Madhya Pradesh News In Hindi : 100 BJP MLAs in Graces Resort; The farmer’s son said – no one comes here, no matter what we do | भाजपा के 100 विधायकों की मौजूदगी पर किसानों ने कहा- यहां कोई आए, कोई जाए, हमें फर्क नहीं पड़ता


सुमित पांडेय

सुमित पांडेय

Mar 17, 2020, 09:00 PM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश में जारी सत्ता संघर्ष को लेकर आम लोगों के मन में जिज्ञासा है और सवाल भी। चाय-पान की गुमटी से लेकर ऑटो वाले तक, ये जानने को उत्सुक हैं कि मध्य प्रदेश में आगे क्या होगा? सरकार किसकी बनेगी? वहीं कुछ लोग इससे बेखबर अपने कामकाज में व्यस्त हैं। भोपाल से करीब 60 किमी दूर भोपाल-इंदौर स्टेट हाइवे पर 4 किलोमीटर अंदर ग्रेसेस रिजॉर्ट में बीते 20 घंटे में हलचल पहले से ज्यादा बढ़ गई है। हो भी क्यों न? यहां भाजपा के 100 विधायकों को सोमवार को रात से ठहराया गया है। रिजॉर्ट के सामने एक खेत है। यहां गेहूं की पक चुकी फसल देखने पहुंचे किसान और उनके बेटे का कहना है- इतनी पुलिस और नेताओं का आना-जाना होटल में पहले कभी नहीं देखा।

रिजॉर्ट के सामने ही गेंहू की फसल काट रहे किसान गंगा प्रसाद (60) ने बताया, इस होटल को बने 4 साल हो गए हैं, लेकिन इसके पहले मैंने इतनी भीड़ यहां केवल शादी-ब्याह में देखी है। उसमें भी लोग ज्यादा होते हैं, पुलिस कम ही होती है। इस बार होटल के अंदर और बाहर पुलिस ज्यादा दिख रही है। कुछ दिन पहले एक नेता की बिटिया की शादी थी, उसमें जरूर यहां पर भीड़ हुई थी। उस दौरान सामने वाले खेत में गेंहू की हरी फसल कटवा दी गई थी और उसके बदले उन्हें 20 हजार रुपए मुआवजा भी दिया गया था। इसके बाद किसान हमसे ही पूछने लगे- आप ही बता दीजिए आगे क्या होगा?

गेंहू लादकर ट्रैक्टर में सवार गंगा प्रसाद के बेटे कमल वर्मा (37) ने अपने पिता को टोकते हुए कहा- भाई साहब, रिजॉर्ट में सामान्य दिनों में भी किसी को घुसने की इजाजत नहीं होती। यहां घुसने और घूमने-फिरने के 200 लगते हैं। अगर आप ने वहां कुछ खाया-पिया तो उसके पैसे लगने के बाद 200 रुपए लौटा भी देते हैं। उनके बेटे गबरु (18) ने कहा- यहां कोई आए, कोई जाए। हमें फर्क नहीं पड़ता। हम तो अपना काम कर रहे हैं। पापा ले आए हैं इसलिए आ गए हैं। खेत में गेहूं कट चुका है और उसे ट्रैक्टर से ढोकर ले जा रहे हैं। हां, इतना जरूर जानते हैं कि यहां भाजपा के विधायक कल रात से रुके हुए हैं।

‘किसी की सरकार बने, हमें लेना-देना नहीं’
ग्रेसेस रिजॉर्ट से थोड़ी दूर पर एक दरगाह है। उसके पास चाय की गुमटी पर कुछ पुलिस वाले और ग्रामीण बैठे चर्चा कर रहे हैं। दुकान वाला आकाश आज खुश है, क्योंकि ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। आकाश कहने लगे- प्रदेश में किसी की सरकार बने, हमें इससे ज्यादा लेना-देना नहीं है। ये जरूर है कि दुकान में ग्राहकी बढ़ गई है। आकाश की दुकान में उस वक्त पुलिस के जवान चाय और पोहे का लुफ्त ले रहे थे। उन्हें विदिशा और सीहोर से ड्यूटी पर बुलाया गया है। पुलिस जवान बोला- सरकार किसी की बने, अभी तो परेशानी हमारी है।

भोपाल से सीहोर ग्रेसेस रिजॉर्ट के लिए रवाना हुए तो टैक्सी ड्राइवर प्रभात शर्मा के मन में भी जिज्ञासा थी कि आखिर हफ्तेभर से प्रदेश में चल क्या रहा है। पूछा तो कहने लगे- भाजपा को ऐसा नहीं करना चाहिए था, अगर जनता ने कमलनाथ को चुना था और शिवराज को 15 साल बाद बाहर किया था तो कांग्रेस की सरकार चलने देते। भाजपा गलत कर रही है। अब देखते हैं क्या होता है?

रिजॉर्ट रिहाइशी इलाकों से दूर, इसलिए भाजपा ने इसे चुना
भोपाल-इंदौर स्टेट हाइवे से 5 किलोमीटर अंदर इछावर रोड पर ग्रेसेस रिजॉर्ट में भाजपा ने अपने विधायकों को ठहराया है। यहां पर रखने के पीछे बड़ी वजह रिजॉर्ट का हाइवे पर रिहाइशी इलाकों से काफी दूर होना। भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला इसके को-ओनर हैं। विधायकों को व्यस्त रखने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता रिजॉर्ट में मौजूद हैं। उनके साथ भाजपा को डर है कि उनके विधायक कहीं छिटक न जाएं, इसलिए यहां पर पार्टी के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। वे विधायकों के साथ 24 घंटे ग्रेसेस में ही डेरा जमाए हैं। यहां पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। ग्रेसेस रिजॉर्ट में 50 कमरे बुक किए गए हैं, जिसमें करीब 100 विधायकों को ठहराया गया है। हालांकि कुछ विधायकों को क्रिसेंट रिजॉर्ट में भी ठहराया गया है।