kerala Woman Travels 2700 Km Across 6 States To Meet Ailing Son In Hospital | केरल की महिला ने जोधपुर में भर्ती बेटे से मिलने 3 दिन में 2700 किमी का सफर किया, बहू के साथ कार से 6 राज्य पार किए


  • केरल की रहने वाली महिला का बेटा बीएसएफ में है, वह इन दिनों जोधपुर में तैनात
  • मांसपेशियों में सूजन के बाद उसे जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया, उसने परिवार से मिलने की इच्छा जताई थी
  • दूसरा मामला ओडिशा के बालासोर जिले का है, यहां मकान मालिक ने कैंसर मरीज को घर में नहीं घुसने दिया

दैनिक भास्कर

Apr 17, 2020, 09:19 AM IST

तिरुवनंतपुरम/भुवनेश्वर. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की सख्ती के बीच केरल की 50 वर्षीय महिला अस्पताल में भर्ती बेटे से मिलने के लिए राजस्थान के जोधपुर पहुंच गई। इसके लिए उसने कार से 6 राज्यों की सीमा पार करते हुए 2 हजार 700 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान गाड़ी में उसके साथ बहू और अन्य रिश्तेदार भी सवार थे। सभी लोग तीन दिन में केरल से राजस्थान पहुंचे।

केरल निवासी सीलम्मा वसन ने न्यूज एजेंसी को बताया कि मेरा बेटा अरुण कुमार (29 साल) बीएसएफ में है। वह इनदिनों जोधपुर में तैनात है। उसे मायोसिटिस (मांसपेशियों की सूजन) की समस्या है, लेकिन अब उसे कुछ आराम मिल रहा है। एम्स के डॉक्टरों ने हमें अरुण की हालत के बारे में बताया तो यहां आने का निश्चय कर लिया। फिर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात होते हुए राजस्थान आ गए। अरुण फरवरी में ही छुट्टी लेकर घर आया था। उसका एक साल का बेटा भी है। 

‘यात्रा के लिए जरूरी पास उपलब्ध कराने वालों का शुक्रिया’

सीलम्मा कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान आने-जाने पर तमाम पाबंदियां लागू हैं। लेकिन ईश्वर की कृपा से हम लोग बिना किसी परेशानी के जोधपुर तक पहुंच पाए। इसमें मदद करने के लिए केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमें जरूरी पास उपलब्ध कराए। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने परिवार के लिए एक कैब का इंतजाम किया था।

दूसरी कहानी: कैंसर मरीज अस्पताल से लौटा तो मालिक ने घर में नहीं घुसने दिया
कोरोना संक्रमण के हॉटस्पॉट में शामिल ओडिशा के बालासोर जिले में रहने वाला एक कैंसर मरीज गुरुवार को इलाज के लिए भुवनेश्वर के अस्पताल गया था। आरोप है कि जब वह घर लौटा तो मकान मालिक ने उसे घर के अंदर नहीं आने दिया। इसके बाद मरीज का परिवार रात में करीब 8 घंटे तक घर के बाहर ही खड़ा रहा। फिर उन्होंने एक रिश्तेदार के घर में शरण ली। मामला संज्ञान में आने पर अब प्रशासन मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।