Lab technician was killed on the fourth day of kidnapping; Sanjeet’s friends executed the incident with a female friend | आईपीएस समेत 11 पुलिसवाले सस्पेंड, परिवार का आरोप- 30 लाख रुपए की फिरौती पुलिस के सामने दी, फिर भी बेटा नहीं बचा

Lab technician was killed on the fourth day of kidnapping; Sanjeet’s friends executed the incident with a female friend | आईपीएस समेत 11 पुलिसवाले सस्पेंड, परिवार का आरोप- 30 लाख रुपए की फिरौती पुलिस के सामने दी, फिर भी बेटा नहीं बचा


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कानपुर28 मिनट पहले

यह फोटो संजीत यादव की है। उसने अपने दोस्तों को बताया कि वह खुद की पैथोलॉजी लैब खोलने वाला है। उसने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। यह बात सुनने के बाद ही उसके दोस्तों के मन में लालच आया और उन्होंने संजीत को अगवा करके फिरौती मांगने की साजिश रची।

  • संजीत का 22 जून को अपहरण हुआ था, 29 जून को परिजन के पास फिरौती के लिए फोन आया था
  • इस केस पर सियासत शुरू, प्रियंका, मायावती और अखिलेश ने योगी सरकार पर सवाल उठाए

उत्तर प्रदेश के कानपुर में किडनैपिंग के बाद मर्डर का मामला सामने आया है। एक महीने पहले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण दोस्तों ने ही किया था। इसके बाद हत्या करके उसकी लाश पांडू नदी में फेंक दी थी।इस मामले में एक आईपीएस समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उधर, इस घटना पर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, बसपा प्रमुख मयावती और सपा सांसद अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

गुरुवार को इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। संजीत के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पुलिस की जानकारी में अपहरणकर्ताओं को 30 लाख की फिरौती दी, लेकिन फिर भी उनका बेटा नहीं बचा।

एएसपी समेत 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस केस में पुलिस पर सवाल उठने के बाद कानपुर की एएसपी आईपीएस अपर्णा गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, अपहरण के समय डिप्टी एसपी रहे मनोज गुप्ता, चौकी इंचार्ज राजेश कुमार और 5 कॉन्स्टेबल समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। चौकी इंचार्ज चरणजीत राय पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं।

अब एडीजी करेंगे मामले की जांच करेंगे

अब एडीजी बीपी जोगदंड मामले की जांच करेंगे। वे उन आरोपों की भी जांच करेंगे, जिनमें संजीत के परिजन ने कहा था कि पुलिस के सामने 30 लाख रुपए की फिरौती दी थी। एडीजी को तुरंत कानपुर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने संजीत यादव की हत्या की खबर उसके परिवार को गुरुवार रात को ही दे दी थी।

एक महीने पहले हुआ था अपहरण

शहर के बर्रा इलाके में रहने वाले संजीत का 22 जून को अपहरण किया गया था। 29 जून को उसके परिवार वालों के पास फिरौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपए फिरौती मांगी गई की थी। परिवार ने पुलिस को सूचना दी तो जिस नंबर से फोन आया था उसे सर्विलांस पर लगा दिया गया, लेकिन संजीत या आरोपियों का पता नहीं चल सका।

घर-जेवर बेचकर फिरौती की रकम जुटाई
संजीत के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने घर, जेवर बेचकर और बेटी की शादी के लिए जमा किए पैसे मिलाकर 30 लाख रुपए जुटाए थे। 13 जुलाई को पुलिस के साथ अपहरणकर्ताओं को पैसे देने गए। अपहरणकर्ता पुलिस के सामने से 30 लाख रुपए लेकर चले गए। इसके बाद भी बेटा नहीं मिला तो परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद एसएसपी ने बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत रॉय को सस्पेंड कर दिया था।

संजीत का शव गुरुवार से ही पांडू नदी में तलाशा जा रहा है, लेकिन पुलिस को अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

पैथोलॉजी लैब खोलने की योजना बताना भारी पड़ा
पुलिस के मुताबिक, संजीत के साथ एक लैब में काम कर चुके उसके 2 दोस्त 22 जून को उससे मिले थे। वे संजीत को पास के ढाबे पर खाना खिलाने ले गए। वहां तीनों ने शराब पी। नशे की हालत में संजीत ने दोस्तों को बताया कि मैं खुद पैथोलॉजी खोलने वाला हूं। सभी तैयारियां कर ली हैं। संजीत की बात सुनने के बाद उसे ढाबे से ही अपहरण कर लिया गया। पनकी में रहने वाले कुलदीप ने पूरी साजिश रची। इसमें कुलदीप की गर्लफ्रेंड और कुलदीप के दोस्त ज्ञानेंद्र, रामजी शुक्ला समेत 3 अन्य लोग भी शामिल थे।

बाइक झाड़ियों में छिपाई, ताकि सुराग न मिले
दोस्तों ने संजीत की बाइक रामादेवी में झाड़ियों के बीच छिपाई थी। कुलदीप ने अपनी गर्लफ्रेंड को पत्नी बताकर रतनलाल नगर में किराए का रूम लिया था। संजीत को रतनलाल नगर में रखा था, उसे नींद और नशे का इंजेक्शन देते थे। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती मांगने के लिए सिम कार्ड खरीदे थे। संजीत आरोपियों को पहचानता था, इसलिए पकड़े जाने के डर से उन्होंने 26 जून को उसकी हत्या कर दी थी। एसएसपी दिनेश कुमार के मुताबिक, संजीत का अपहरण करने वालों में उसके 2 खास दोस्त थे।

संजीत की मौत पर सियासत शुरू

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बर्रा थाना क्षेत्र के रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण और फिर उसकी हत्या के मामले को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस, सपा और बसपा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और कानपुर पुलिस के काम करने के तरीकों को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है।

प्रियंका गांधी ने कहा- उप्र में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है

मायावती बोलीं- जंगलराज की एक और घटना

अखिलेश ने कहा- सरकार 50 लाख का मुआवजा दे

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