Madhya Pradesh News In Hindi : 16 MLAs resignation letter of Madhya Pradesh have sent their again request to the Speaker | सिंधिया गुट के 16 विधायकों ने 5 दिन में दूसरी बार इस्तीफा भेजा, स्पीकर से कहा- जैसे 6 पर फैसला किया, वैसे ही हम पर विचार करें


  • मध्य प्रदेश विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम खराब, राज्यपाल ने सदन के सचिव को फटकार लगाई
  • विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा- विधायकों की खबरें मिल रही है, पर वे सीधे संपर्क नहीं कर रहे

दैनिक भास्कर

Mar 15, 2020, 07:47 PM IST

भोपाल. ज्योतिरादित्य समर्थक 16 विधायकों ने 5 दिन में दूसरी बार अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को भेजे हैं। इससे पहले प्रजापति ने ज्योतिरादित्य गुट के 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ये सभी 22 विधायक अभी बेंगलुरु में हैं। दूसरी बार इस्तीफा भेजने वाले विधायकों ने स्पीकर से कहा कि जिस तरह आपने 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया है, उसी तरह हम पर भी विचार करें। सदन में फ्लोर टेस्ट को लेकर अभी असमंजस बना हुआ है। एनपी प्रजापति ने कहा कि इस पर सभी को सोमवार को जानकारी मिलेगी। इस बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने सदन का इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम खराब होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सदन के सचिव को फटकार लगाई कि इन व्यवस्थाओं को पहले से सही क्यों नहीं किया गया।

जिन 16 विधायकों ने रविवार को इस्तीफा भेजा, उनका ड्राफ्ट एक जैसा है। सिर्फ हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। अगर इन विधायकों के इस्तीफे भी मंजूर होते हैं तो कांग्रेस के पास कुल 99 विधायकों का समर्थन रह जाएगा। विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 206 हो जाएगी। बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा जरूरी होगा।

फ्लोर टेस्ट पर सवाल काल्पनिक- एनपी प्रजापति

फ्लोर टेस्ट को लेकर स्पीकर प्रजापति से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सवाल ही काल्पनिक है। उन्होंने मीडिया से कहा कि आपको कल ही इस बारे में पता चलेगा। फैसला लेने से पहले मैं आप लोगों को कुछ नहीं बता पाऊंगा। उन्होंने कहा, “मैं लोकतंत्र का संरक्षक हूं। ये आप तय कीजिए कि क्या चल रहा है। जो लोग लोकतंत्र के संरक्षक हैं, उन्हें भी चिंता करनी चाहिए। मैं विधायकों को लेकर चिंतित हूं। विभिन्न माध्यमों से उनके बारे में जानकारी मिल रही है। लेकिन वे मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे।” 

सिंधिया के भाजपा में शामिल होते ही इस्तीफा भेजा, वीडियो भी जारी किया था

10 मार्च को सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के 5 मिनट बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने अपने इस्तीफे दिए थे। इनमें से 19 विधायकों ने अपने इस्तीफे हाथ से लिखकर सीएम को भेजे थे। इनमें से 18 के इस्तीफे महज एक-एक लाइन के थे। इसके बाद इनमें 19 विधायकों ने वीडियो जारी कर सिंधिया के प्रति निष्ठा जाहिर की थी। विधायक इमरती देवी ने कहा था कि अगर सिंधिया कहेंगे तो हम कुएं में भी कूद जाएंगे। रविवार को भी इन विधायकों ने वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि हमने इस्तीफा किसी दबाव में नहीं दिया है।

राज्यपाल ने वोटिंग सिस्टम तुरंत ठीक करवाने के निर्देश दिए
विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन खराब होने की शिकायत पर राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा के प्रमुख सचिव को तलब किया है। राज्यपाल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम तुरंत ठीक कराने को कहा है। उन्होंने सचिव से पूछा कि सिस्टम ठीक नहीं था तो पहले से व्यवस्थाएं ठीक क्यों नहीं की गईं?

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल से मिलकर वोटिंग मशीन खराब होने पर हाथ उठाकर वोटिंग कराने की मांग की है।

बागी विधायक ले सकते हैं सीआरपीएफ की सुरक्षा : गृह मंत्री
गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि बेंगलुरू में मौजूद बागी कांग्रेस विधायकों को अगर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा चाहिए तो मध्यप्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें सुरक्षा देने से पूरी तरह सक्षम है।