Madhya Pradesh News In Hindi : Jyotiraditya Scindia Kamal Nath | Jyotiraditya Scindia BJP Rajya Sabha Nomination Today, Kamal Nath Madhya Pradesh Government Crisis Latest News Updates | राज्यपाल से मुलाकात के बाद कमलनाथ बोले- फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं, लेकिन पहले शाह बेंगलुरु में बंधक 22 विधायकों को मुक्त कराएं


  • कमलनाथ ने राज्यपाल को 3 पेज की चिट्ठी सौंपी, भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया
  • भाजपा प्रत्याशी सिंधिया आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करेंगे, 26 मार्च को इसके लिए वोटिंग होगी
  • बेंगलुरु गए 6 विधायकों को आज विस अध्यक्ष के सामने उपस्थित होना है, पटवारी समेत 4 मंत्री उन्हें मनाने गए 

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2020, 12:58 PM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को राज्यपाल लालजी टंडन से करीब एक घंटे तक चर्चा की। कमलनाथ ने राज्यपाल को एक चिट्ठी भी सौंपी। इसमें उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए। साथ ही राज्यपाल से मांग की है वे गृह मंत्री अमित शाह से बेंगलुरु में बंधक विधायकों को मुक्त कराने के लिए कहें। मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं। लेकिन आप 22 विधायकों को कैद कर लें और कहें कि अब फ्लोर टेस्ट कराएं। क्या ये सही है? विधायकों के भोपाल लौटने पर मुख्यमंत्री ने कहा- मैं नहीं जानता कौन आ रहा है कौन जा रहा है।

दूसरी ओर, ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक दोपहर तक भोपाल लौट सकते हैं। इन सभी के सिंधिया के नामांकन के वक्त मौजूद रहने और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने की संभावना है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बेंगलुरु से लौटने वाले विधायकों के कोरोनावायरस से संक्रमण की आशंका जताई और उनके टेस्ट कराने की मांग की है। 10 मार्च को भाजपा में शामिल हुए सिंधिया को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। आज पर्चा दाखिल करने का आखिरी दिन है। भाजपा की ओर से सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया भी नामांकन करेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए 26 मार्च को वोटिंग होगी।

संसदीय कार्यमंत्री ने बजट सत्र स्थगित करने के लिए पत्र लिखा

  • प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए बजट सत्र स्थगित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को पत्र लिखा है। सत्र की शुरुआत 16 मार्च से होनी है। कांग्रेस ने भाजपा को जवाब देने की तैयारी कर ली है। पहला कदम होगा, बेंगलुरु में रखे गए सिंधिया समर्थक विधायक जब तक पेश नहीं होते, तब तक कांग्रेस सदन में फ्लोर टेस्ट के लिए नहीं जाएगी। कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को लेकर भी आश्वस्त है। इस्तीफा स्वीकार करने में समय लगता है तो वह कांग्रेस के पक्ष में होगा। इससे बहुमत में सरकार बनी रहेगी।
  • बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष हंगामा करता है तो स्पीकर सख्त फैसले ले सकते हैं। कांग्रेस बेंगलुरु से विधायकों के आने पर उनके परिजन और क्षेत्र के लोगों को सामने रखेगी, ताकि वे सोचने पर मजबूर हो जाएं कि दोबारा चुनाव में जाते हैं तो क्या दिक्कत आ सकती है? कांग्रेस को लगता है कि भाजपा सिंधिया समर्थक विधायकों को सदन से गैरहाजिर रखना चाहती है। बहरहाल, यदि सिंधिया खेमे के विधायक नहीं आते हैं और इस्तीफा मान्य नहीं होता है तो सदन की कार्रवाई चलती रहेगी।

आज 6 विधायकों को राज्यपाल के सामने हाजिर होना है 
कांग्रेस से बागी होकर बेंगलुरु गए सिंधिया समर्थक विधायकों को विधानसभा ने नोटिस जारी किए हैं। विधानसभा अध्यक्ष इन्हें हाजिर होकर इस्तीफे की सत्यता बताने को कहा है। इस्तीफे स्वेच्छा से दिए गए हैं या किसी दबाव में, व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताना होगा। नोटिस में 6 विधायकों को शुक्रवार को और सात को शनिवार को बुलाया गया है। शुक्रवार को बचे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजे जाएंगे। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं तो इस्तीफा मान्य नहीं होगा। आज सिंधिया समर्थक 6 मंत्रियों को भी बुलाया गया है, जो बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं।

जीतू पटवारी और लाखन सिंह अभी भी बेंगलुरु में

बेंगलुरु के जिस रिसॉर्ट के बाहर गुरुवार दोपहर मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह के साथ एक नाटकीय घटनाक्रम का वीडियो सामने आया। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी और लाखन सिंह समेत मध्य प्रदेश के 4 मंत्री अभी बेंगलुरु में हैं। बताया जा रहा है कि आज कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा विधायकों को बंधक बनाए जाने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं।