Madhya Pradesh News In Hindi : MP political crisis, ground report from banglore, jaipur and gurugram, legislators of madhya pradesh | बेंगलुरु रिसॉर्ट में दोहरी सुरक्षा, यहां ठहरे 20 विधायकों से मोबाइल तक ले लिए


  • भाजपा ने विधायकों को गुड़गांव, कांग्रेस ने जयपुर भेजा; सिंधिया गुट के 20 एमएलए बेंगलुरु में
  • विधायकों ने बेंगलुरु के रिसॉर्ट में टीवी पर एक साथ देखा ज्योतिरादित्य का भोपाल में ग्रैंड वेलकम

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2020, 09:12 AM IST

बेंगलुरु/गुड़गांव/जयपुर. मध्य प्रदेश के 20 बागी विधायकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे मंत्री जीतू पटवारी के विवाद के बाद अब यहां रिसॉर्ट में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। यहां जो विधायक ठहरे हैं, उनसे मोबाइल फोन ले लिए गए हैं। परिजनों से भी बात करने की मनाही है। मनोज चौधरी और अन्य विधायकों को नए रिसॉर्ट में शिफ्ट करने की तैयारी है। कर्नाटक पुलिस विधायकों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने देना चाहती है। इसीलिए सिक्योरिटी का पहरा दोहरा कर दिया गया है। अगले 3 से 4 दिन विधायकों को यहीं रुकना पड़ सकता है। भाजपा सीधे फ्लोर टेस्ट के दिन विधायकों को रवाना करेगी। इसके लिए सीआरपीएफ की 4 टुकड़ियों को तैनात किया जाएगा।

1. बेंगलुरु से शैलेंद्र सिंह चौहान…

टीवी पर विधायकों ने एक साथ देखा सिंधिया का भोपाल में ग्रैंड वेलकम 
सोशल मीडिया पर ये कयास लगाए जाते रहे हैं कि नाराज विधायक सिंधिया के साथ तो हैं, लेकिन भाजपा में नहीं जाएंगे। गुरुवार को भोपाल में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भव्य स्वागत सभी विधायकों ने रेस्तरां में एक साथ बैठकर देखा। सिंधिया के वेलकम को देख कई समर्थक मंत्री झूम उठे।

बिसाहूलाल भी बेंगलुरु पहुंचे
कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए दिग्विजय सिंह समर्थक रहे विधायक बिसाहूलाल सिंह भी गुरुवार की रात को बेंगलुरु पहुंच गए। अब गोल्फ़सायर रिसोर्ट में 20 विधायक ठहरे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सरकार के 4 मंत्री बेंगलुरु में डटे हुए हैं। कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के शिव विहार वाले बंगले पर ऑपरेशन लोटस को फेल करने की रणनीति बनाई जा रही है।

2. गुड़गांव से उमाशंकर…   

विजयवर्गीय और राकेश ने विधायकों का मन टटोला

हरियाणा के गुड़गांव के एक होटल में भाजपा विधायकों को रखा गया है। मप्र की सियासी उथल-पुथल के बीच हो रही इस किलेबंदी की पूरी निगरानी भाजपा हाईकमान ने अपने हाथ में ले रखी है। साथ ही जिम्मा मप्र के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को सौंपा है। दिन में एक बार दिल्ली से मप्र के एक राष्ट्रीय नेता और राकेश सिंह होटल पहुंचते हैं और करीब दो घंटे साथ रहकर यह टोह ले लेते हैं कि वे मप्र सरकार के बनने-बिगड़ने के दौरान हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर क्या सोच रखते हैं। गुरुवार को पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी राकेश सिंह के साथ रहे। सभी विधायकों से बात की।

मप्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा दफ्तर पहुंचने और राज्यसभा का नामांकन दाखिल करने के कारण नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भोपाल आ गए, जबकि हटा से भाजपा विधायक पीएल तंतुवाय की माताजी का निधन होने के कारण वे हरियाणा से लौट रहे हैं। इसके अलावा सभी भाजपा विधायक पूरा समय कविता, गाने और हंसी मजाक में निकाल रहे हैं। किसी भी विधायक के पास मोबाइल नहीं छोड़ा गया है। जरूरत पड़ने पर उपयोग हो रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान और अनिल जैन विधायकों के संबंध में बात कर रहे हैं। गुरुवार को विजयवर्गीय शाम 6:30 बजे राकेश सिंह के साथ होटल पहुंचे। उन्होंने यहां ठहरे पार्टी के 106 विधायकों  के साथ मिलकर दिनभर की राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने हाईकमान द्वारा जारी दिशा निर्देश के संबंध में विधायकों को बताया। विधायकों ने जल्द घर लौटने की बात की, जिस पर विजयवर्गीय ने उन्हें अगले आदेश तक होटल में ही जमे रहने के लिए कहा।
 

3. जयपुर से हर्ष खटाना…  

कांग्रेस विधायकों की नजर भी बेंगलुरु पर

जयपुर के नजदीक 2 रिसॉर्ट में रुके 85 विधायकों की निगाहें बेंगलुरु में रुके 20 विधायकों पर हैं। इसकी वजह बागी विधायक भी एक साथ आ जाए तो सरकार पर वर्तमान संकट टल जाए। दिल्ली से आए वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ बैठे विधायकों ने जैसे ही सामने से आ रहे सुरेंद्र सिंह शेरा को आते देखा तो साथी विधायकों ने एक सुर में बोले देखो-देखो कौन आया, शेर आया शेर आया। वहीं, लॉन में कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने विधायक आरिफ मसूद, हर्ष यादव समेत अन्य विधायकों से चर्चा की।

इधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ की भी के दिन में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत से बात की। बाद में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विधायकों से भी बात की। उल्लेखनीय है कि बुधवार को कांग्रेस पक्ष के 88 विधायकों को विशेष विमान से भोपाल से जयपुर भेजा गया है, जिनमें 4 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। मप्र से तीन और कांग्रेसी विधायक गुरुवार को जयपुर पहुंचे। इनमें जयवर्धन सिंह, सुरेंद्र सिंह बघेल और एक अन्य विधायक शामिल रहे।