Madhya Pradesh News In Hindi : Kamal Nath Government Floor Test; MP Vidhan Sabha Today Latest News On Governor Lalji Tandon, Chief Minister Kamal Nath | भाजपा के 106 विधायकों की परेड के बाद राज्यपाल बोले- मुझे अपने आदेश का पालन करवाना आता है


  • राज्यपाल ने सोमवार को सत्र के पहले दिन फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिया था, स्पीकर ने 26 मार्च तक कार्यवाही स्थगित की
  • रविवार को विधानसभा की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट शामिल नहीं होने पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को तलब किया था

नवीन मिश्रा

नवीन मिश्रा

Mar 16, 2020, 03:53 PM IST

भोपाल. कमलनाथ सरकार रहेगी या जाएगी, इस पर गहमागहमी जारी है। सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने के कुछ देर बाद ही स्पीकर ने सदन की कार्यवाही से 26 मार्च तक स्थगित कर दी। सरकार के इस फैसले से राज्यपाल लालजी टंडन नाराज बताए जा रहे हैं। वे विधानसभा में बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत करने 9 मिनट की देरी से पहुंचे और पूरा अभिभाषण पढ़े बिना 11 मिनट में राजभवन लौट गए। फ्लोर टेस्ट न कराए जाने पर शिवराज सिंह समेत 106 विधायक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल के सामने परेड की। सभी से बात करने के बाद राज्यपाल ने कहा- जब मैंने निर्देश दिए थे तो उसका पालन होना चाहिए था। उन्होंने विधायकों से कहा कि आप निश्चिंत रहिए, जो उचित कार्रवाई होगी, मैं करूंगा। अपने आदेश का पालन करवाना मुझे आता है।

इधर, राज्यपाल के राजभवन आते ही सियासी हलचल बढ़ गई। 20 मिनट बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने वर्तमान घटनाक्रम पर राज्यपाल से करीब एक घंटे चर्चा की। दिग्विजय ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट के लिए हमेशा तैयार हैं। अगर उनके पास बहुमत होता तो वे (भाजपा) सुप्रीम कोर्ट क्यों जाते, वहां भी हम उन्हें करारा जबाव देंगे। इसके बाद भाजपा नेता विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी राजभवन पहुंचे। उनके साथ भाजपा के सभी विधायक भी बसों में आए। राजभवन के आसपास पुलिस का पहरा है। 

इससे पहले रविवार को सरकार की ओर से विधानसभा की कार्यसूची में केवल अभिभाषण को लिए जाने पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को तलब किया था। भाजपा ने सरकार पर संवैधानिक नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बताया कि सभी भाजपा विधायकों ने शिकायत कि है कि कमलनाथ सरकार ने राज्यपाल के निर्देशों की अवहेलना और अवमानना की है।

राज्यपाल बोले- लोकतंत्र को बचाना मेरी जिम्मेदारी
राज्यपाल विधायकों से पूछा- स्वेच्छा से आए हैं? इस पर विधायकों ने एक साथ ‘हां’ में जवाब दिया। राज्यपाल ने पूछा- कोई दबाव तो नहीं? विधायकों ने कहा- बिल्कुल नहीं। राज्यपाल ने कहा- अब लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी मेरी है। आपके अधिकारों का हनन नहीं होगा।’

शिवराज ने कहा- कमलनाथ सरकार मैदान छोड़कर भाग गई
राजभवन से शिवराज ने कहा- कमलनाथ की सरकार अल्पमत में है। बहुमत खो चुकी है। इसलिए राज्यपाल ने सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। बहुमत होता तो सरकर को दिक्कत क्या थी? मुख्यमंत्री जानते हैं कि वे अल्पमत में हैं। सरकार डरकर मैदान छोड़कर भाग गई। कांग्रेस के सिर्फ 92 और भाजपा के 106 विधायक हैं। अब ये निश्चित हो गया है कि बहुमत भाजपा के साथ है। हमने राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड कराई। सरकार के पास कोई अधिकार नहीं बचा है, इसके बाद भी रोज तबादले किए जा रहे हैं। कमलनाथ को अब कोरोना भी नहीं बचा सकता। राज्यपाल ने कहा है कि वे हमारे हितों की रक्षा करेंगे। हम सर्वोच्च न्यायलय में भी गए हैं।

कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट कराने से इनकार किया था
इससे पहले राज्यपाल को सोमवार सुबह 10.50 बजे विधानसभा जाने के लिए निकलना था। इस बीच, कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर फ्लोर टेस्ट नहीं कराने की जानकारी दी, इससे वे नाराज हो गए। राज्यपाल 11.08 बजे तक राजभवन से बाहर नहीं निकले। तब कयास लगाए जाने लगे कि राज्यपाल विधानसभा नहीं जाएंगे। बताया जा रहा है राज्यपाल ने संवैधानिक विशेषज्ञों की सलाह ली और विधानसभा जाने को तैयार हुए। इस बीच, यहां सुरक्षा में तैनात पुलिसबल को खाने के पैकेट बांटे गए, उन्होंने भोजन शुरू ही किया था कि इतने में राज्यपाल के वापस आने की सूचना आ गई। सुरक्षाकर्मी खाना बीच में छोड़कर फिर से मुस्तैद हो गए। राज्यपाल विधानसभा से 11.20 बजे राजभवन में प्रवेश कर गए।

कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट नहीं कराने के लिए पत्र में और यह कहा?

  • भाजपा ने कांग्रेस के कई विधायकों को बंदी बनाकर कर्नाटक पुलिस के नियंत्रण में रखा है। उन्हें अलग-अलग बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। फ्लोर टेस्ट का औचित्य तभी है, जब सभी विधायक बंदिश से बाहर और दबावमुक्त हों।
  • राज्यपाल विधानसभा अध्यक्ष का मार्गदर्शक या परामदर्शदाता नहीं है। राज्यपाल अध्यक्ष से यह अपेक्षा नहीं कर सकता कि अध्यक्ष उस तरीके से सदन में कार्य करे, जो राज्यपाल संवैधानिक दृष्टि से उचित समझता है। राज्यपाल और अध्यक्ष दोनों के अपने स्वतंत्र संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं।
  • विधानसभा राज्यपाल के नीचे काम नहीं करती। कुल मिलाकर राज्यपाल विधानसभा के लोकपाल की तरह काम कर सकते हैं।

राज्यपाल ने रविवार देर रात हाथ उठाकर वोटिंग का निर्देश दिया था

रविवार को राज्‍यपाल ने विधानसभा अध्‍यक्ष और सरकार को निर्देश दिया था कि 16 मार्च को अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्‍ट करवाएं। लेकिन, सरकार की ओर से विधानसभा की कार्यसूची में केवल अभिभाषण को लिया गया। इस पर देर शाम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल से मुलाकात की। विरोध के तौर पर ज्ञापन दिया है। राज्‍यपाल ने आश्‍वासन दिया था कि वे नियमों के तहत इस पर निर्णय लेंगे।

राजभवन का घटनाक्रम

  • 1.45 PM: भाजपा विधायकों की दोनों बसें यहां से रवाना।
  • 12.30 AM: भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा राजभवन पहुंचे। उनके साथ सभी पार्टी विधायक भी आए।

  • 11.40 AM: दिग्विजय सिंह राजभवन में राज्यपाल से मिलने पहुंचे।

  • 11.20 AM: राज्यपाल विधानसभा से वापस राजभवन लौटे।

  • 11.15 AM: एक लाइन अभिभाषण पढ़ी और बाहर निकले।

  • 11.13 AM: विधानसभा पहुंचे। राष्ट्रगान शुरू हुआ।

  • 11.09 AM: राज्यपाल विधानसभा जाने के लिए निकले।

  • 10.50 AM: राजभवन से राज्यपाल का विधानसभा जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।