही में एक व्यक्ति गल्फ कंट्री से 11 मार्च को लौटा था। उसके बाद उसने कझिकोड, पट्टानमथिट्टा, कन्नूर और कसरगोड में कई लोगों से मुलाकात की। इसमें दो विधायक भी थे, जिन्होंने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया है।

रविवार को सिर्फ रेलवे स्टेशनों पर ही लोगों की भीड़ दिखी। इन लोगों को अपने घर तक जाने के लिए कोई बस या ऑटो-रिक्शा भी नहीं मिल रहा है। बैंगलुरु के होरिजन कॉलेज की छात्रा अपर्णा एनपी कहती हैं “मेरे पैरेंट्स को मुझे लेने के लिए स्टेशन आने में ही दो से तीन घंटे लगेंगे। ऐसे हालात की वजह से कोई दोस्त भी मुझे लेने नहीं आ सकता।’

केरल में सरकारी और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बंद रहीं। महज पुलिस की गाड़ियां ही दिखाईं दीं।

रविवार को जनता कर्फ्यू के दिन केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा को छोड़कर सभी मंत्री अपने घर पर हैं। केके शैलजा कहती हैं कि अभी सिचुएशन हमारे कंट्रोल से बाहर हैं क्योंकि लोग सरकार की बात नहीं मान रहे हैं। वे कहती हैं कि अगर लोग हमारा साथ दें तो हम 100% इस चेन को तोड़ने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि  जो भी क्वारैंटाइन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

केरल के तीन बड़े शहरों कोझिकोड, एर्नाकुल और तिरुवनंतपुरम के पब्लिक स्पॉट के बाहर अधिकारियों ने बंद के बोर्ड लगा दिए हैं। इलाकों में पुलिस भी तैनात है। कन्नूर की डॉन बोस्को के फादर बॉबी जॉन बताते हैं कि लोगों के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध है। इसलिए हम यूट्यूब के जरिए प्रेयर मीटिंग करेंगे। ताकि लोग यहां न आए।

केरल में सरकारी और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सुविधाएं बंद रहीं। केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन ने एक दिन के लिए सभी बस सर्विसेज को बंद रखने का आदेश पहले ही जारी कर दिया था। 9 बजे बाद लंबी दूरी की बसें फिर से चलने लगेंगी। कोच्चि में मेट्रो और प्राइवेट बस सर्विस भी आज बंद रही। कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड ने फैसला किया कि वह अपने फेरे घटाएगा और लोगों से जरुरत होने पर ही सफर करने का आग्रह करेगा। 23 मार्च से 28 मार्च तक यहां मेट्रो हर 8 मिनट की बजाय 20 मिनट में आएगी। एर्नाकुलम में भी सभी मेट्रो स्टेशन बंद रहे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दुकानें भी बंद दिखीं।

केरल के सभी बड़े मंदिरों में 31 मार्च तक प्रवेश पूरी तरह से बंद हैं। मस्जिदें भी बंद कर दी गई हैं। चर्च के पादरियों ने भी लोगों को चर्च में न आने के लिए कहा है। शॉपिंग मॉल और सिनेमा घर भी रविवार को बंद रहे।