Madhya Pradesh News In Hindi : There was no mention of floor test in yesterday’s assembly proceedings, but the governor told the CM – Raise the vote by raising hands during the trust vote | विधानसभा की कल की कार्यवाही में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं, पर राज्यपाल का सीएम को खत- मतों का विभाजन हाथ उठाकर किया जाए


  • बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में केवल राज्यपाल के अभिभाषण और उस पर धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र
  • राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा, विश्वासमत के दौरान वोटिंग का मुद्दा उठाया

दैनिक भास्कर

Mar 15, 2020, 09:56 PM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही का कार्यक्रम रविवार को जारी किया गया। सोमवार को होने वाले कार्यक्रमों की सूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र ही नहीं है। इसमें केवल राज्यपाल के अभिभाषण और उस पर धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र किया गया है। इस बीच, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र जारी कर कहा कि विश्वासमत के दौरान मत विभाजन की प्रक्रिया हाथ उठाकर करवाई जाए, किसी अन्य तरीके से नहीं।

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच कमलनाथ सरकार को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट से गुजरने के आदेश शनिवार आधी रात राज्यपाल लालजी टंडन ने जारी किए थे। इसके मुताबिक, सोमवार से शुरू होने वाले बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद ही विधानसभा में विश्वास मत पर वोटिंग होगी। आदेश में कहा गया है कि मतदान सिर्फ बटन दबाकर होगा। यह प्रक्रिया इसी दिन पूरी होगी और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

वोटिंग सिस्टम खराब होने पर राज्यपाल नाराज
राज्यपाल लालजी टंडन ने सदन का इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम खराब होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सदन के सचिव को फटकार लगाई कि इन व्यवस्थाओं को पहले से सही क्यों नहीं किया गया? टंडन ने विधानसभा के प्रमुख सचिव को तलब किया था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम तुरंत ठीक कराने को कहा। राज्यपाल ने सचिव से पूछा कि सिस्टम ठीक नहीं था तो पहले से व्यवस्थाएं ठीक क्यों नहीं की गईं? नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल से मिलकर वोटिंग मशीन खराब होने पर हाथ उठाकर वोटिंग कराने की मांग की है।

विधायकों ने 5 दिन में दूसरी बार भेजे इस्तीफे
ज्योतिरादित्य समर्थक 16 विधायकों ने 5 दिन में दूसरी बार अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को भेजे हैं। इससे पहले प्रजापति ने ज्योतिरादित्य गुट के 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ये सभी 22 विधायक अभी बेंगलुरु में हैं। दूसरी बार इस्तीफा भेजने वाले विधायकों ने स्पीकर से कहा कि जिस तरह आपने 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया है, उसी तरह हमारे इस्तीपों पर भी विचार करें।

विधायकों की खबर मिल रही, वे सीधे मुझसे संपर्क नहीं कर रहे: स्पीकर
फ्लोर टेस्ट को लेकर स्पीकर प्रजापति से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सवाल ही काल्पनिक है। उन्होंने मीडिया से कहा कि आपको कल ही इस बारे में पता चलेगा। फैसला लेने से पहले मैं आप लोगों को कुछ नहीं बता पाऊंगा। उन्होंने कहा, “मैं लोकतंत्र का संरक्षक हूं। ये आप तय कीजिए कि क्या चल रहा है। जो लोग लोकतंत्र के संरक्षक हैं, उन्हें भी चिंता करनी चाहिए। मैं विधायकों को लेकर चिंतित हूं। विभिन्न माध्यमों से उनके बारे में जानकारी मिल रही है। लेकिन वे मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे।”