Madhya Pradesh News In Hindi : Bhopal Indore Coronavirus Outbreak Live | Corona Virus Cases in MP Bhopal Indore Ujjain Gwalior Khajuraho (COVID-19) Cases Death Toll Latest News and Updates | शहर में लॉकडाउन जैसे हालात, मॉल में एक साथ 50 लोगों को ही एंट्री; अमेरिका से लौटे व्यक्ति को होम आइसोलेशन में भेजा गया


  • कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने कहा- घबराएं नहीं, जनता कर्फ्यू रविवार सुबह 7 से रात 9 बजे तक के लिए है
  • इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, बस-ट्रेनें नहीं चलेंगी; जूनियर डॉक्टर्स ने रुटीन ओपीडी बंद करने की मांग की

दैनिक भास्कर

Mar 22, 2020, 01:09 AM IST

भोपाल.  कोरोनावायरस को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अलर्ट है और यहां लॉकडाउन जैसी स्थिति बन रही है। मॉल्स में 50 ज्यादा लोगों की एक साथ एंट्री पर बैन लगा दिया गया है। जरूरी चीजों की खरीदारी करने पहुंचे सभी लोगों की स्क्रीनिंग के बाद टोकन देकर ही अंदर जाने दिया जा रहा है। इस बीच, भोपाल की मिनाल रेसीडेंसी कॉलोनी में अमेरिका से लौटे एक व्यक्ति के ठहरे होने की जानकारी लोगों ने प्रशासन को दी। लोगों को विदेश से लौटने के बाद उसमें संक्रमण पाए जाने का संदेह था।

स्थानीय लोगों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे संपर्क करके आइसोलेशन में जाने की समझाइश दी, लेकिन उस व्यक्ति ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद गोविंदपुरा एसडीएम मनोज वर्मा ने टीम की मदद से उसे जयप्रकाश चिकित्सालय भेजा। हालांकि वहां उसमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उसे 14 दिन तक घर पर ही आइसोलेशन में रहने को कहा है।

शनिवार को शहर में कुछ दुकानें खुली थीं, लेकिन ग्राहक नदारद रहे।

जूडा ने कहा- रुटीन ओपीडी बंद करा दें
भोपाल-जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेजों में रुटीन ओपीडी को बंद कराने की मांग की है। जूडा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सचेत सक्सेना की तरफ से लिखे गए पत्र में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स और स्टाफ को अच्छी गुणवत्ता की पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर मुहैया कराने के साथ ही स्टाफ का हेल्थ इंश्योरेंस कराने की मांग भी की गई है।

शहर में जनता कर्फ्यू को देखते हुए शनिवार को भी दुकानें जल्दी बंद हो गईं।

कलेक्टर ने कहा- लोग घबराएं नहीं 
भोपाल में शनिवार को हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, किराना स्टोर खुले रहे, लेकिन कोरोनावायरस के अलर्ट के चलते शहर में 22 मार्च को सब कुछ बंद रहेगा। इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहेंगी। नगर निगम की गाड़ियों और पुलिस की डायल-100 व्हीकल के जरिए इसका ऐलान भी कराया गया। भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह व्यवस्था सिर्फ सुबह 7 से रात 9 बजे तक के लिए ही है। इस बीच, शहर में सर्दी, खांसी और जुकाम समेत सामान्य फ्लू के मरीजों की संख्या में 50% की कमी आई है। हमीदिया और जेपी अस्पताल से मिले आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई।

अब तक 53 संदिग्ध मामलों में 37 की रिपोर्ट निगेटिव
प्रदेश भर में 53 संभावित प्रकरणों के सेंपल जांच के लिए पुणे, नागपुर, भोपाल एम्स और एनआईआरटीएच जबलपुर भेजे गए थे। इनमें से 37 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। चार सेंपल जो शुक्रवार को पॉजिटिव पाए गए, वे सभी जबलपुर के हैं। अभी भी 12 लोगों की रिपोर्ट आना शेष है। मध्यप्रदेश में एक हजार से अधिक यात्रियों की पहचान हुई है, जो कोरोना प्रभावित देशों से लौटे हैं। इनमें से लगभग 600 यात्रियों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। इसके अलावा लगभग 400 यात्रियों की निगरानी का काम पूरा हो गया है।

प्रशासन के आदेश के बाद मिठाई की दुकान पर ताला लगा रहा।

ईरान, दुबई से आने वालों के लिए 1000 बेड के आइसोलेशन वार्ड
जिला प्रशासन ने 1000 बेड के आइसोलेशन और क्वारैंटाइन वार्ड शहर के विभिन्न अस्पतालों में बनाए हैं। इनमें से कुछ अस्पताल शहर के बाहरी हिस्सों में है। टीबी हाॅस्पिटल में 150 बिस्तर, गांधी मेडिकल कॉलेज और एम्स में 10-10 बिस्तरों का क्वारेंटाइन वार्ड बना लिया है। कोलार में बंद हो चुके एक निजी मेडिकल कॉलेज के 300 पलंगों के हॉस्पिटल को अधिगृहित कर लिया है। जिला प्रशासन ने गृह मंत्रालय से मिले निर्देर्शों के तहत कोरोना पेशेंट्स के इलाज के लिए यह तैयारी की है।