Mahinda Rajapaksa Sri Lanka China | Mahinda Rajapaksa sworn in as Sri Lanka Prime Minister younger brother and President Gotabaya also Present China Said we happy. | महिंदा राजपक्षे चौथी बार प्रधानमंत्री बने, छोटे भाई और राष्ट्रपति गोतबाया ने मंदिर में दिलाई शपथ; चीन ने कहा- हम बेहद खुश


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कोलम्बो28 मिनट पहले

प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद महिंदा राजपक्षे (बाएं)। उनके सामने राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे हैं। गोतबाया महिंदा के छोटे भाई हैं। शपथ के बाद राष्ट्रपति गोतबाया ने प्रधानमंत्री महिंदा के पैर भी छुए।

  • श्रीलंका संसदीय चुनाव के नतीजों की घोषणा दो दिन पहले की गई थी
  • राजपक्षे ब्रदर्स की एसएलपीपी ने 225 ने अकेले 145 सीटें जीतीं

महिंदा राजपक्षे चौथी बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री बन गए हैं। रविवार को राजधानी कोलम्बो के ऐतिहासिक राजामहा विचार्या बौद्ध मंदिर में 74 साल के महिंदा ने शपथ ग्रहण की। महिंदा को शपथ उनसे तीन साल छोटे भाई और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने दिलाई। वैसे, महिंदा खुद भी पहले राष्ट्रपति रह चुके हैं। शपथ के बाद राष्ट्रपति गोतबाया ने अपने प्रधानमंत्री भाई के चरण स्पर्श भी किए। फिर दोनों गले मिले। श्रीलंका में पांच अगस्त को संसदीय चुनाव हुए थे। राजपक्षे भाइयों की एसएलपीपी ने 225 में से 145 सीटें जीतीं। उनकी सहयोगी पार्टियों ने पांच सीटें हासिल कीं।

सत्ता पर बेहद मजबूत पकड़
पिछले साल नवंबर ने राष्ट्रपति चुनाव में गोतबाया ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। अब संसदीय चुनाव में भी उन्हें भारी बहुमत मिला है। उनकी पार्टी ने चुनाव से पहले कहा था कि अगर दो तिहाई बहुमत मिला तो संविधान में 20वां संशोधन करके राष्ट्रपति के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। महिंदा ने इस चुनाव में अपनी सीट पर 5 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। यह श्रीलंका के चुनावी इतिहास में किसी भी कैंडिडेट की सबसे बड़ी जीत है।

मंदिर में शपथ क्यों
महिंदा ने चुनाव प्रचार के दौरान ही साफ कर दिया था कि अगर उनकी पार्टी और वे खुद चुनाव जीतते हैं और प्रधानमंत्री बनते हैं तो राजामहा विचार्या बौद्ध मंदिर में शपथ ग्रहण करेंगे। श्रीलंका 70 फीसदी लोग बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। माना जाता है कि इन्हीं मतदाताओं को लुभाने के लिए महिंदा ने यह वादा किया था। अब इसे पूरा भी किया है।

चीन ने कहा- हम बेहद खुश
श्रीलंका के चुनाव परिणामों और राजपक्षे ब्रदर्स की पार्टी एसएलपीपी की जीत से चीन बेहद खुश है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को खुलकर इसका इजहार भी किया। एक बयान में कहा गया- हम श्रीलंका के चुनावी नतीजों से बहुत खुश हैं। दोनों देशों के संबंधों को नया विस्तार देने की कोशिश करेंगे। राजपक्षे भाइयों का झुकाव हाल के कुछ साल में भारत से ज्यादा चीन की तरफ देखा गया है।

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